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Onion Export: कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 1 अप्रैल से प्याज के निर्यात पर 20% सीमा शुल्क हटाने के सरकार के फैसले से किसानों की आमदनी बढ़ेगी. चौहान ने एक वीडियो बयान में कहा, प्याज के निर्यात पर कोई शुल्क नहीं लगेगा, ताकि हमारे किसानों ने कड़ी मेहनत से जो प्याज उगाया है, वह वैश्विक बाजारों तक पहुंच सके और उन्हें बेहतर कीमत मिल सके.
कृषि मंत्री ने कहा कि पहले निर्यात शुल्क 40 फीसदी तय किया गया था, लेकिन जब प्याज की कीमतें गिरने लगीं और किसानों को कम प्रतिफल मिलने लगा, तो इसे घटाकर 20 फीसदी कर दिया गया था. उन्होंने कहा, अब सरकार ने फैसला किया है कि 20 फीसदी निर्यात शुल्क भी पूरी तरह से हटा दिया जाना चाहिए.
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वित्त मंत्रालय ने पिछले हफ्ते जारी अधिसूचना में कहा था कि निर्यात शुल्क 1 अप्रैल से पूरी तरह हटा दिया जाएगा. चौहान ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार किसान हितैषी है और कृषकों के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता और प्रतिबद्धता है. निर्यात शुल्क हटाने का मकसद प्याज की कीमतों में भारी गिरावट से किसानों को बचाना है.
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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अनुमान के अनुसार, इस वर्ष रबी का उत्पादन 227 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) है, जो पिछले वर्ष के 192 लाख टन से 18% अधिक है. भारत के कुल प्याज उत्पादन में रबी प्याज का योगदान 70-75% है, जो अक्टूबर/नवंबर से खरीफ फसल के आने तक समग्र उपलब्धता और कीमतों में स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है.
इस सीजन में अनुमानित उच्च उत्पादन से आने वाले महीनों में बाजार की कीमतों में और कमी आने की उम्मीद है. उभरते उत्पादन और कीमतों का परिदृश्य देश के लिए राहत की सांस लेकर आया है, क्योंकि उसे अगस्त 2023 से कम घरेलू उत्पादन और उच्च अंतर्राष्ट्रीय कीमतों के दोहरे मुद्दे से जूझना पड़ेगा.