धान-गेहूं नहीं... इस खेती में एक बार लगाएं पैसा, 20 साल तक जमकर कमाएं, सरकार भी कर रही मदद

Government Schemes: आंधी, तूफान, अतिवृष्टि या असमय वर्षा से इस फसल को नुकसान की संभावना बहुत कम रहती है.
धान-गेहूं नहीं... इस खेती में एक बार लगाएं पैसा, 20 साल तक जमकर कमाएं, सरकार भी कर रही मदद

Oil Palm Cultivation.

Government Schemes: भारत सरकार तिलहन उत्पादन को बढ़ाने के लिए नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल्स- ऑयल पाम (National Mission on Edible Oils-Oil Palm- NMEO-OP) चला रही है. इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में किसानों को ऑयल पाम की खेती (Oil Palm Cultivation) करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.

छत्तीसगढ़ कृषि विभाग के मुताबिक, जिले के किसानों में इस नई फसल को लेकर उत्साह देखा जा रहा है. अब तक विकासखंड सिमगा के ग्राम जरौद में 2 हेक्टेयर और भाटापारा के ग्राम बिजराडीह में 6 हेक्टेयर, कुल 8 हेक्टेयर क्षेत्र में ऑयल पाम (Oil Palm) पौधों का रोपण कार्य पूर्ण किया जा चुका है.

किसानों को मिलने वाली सुविधाएं

योजना के तहत किसानों को कई तरह की वित्तीय सहायता और अनुदान दिए जा रहे हैं.

1. पौधारोपण व रखरखाव

  • योजना के तहत किसानों को प्रति हेक्टेयर 143 ऑयल पाम पौधों पर 29,000 रुपये की अनुदान राशि दिए जाने का प्रावधान है.
  • पौधों के रखरखाव, खाद-उर्वरक, थाला निर्माण आदि के लिए पहले वर्ष से 4 वर्ष तक 5,250 रुपये प्रति वर्ष प्रति हेक्टेयर सहायता राशि दी जाएगी.
  • इसके अलावा, राज्य शासन द्वारा 2,625 रुपये प्रति हेक्टेयर टॉप-अप सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी.
  • अंतरवर्ती फसल (Intercropping) के लिए प्रथम से चौथे वर्ष तक अधिकतम 22,375 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है.

2. सिंचाई सुविधा

  • सिंचाई सुविधा के लिए न्यूनतम 2 हेक्टेयर क्षेत्र में ऑयल पाम की खेती (Oil Palm Cultivation) करने वाले किसानों को एक बोरवेल के लिए 50,000 रुपये तथा प्रति हेक्टेयर अधिकतम 25,000 रुपये प्रति यूनिट की अनुदान सहायता दी जाएगी.
  • इसी प्रकार पम्पसेट के लिए 27,000 रुपये और प्रति हेक्टेयर 16,500 रुपये.

3. अन्य सुविधाएं

  • फेंसिंग के लिए सीमेंट पोल और चौनलिंक पर 1,08,970 रुपये प्रति हेक्टेयर.
  • ड्रिप इरीगेशन लगाने के लिए 14,130 रुपये प्रति हेक्टेयर के अतिरिक्त 8,635 रुपये टॉप-अप सहायता राशि प्रदान की जा रही है.

ऑयल पाम खेती के फायदे

ऑयल पाम की खेती से प्रति एकड़ 10 से 12 टन वार्षिक उत्पादन मिलता है. इस खेती में कम से कम मेहनत की जरूरत होती है और पौधों में रोग लगने की संभावना भी कम रहती है. इसके कारण दवाई पर होने वाला खर्च जीरो रहता है. इस फसल की विशेषता यह भी है कि किसानों को दलालों से मुक्ति मिलती है क्योंकि उपज का क्रय सीधे अनुबंधित कंपनियों द्वारा किया जाता है.

कितनी होगी कमाई

शुरुआती 4 वर्षों में प्रति हेक्टेयर लागत लगभग 25,000 से 30,000 रुपये आती है, जिसके तहत भूमि तैयारी, पौधरोपण, सिंचाई और खाद-उर्वरक सम्मिलित हैं. चौथे से छठे वर्ष तक प्रति हेक्टेयर 70,000 रुपये से 2,70,000 रुपये तक की अनुमानित आय मिलती है.

कम नुकसान का खतरा

आंधी, तूफान, अतिवृष्टि या असमय वर्षा से इस फसल को नुकसान की संभावना अत्यंत कम रहती है.

ऑयल पाम का इस्तेमाल

ऑयल पाम (Oil Palm) का उपयोग खाद्य तेल उत्पादन के साथ-साथ कॉस्मेटिक्स और अन्य औद्योगिक उत्पादों में किया जाता है. राज्य सरकार द्वारा संग्रहण केंद्र भी खोले जा रहे हैं ताकि किसानों की उपज की खरीद आसानी से हो सके.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)


Q1: ऑयल पाम की खेती कहां शुरू हुई है?
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में ऑयल पाम की खेती की शुरुआत हुई है.

Q2. पौधारोपण और रखरखाव के लिए कितनी सहायता मिलती है?
प्रति हेक्टेयर 143 पौधों के लिए ₹29,000 अनुदान मिलेगा.

Q3. सिंचाई सुविधा के लिए क्या सहायता दी जाती है?
किसान को एक बोरवेल के लिए ₹50,000 रुपये सहायता मिलेगी.

Q4. ऑयल पाम की खेती के क्या फायदे हैं?
प्रति एकड़ 10–12 टन वार्षिक उत्पादन मिलता है.

Q5. कमाई कितनी हो सकती है?
चौथे से छठे वर्ष में प्रति हेक्टेयर ₹70,000 से ₹2,70,000 तक आय की संभावना है.

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