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PM-KUSUM योजना के नाम पर किसानों से ठगी.
PM Kusum Scheme: देश के करोड़ों किसानों को आत्मनिर्भर बनाने वाली 'प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान' (PM-KUSUM) योजना पर जालसाजों की नजर है. कई फर्जी वेबसाइटे्स और मोबाइल ऐप्स सब्सिडी पर सोलर पंप दिलाने के नाम पर झांसा देकर किसानों को लाखों की चपत लगा रहे हैं. इसे देखते हुए सरकार ने चेतावनी जारी की है कि ऐसी किसी भी अनाधिकृत लिंक पर क्लिक कर आप अपनी गाढ़ी कमाई जोखिम में डाल सकते हैं.
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने किसानों को आगाह करते हुए कहा, पीएम-कुसुम योजना के नाम पर धोखाधड़ी करने वाली वेबसाइटों से सावधान. मंत्रालय के संज्ञान में आया है कि जालसाज कई फर्जी वेबसाइट और मोबाइल ऐप आवेदकों से पीएम-कुसुम के नाम पर किसानों से सोलर पम्प लगाने के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने के साथ रजिस्ट्रेशन फीस और सोलर पंप की कीमत का ऑनलाइन भुगतान करने को कह रहे हैं.
मंत्रालय ने कहा कि इस योजना की एकमात्र आधिकारिक वेबसाइट https://pmkusum.mnre.gov.in/ है.
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इसलिए पीएम-कुसुम योजना के लिए आवेदन करने वाले सभी किसानों को सलाह दी जाती है कि वे धोखाधड़ी करने वाली वेबसाइटों पर न जाएं और कोई भी भुगतान न करें. पीएम-कुसुम योजना को राज्य सरकार के विभागों द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है.
| मुख्य उद्देश्य | कृषि क्षेत्र का डी-डीजलीकरण और किसानों की आय बढ़ाना |
| सरकारी सब्सिडी | कुल लागत का 30% से 50% तक |
| सोलर पंप विकल्प | नए स्टैंडअलोन सोलर पंप और पुराने ग्रिड पंपों का सौरकरण |
| बिजली उत्पादन | बंजर भूमि पर 2MW तक के सोलर प्लांट लगाने की सुविधा |
| अतिरिक्त आय | उत्पादित बिजली को स्थानीय डिस्कॉम को बेचने का अवसर |
योजना की अधिक जानकारी के लिए नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) की आधिकारिक वेबसाइट www.mnre.gov.in पर विजिट करें अथवा टोल फ्री नंबर 1800-180-3333 डायल करें.
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना फार्म सेक्टर को डीजल मुक्त बनाना और किसानों की आय में बढ़ोतरी करने के लिए है. इस योजना के तहत सरकार द्वारा स्टैंडअलोन सोलर पंप लगाने और मौजूदा ग्रिड से जुड़े एग्री पंप्स के सोलराइजेशन की कुल लागत का 30% या 50% तक का सब्सिडी दी जाती है.
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इसके अलावा, किसान इस योजना के तहत अपनी बंजर या परती भूमि पर 2 MW तक के ग्रिड-कनेक्टेड सोलर एनर्जी प्लांट भी लगा सकते हैं और राज्य नियामक द्वारा निर्धारित टैरिफ पर स्थानीय डिस्कॉमको बिजली बेच सकते हैं. यह योजना राज्य सरकार के नामित विभागों द्वारा क्रियान्वित की जा रही है.
Q1. पीएम-कुसुम योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य खेती को डीजल मुक्त बनाना और किसानों की आय बढ़ाना है.
Q2. इस योजना के तहत सरकार कितनी सब्सिडी देती है?
सरकार कृषि पंपों के सोलराइजेशन के लिए कुल लागत का 30% से 50% तक सब्सिडी देती है.
Q3. क्या मैं सोलर प्लांट लगाकर बिजली बेच सकता हूं?
हां, किसान अपनी बंजर या परती भूमि पर 2 MW तक के ग्रिड-कनेक्टेड सोलर प्लांट लगा सकते हैं.
Q4. पीएम-कुसुम योजना की आधिकारिक वेबसाइट क्या है?
इस योजना की एकमात्र आधिकारिक वेबसाइट https://pmkusum.mnre.gov.in/ है.
Q5.क्या आवेदन के लिए कोई रजिस्ट्रेशन फीस देनी होती है?
मंत्रालय ने आगाह किया है कि धोखेबाज वेबसाइटें पंजीकरण शुल्क और पंप की कीमत का ऑनलाइन भुगतान मांग रही हैं.
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