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Oil Palm Cultivation.
Government Schemes: भारत सरकार तिलहन उत्पादन को बढ़ाने के लिए नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल्स- ऑयल पाम (National Mission on Edible Oils-Oil Palm- NMEO-OP) चला रही है. इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में किसानों को ऑयल पाम की खेती (Oil Palm Cultivation) करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.
छत्तीसगढ़ कृषि विभाग के मुताबिक, जिले के किसानों में इस नई फसल को लेकर उत्साह देखा जा रहा है. अब तक विकासखंड सिमगा के ग्राम जरौद में 2 हेक्टेयर और भाटापारा के ग्राम बिजराडीह में 6 हेक्टेयर, कुल 8 हेक्टेयर क्षेत्र में ऑयल पाम (Oil Palm) पौधों का रोपण कार्य पूर्ण किया जा चुका है.
योजना के तहत किसानों को कई तरह की वित्तीय सहायता और अनुदान दिए जा रहे हैं.
1. पौधारोपण व रखरखाव
2. सिंचाई सुविधा
3. अन्य सुविधाएं
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ऑयल पाम की खेती से प्रति एकड़ 10 से 12 टन वार्षिक उत्पादन मिलता है. इस खेती में कम से कम मेहनत की जरूरत होती है और पौधों में रोग लगने की संभावना भी कम रहती है. इसके कारण दवाई पर होने वाला खर्च जीरो रहता है. इस फसल की विशेषता यह भी है कि किसानों को दलालों से मुक्ति मिलती है क्योंकि उपज का क्रय सीधे अनुबंधित कंपनियों द्वारा किया जाता है.
शुरुआती 4 वर्षों में प्रति हेक्टेयर लागत लगभग 25,000 से 30,000 रुपये आती है, जिसके तहत भूमि तैयारी, पौधरोपण, सिंचाई और खाद-उर्वरक सम्मिलित हैं. चौथे से छठे वर्ष तक प्रति हेक्टेयर 70,000 रुपये से 2,70,000 रुपये तक की अनुमानित आय मिलती है.
आंधी, तूफान, अतिवृष्टि या असमय वर्षा से इस फसल को नुकसान की संभावना अत्यंत कम रहती है.
ऑयल पाम (Oil Palm) का उपयोग खाद्य तेल उत्पादन के साथ-साथ कॉस्मेटिक्स और अन्य औद्योगिक उत्पादों में किया जाता है. राज्य सरकार द्वारा संग्रहण केंद्र भी खोले जा रहे हैं ताकि किसानों की उपज की खरीद आसानी से हो सके.
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Q1: ऑयल पाम की खेती कहां शुरू हुई है?
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में ऑयल पाम की खेती की शुरुआत हुई है.
Q2. पौधारोपण और रखरखाव के लिए कितनी सहायता मिलती है?
प्रति हेक्टेयर 143 पौधों के लिए ₹29,000 अनुदान मिलेगा.
Q3. सिंचाई सुविधा के लिए क्या सहायता दी जाती है?
किसान को एक बोरवेल के लिए ₹50,000 रुपये सहायता मिलेगी.
Q4. ऑयल पाम की खेती के क्या फायदे हैं?
प्रति एकड़ 10–12 टन वार्षिक उत्पादन मिलता है.
Q5. कमाई कितनी हो सकती है?
चौथे से छठे वर्ष में प्रति हेक्टेयर ₹70,000 से ₹2,70,000 तक आय की संभावना है.
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