Onion Subsidy Yojana: सरकार किसानों की आय में बढ़ोतरी, कृषि उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रभावशाली कदम उठा रही है. इसी क्रम में चालू वित्त वर्ष 2025-26 में प्याज क्षेत्र विस्तार योजना की शुरुआत की गई है. योजना के लिए 2,02,12,500 रुपये की मंजूरी दी गई है. किसान खरीफ सीजन में प्याज की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
1/8खरीफ प्याज का क्षेत्र विस्तार योजना राज्य के 18 जिलों- बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा, गोपालगंज, लखीसराय, मुजफ्फरपुर, नालन्दा, पटना, रोहतास, समस्तीपुर, सारण, शेखपुरा, सीतामढ़ी, सीवान और वैशाली में लागू होगी.
2/8कृषि विभाग का मुख्य उद्देश्य राज्य में खरीफ प्याज के खेती क्षेत्र का विस्तार कर कुल उप्दान और उत्पादकता को बढ़ाना है, ताकि किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिल सके. योजना की पात्रता न्यूनतम 0.25 एकड़ (0.10 हेक्टेयर) और अधिकतम 5 एकड़ (2 हेक्टेयर) भूमि के लिए होगी. गैर-रैयत कृषक एकरारनामा के आधार पर योजना का फायदा ले सकते हैं. एकरारानामा का प्रारूप दिये गये लिंक पर उपलब्ध है, जिसे आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है.
3/8कृषि विभाग की ओर से खरीफ प्याज की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 10 किलो बीज की जरूरत निर्धारित की गई है. बीज का वितरण 2,450 रुपये प्रति किलोग्राम या वास्तविक दर जो भी कम हो कृषि विभाग देगा. बिहार राज्य बीज निगम लिमिटेड के जरिए वितरण होगा.
4/8प्रति हेक्टेयर 24,500 रुपये की अनुमाति लागत पर किसानों को 75% अनुदान दिया जाएगा. प्रति हेक्टेयर अनुमानित इकाई लागत बीज मूल्य सहित 24,500 रुपये पर 75% यानि 18,375 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायतानुदान का प्रावधान है.
5/8इच्छुक किसानों को भूमि स्वामित्व प्रमाण-पत्र/दो वर्ष पहले से अपडेटेड राजस्व रसीद/ऑनलाइन अपडेटेड रसीद/वंशावली/एकरारनामा (विहित प्रपत्र) के आधार पर विधि मान्य भू-स्वामित्व का प्रमाण-पत्र में से कोई एक उपस्थापित करना अनिवार्य होगा. अगर आवेदक का नाम भूमि-स्वामित्व/राजस्व रसीद में स्पष्ट नहीं है, तो भूमि-स्वामित्व/राजस्व रसीद के साथ वंशावली लगाना अनिवार्य होगा.
6/8इच्छुक किसान आवेदन करने से पहले DBT में पंजीकृत मोबाइल संख्या और बैंक खाता संबंधित विवरण की जांच खुद कर लें. नियमानुसार सहायतानुदान DBT in Kind/DBT in Cash के तहत CFMS द्वारा भुगतान किया जाएगा.
7/8लाभुकों का चयन सामान्य श्रेणी में 78.537%, अनुसूचित जाति 20% और अनुसूचित जनजाति 1.463% के अनुपात में किया जाएगा और प्रत्येक श्रेणी में 30% महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी. लघु, सीमांत और बटाईदार किसानों को भी योजना का फायदा मिलेगा.
8/8योजना का फायदा उठाने के लिए किसानों को डीबीटी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा. किसान कृषि विभाग की वेबसाइट https://horticulture.bihar.gov.in/ पर योजनाओं का फायदा लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करें. पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर चयन प्रक्रिया की जाएगी.