Sarkari Yojana: अरहर, खरीफ की प्रमुख दलहनी फसल है. किसानों को दलहन उत्पादन क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार कोशिश कर रही है. इसी कड़ी में, बिहार सरकार प्रदेश में अरहर की खेती से किसानों की कमाई बढ़ाने की तैयारी की है.
1/5कृषि विभाग ने खरीफ सीजन में अरहर प्रोत्साहन योजना (Arhar Incentive Scheme) बनाई है. 12.80 करोड़ रुपये की इस योजना में राज्य के 11 जिलों में खरीफ सीजन में अरहर की खेती कराई जाएगी. इसके लिए सरकार अरहर की खेती (Arhar ki kheti) के लिए बीज खरीदने पर सब्सिडी (Subsidy) दे रही है.
2/5कृषि विभाग के मुताबिक, किसान को अरहर की खेती के लिए बीज पर 80% अनुदान मिलेगा. एक किसान को अधिकतम 2 एकड़ में अरहर की खेती के लिए 16 किलो बीज अनुदानित दर पर मिलेगा. वहीं, एक किलो बीज की कीमत 160 रुपये है. इसमें किसान को प्रति किलो 128 रुपये अनुदान मिलेंगे. यानी किसान को प्रति किलो 32 रुपये की दर से कृषि विभाग के बीज निगम के माध्यम से बीज उपलब्ध कराया जाएगा.
3/5अरहर प्रोत्साहन योजना दक्षिण बिहार के वैसे जिलों के लिए हैं, जहां अपेक्षाकृत कम बारिश होती है. देर से धान की रोपनी करने वाले जिलों में किसानों को अरहर की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. अरहर उत्पादन से किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगी.
4/5अरहर प्रोत्साहन योजना में गया, जहानाबाद अरवल, नवादा, औरंगाबाद, मुंगेर, शेखपुरा, लखीसराय, जमुई, बांका और नालंदा जिला शामिल हैं. किसानों को 10 वर्ष से कम अवधि की अरहर फसल के प्रभेद (प्रमाणित बीज) उपलब्ध कराया जाएगा.
5/5निर्धारित 11 जिलों में 10 हजार क्विंटल अरहर बीज किसानों को उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है. किसानों को प्रखंडों में लाइसेंस प्राप्त बीज विक्रेता के माध्यम से बीज दिलाया जाएगा. योजना का फायदा लेने के लिए किसानों को कृषि विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना है.