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Subsidy on Solar Pump: खेती के लिए बिजली कनेक्शन का इंतजार कर रहे किसानों के लिए अच्छा अवसर है. राजस्थान सरकार का गंगानगर जिले में 13 हजार सोलर पंप प्लांट (Solar Power Plant) आवंटन का लक्ष्य है. एग्री इलेक्ट्रिसिटी कनेक्शन के अभाव में डीजल इंजन चलित पंप से खेतों में सिंचाई कर रहे किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM KUSUM) स्टैंडअलोन सौलर एनर्जी पम्प परियोजना (कम्पोनेन्ट बी) एक सुनहरा अवसर है. केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे अनुदान का फायदा उठाते हुए सोलर एनर्जी पंप प्लांट लगाने का मौका इस योजना के माध्यम से किसानों को मिल रहा है.
PM KUSUM कम्पोनेन्ट बी के तहत किसानों को 3, 5 और 7.5 HP क्षमता के सोलर पंप प्लांट लगाने पर 60% अनुदान दिया जा रहा है. इसमें 30 फीसदी अनुदान केन्द्रीय मद से जबकि 30 फीसदी राज्य मद से है. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के किसानों को राज्य मद से 45,000 रुपये प्रति किसान प्रति प्लांट अतिरिक्त अनुदान मिलेगा.
सोलर पंप प्लांट की कुल लागत की 40 फीसदी राशि किसान द्वारा खुद वहन की जाती है. किसान अपनी हिस्सा राशि का 30 फीसदी तक बैंक से लोन प्राप्त कर सकते हैं. सोलर एनर्जी पंप प्लांट के लिए भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय से निर्धारित दरों पर अनुबंधित/सूचीबद्ध फर्म द्वारा स्थापित किए जाने पर ही अनुदान देय होगा. आपूर्तिकर्ता फर्म का चयन किसान द्वारा किया जाएगा.
अनुदान राशि का भुगतान उद्यान विभाग द्वारा संबंधित आपूर्तिकर्ता फर्म को दो चरणों में किया जाता है. अनुबंधित फर्म द्वारा सोलर एनर्जी पंप प्लांट किासनें के खेत पर स्थापित किए जाने का सत्यापन कमेटी द्वारा सत्यापन किए जाने के बाद पंप प्लांट की 90 फीसदी (40% किसान हिस्सा और 50% अनुदान राशि) राशि का भुगतान देय होगा. बाकी राशि का भुगतान दूसरे चरण में होगा.
PM KUSUM योजना कंपोनेंट-बी के तहत वर्ष 2023-24 के लिए राज्य के समस्त जिलों में कुल मिलाकर 1 लाख सौर ऊर्जा पंप संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है. सबसे अधिक 15 हजार जयपुर जिले को, इसके बाद 13 हजार श्रीगंगानगर जिले को, 8190 चूरू जिले को और 7-7 हजार सोलर पावर प्लांट लक्ष्य आवंटन हनुमानगढ़ व बीकानेर जिलों को किया गया है.
सौर ऊर्जा पंप संयंत्र (Solar Pump) के लिए किसानों द्वारा राजकिसान साथी पोर्टल पर ई-मित्र या खुद की एसएसओ आईडी से आवेदन किया जा सकता है. पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की ऑनलाइन छंटनी जिला कार्यालयों द्वारा की जाएगी और तकनीकी सर्वे के लिए आवेदन संबधित फर्म को भेजा जाएगा. फर्म द्वारा कृषक के जलस्त्रोत का तकनीकी सर्वे कर सर्वे रिपोर्ट एवं संयंत्र का कोटेशन पोर्टल पर अंकित कर उद्यान विभाग के जिला कार्यालय को ऑनलाइन प्रस्तुत किया जाएगा.
ऑनलाइन आवेदन से पहले किसान सुनिश्चित करें कि उनके पास जनाधार कार्ड, भूमि की जमाबंदी या पासबुक की प्रतिलिपि (भू-स्वामित्व), सिंचाई जल स्त्रोत उपलब्धता और बिजली कनेक्शन नहीं होने का शपथ ऑनलाइन स्वघोषित उपलब्ध है.
योजना में लघु और सीमान्त किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी. किसान के पास न्यूनतम 0.4 हैक्टेयर भूमि का भू-स्वामित्व होना जरूरी है. अधिसूचित अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के जनजाति कृषकों के पास 3 व 5 HP क्षमता के पंप प्लांट के लिए 0.2 हेक्टेयर भूमि का स्वामित्व होना जरूरी है. बिजली कनेक्शन विहिन कृषक जिनके भू-स्वामित्व में सिंचाई हेतु जल संग्रहण ढांचा, डिग्गी, फार्म पौण्ड एवं जलहौज निर्मित हों उन्हें शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा. किसान द्वारा जल स्रोत उपलब्ध होने और डीजल चलित संयंत्र से सिंचाई करने का स्व-घोषित शपथ पत्र भी प्रस्तुत किया जाएगा. पात्र कृषक द्वारा कृषि एवं उद्यानिकी फसलों में सिंचाई के लिए ड्रिप, मिनि स्प्रिंकलर, माइक्रो स्प्रिंकलर प्लांट उपयोग में लेना जरूरी है. बता दें कि PM KUSUM कंपोनेंट बी योजना भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के तत्वाधान में राज्य सरकार के उद्यान विभाग द्वारा क्रियान्वित की जा रही है.