Mushroom Farming: बाजार में मशरूम की मांग तेजी से बढ़ रही है. इसके पौष्टिक गुणों और बाजार में बढ़ती मांग के देखते हुए सरकार भी मशरूम की खेती (Mushroom Farming) को बढ़ावा दे रही है. बता दें कि कम लागत और कम जगह में मशरूम की खेती कर किसान, बेरोजगार युवक और युवातियां बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं.
1/5किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं. इसके लिए सरकार किसानों के लिए नई-नई योजनाएं लेकर आ रही है. सरकार बगैर खेतिहर भूमि वाले लोगों के लिए मशरूम किट योजना चला रही है. इससे जुड़कर किसान, युवक व महिलाएं स्वरोजगार कर सकती हैं. इस योजना के तहत सरकार की ओर से 90% अनुदान देने का प्रावधान किया गया है. इस योजना का फायदा प्रशिक्षित युवाओं, युवतियों और किसानों को ही मिलेगा.
2/5मशरूम का उत्पादन एक छोटे से कमरे में भी किया जा सकता है. इसके लिए खेत की जरूरत नहीं पड़ती है. यही वजह है कि इसमें प्राकृतिक आपदा का जोखिम नहीं के बराबर रहता है. जिसके पार खेतिहर जमीन नहीं है, वह भी एक छोटे से कमरे में मशरूम का उत्पादन कर सकते हैं.
3/5कम लागत, कम जगह और कम समय में मशरूम का उत्पादन कमाई का बेहतर जरिया साबित हो रहा है. पहले आओ-पहले पाओ की तर्ज पर इस योजना का फायदा आवेदकों को दिया जाएगा.
4/5मशरूम किट योजना का फायदा लेने के लिए इच्छुक लोगों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा. कृषि विभाग के मुताबिक, इस योजना से जुड़कर फायदा लेने के लिए उद्यान विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना पड़ेगा. आवेदन के साथ मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण का प्रमाण-पत्र, किसान रजिस्ट्रेशन, पासपोर्ट साइज फोटो अटैच करना पड़ेगा.
5/5बेरोजगारों के लिए यह सुनहरा अवसर है. 90 फसीदी अनुदान पर मशरूम किट लेकर मशरूम उत्पादन का काम शुरू कर सकते हैं. सरकार की ओर से इच्छुक प्रशिक्षित किसानों व अन्य लोगों को 90 फीसदी अनुदान पर किट उपलब्ध कराया जाएगा. एक मशरूम किट पर 60 रुपये लागत आता है. इस पर 90 फीसदी यानी 54 रुपये अनुदान मिलेगा.