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ये 5 सरकारी स्कीम बदल सकती हैं किसानों की जिंदगी
भारत में किसानों से जुड़ी योजनाओं की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि ज़्यादातर किसान इनसे अनजान हैं या उन्हें पूरी जानकारी नहीं है. जबकि ये योजनाएं सिर्फ कागज़ों में नहीं, बल्कि ज़मीन पर किसानों की आय बढ़ाने, खेती को आधुनिक बनाने और सामाजिक सुरक्षा देने का दम रखती हैं. चलिए आज आपको ऐसी ही 5 सरकारी कृषि योजनाओं के बारे में बताते हैं, जिनके बारे में लगभग 90 फीसदी किसान नहीं जानते हैं.
1- प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PMKMY)
यह योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए चलाई गई है, जिनकी उम्र 18 से 40 साल के बीच है. इस योजना के तहत अगर किसान हर महीने एक छोटी राशि जमा करता है, तो सरकार भी उतनी ही राशि उसमें मिलाती है. जब किसान 60 साल का हो जाता है, तब उसे हर महीने 3,000 रुपए की पेंशन मिलती है. यह योजना उन किसानों के लिए वरदान है जिनके पास बुढ़ापे में आय का कोई निश्चित साधन नहीं होता.
2- प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM Dhan Dhanya Krishi Yojana)
16 जुलाई 2025 को मंजूर की गई यह नई योजना भारत के उन 100 कृषि जिलों पर केंद्रित है, जो उत्पादन और विविधता में पीछे हैं. इस योजना का उद्देश्य ऐसे जिलों में खेती को तकनीक और वित्तीय सहायता के जरिए सशक्त बनाना है. इसके तहत किसानों को बेहतर बीज, प्रशिक्षण, फसल विविधता और कर्ज वितरण में सुविधा दी जाएगी. यह योजना देश के कमजोर कृषि इलाकों में खास बदलाव लाने का प्रयास कर रही है.
3. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)
यह योजना 2016 में शुरू की गई थी. इसका मकसद है प्राकृतिक आपदाओं, कीटों और बीमारियों से फसल को हुए नुकसान पर किसानों को मुआवज़ा देना. किसानों को सिर्फ मामूली प्रीमियम देना होता है और इसके बदले उन्हें पूरे फसल की बीमा सुरक्षा मिलती है. इस योजना के तहत 50 से ज्यादा फसलों को कवर किया जाता है और इसका संचालन अलग-अलग बीमा कंपनियों व बैंकों के माध्यम से किया जाता है.
4. कृषि उड़ान योजना (Krishi UDAN Scheme)
इस योजना को नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) ने शुरू किया है, जिसका मकसद है किसानों की उपज को तेज़ी से और सुरक्षित तरीके से बाजार तक पहुंचाना. खासतौर से पूर्वोत्तर, पहाड़ी और जनजातीय क्षेत्रों के किसानों के लिए यह योजना बहुत मददगार साबित हो रही है. इसके तहत फल, फूल, मछली, पशु उत्पाद और प्रोसेस्ड खाद्य वस्तुएं देशभर के 58 एयरपोर्ट्स के ज़रिए सीधे मंडियों में भेजी जा सकती हैं. इससे किसानों को बेहतर दाम और कम नुकसान मिलता है.
5. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY)
"हर खेत को पानी" और "प्रति बूंद अधिक फसल" जैसे लक्ष्यों के साथ यह योजना 2015 में शुरू हुई थी. इसका उद्देश्य है खेतों तक सिंचाई सुविधा पहुंचाना, जल स्रोतों का निर्माण करना और पानी के बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा देना. इसके तहत ड्रिप इरिगेशन, माइक्रो स्प्रिंकलर, तालाब निर्माण और नहर सुधार जैसे प्रोजेक्ट्स चलाए जाते हैं. यह योजना विशेष रूप से उन किसानों के लिए है जो मानसून पर निर्भर रहते हैं और सिंचाई के अन्य साधनों से वंचित हैं.