संबलपुर की सुजाता की 'मछली क्रांति'! PM मोदी ने 'मन की बात' में क्यों की तारीफ? जानिए उनकी सफलता की कहानी

Mann Ki Baat: पीएम मोदी ने रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम के दौरान ओडिशा के संबलपुर की सुजाता भूयान के मछली पालन के प्रयासों की सराहना की.
संबलपुर की सुजाता की 'मछली क्रांति'! PM मोदी ने 'मन की बात' में क्यों की तारीफ? जानिए उनकी सफलता की कहानी

मछली पालन कर संबलपुर की सुजाता भुयान बनीं प्रेरणा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Mann Ki Baat: ओडिशा के संबलपुर की एक साधारण गृहिणी ने दिखा दिया है कि अगर इरादे फौलादी हों, तो पानी की लहरों पर भी सफलता की इबारत लिखी जा सकती है. सुजाता भूयान, जिन्होंने हीराकुंड जलाशय में मछली पालन (Fish Farming) के जरिए न केवल अपनी किस्मत बदली, बल्कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की जुबान पर भी उनका नाम है.

रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने सुजाता के 'केज कल्चर' (Cage Culture) मॉडल की सराहना की. आइए जानते हैं एक घरेलू महिला से 'मछली रानी' बनने तक का उनका यह सफर.

सुजाता भुयान की कहानी इतनी खास क्यों है?

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क्योंकि यह दिखाती है कि सही ट्रेनिंग, सरकारी मदद और हिम्मत हो तो एक गृहिणी भी लाखों का बिजनेस खड़ा कर सकती है.

कौन हैं सुजाता भुयान?

सुझाता भुयान ओडिशा के संबलपुर की रहने वाली एक महिला उद्यमी हैं, जिन्होंने मछली पालन में अपनी अलग पहचान बनाई.

'केज कल्चर' क्या है जिसने सुजाता को सफल बनाया?

  • यह मछली पालन की एक आधुनिक तकनीक है.
  • इसमें बड़े जलाशयों के भीतर ही जाल के बड़े-बड़े बक्से (Cages) बनाए जाते हैं.
  • इसमें मछलियां प्राकृतिक पानी में रहती हैं लेकिन उन्हें नियंत्रित तरीके से दाना और सुरक्षा दी जाती है.
  • सुजाता फिलहाल तिलापिया (Tilapia) मछली का पालन कर रही हैं.

शुरुआत कैसे हुई?

  • सुजाता की यात्रा हीराकुंड जलाशय की एक सैर से शुरू हुई.
  • वहां मछुआरों को काम करते देख उन्होंने मत्स्य विभाग से संपर्क किया.
  • 2022 में ट्रेनिंग ली और फिर बैंक से लोन लेकर अपना स्टार्टअप शुरू किया.

क्या चुनौतियां आईं?

शुरुआत आसान नहीं थी. घर संभालना और फिर नियमित रूप से जलाशय जाकर मछलियों की निगरानी करना चुनौतीपूर्ण था. सुजाता बताती हैं कि शुरुआती दौर में लोगों का नजरिया और तकनीकी मुश्किलें थीं, लेकिन समय के साथ सब ठीक होता गया.

कितनी हुई कमाई?

सुजाता ने अपने काम के पहले ही साल में लगभग 6 लाख रुपए कमाए. अब वह कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं. उन्हें राज्य के बाहर के बाजारों में मछली सप्लाई करने के लिए भी पहचान मिली है.

ये कहानी क्यों महत्वपूर्ण है?

  • भारत में ब्लू इकोनॉमी तेजी से बढ़ रही है
  • सरकार मछली पालन को बढ़ावा दे रही है
  • महिलाएं अब इस सेक्टर में तेजी से आ रही हैं

सुजाता की कहानी इस बदलाव का रियल उदाहरण है.

कंक्लूजन

सुजाता भुयान की कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की सफलता नहीं है, यह उस नए भारत की तस्वीर है, जहां छोटे शहरों और गांवों से बड़े बदलाव की शुरुआत हो रही है. अगर इरादा मजबूत हो, तो सीमाएं सिर्फ सोच में होती हैं.

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1. केज कल्चर क्या है?
यह पानी में जाल डालकर मछली पालन की आधुनिक तकनीक है.

Q2. क्या इसमें ज्यादा पैसा लगता है?
नहीं, बैंक लोन और सरकारी मदद से शुरू किया जा सकता है.

Q3. क्या महिलाएं यह कर सकती हैं?
हां, सुजाता इसका उदाहरण हैं.

Q4. कौन सी मछली सबसे लाभदायक है?
तिलापिया, रोहू, कतला जैसी मछलियां लोकप्रिय हैं.

Q5. क्या ट्रेनिंग जरूरी है?
हां, सफल होने के लिए जरूरी है.

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