ये है करोड़पति बनाने वाली खेती! एक बार लगाएं 30 साल तक कमाएं, सरकार भी देगी लाखों

Palm ki Kheti: पाम के किसानों को प्रोत्साहन के लिए केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के द्वारा 1-1 लाख रुपए अनुदान भी दिया जा रहा है.
ये है करोड़पति बनाने वाली खेती! एक बार लगाएं 30 साल तक कमाएं, सरकार भी देगी लाखों

National Mission on Edible Oil.

Palm ki Kheti: पाम की खेती छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए स्थायी कमाई का जरिया बन रही हैं. राज्य सरकार किसानों को अतिरिक्त आय के साधन उपलब्ध कराने पॉम सहित अन्य उद्यानिकी फसलों (Horticulture) को बढ़ावा दे रही है. वहीं पाम ऑयल (Palm Oil) की मांग और उत्पादकता को ध्यान में रखते हुए पाम की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित भी किया जा रहा है. इसके लिए राज्य और केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय तिलहन एवं ऑयल पाम मिशन (National Mission on Edible Oil) के तहत साझा अभियान शुरू किया है. इसके तहत 2 हजार 682 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में पाम पौधों का रोपण हो चुका है.

पाम तेल का सबसे ज्यादा इस्तेमाल

पाम ऑयल (Palm Oil) सबसे ज्यादा उपयोग में लाये जाने वाला वनस्पति तेल है. इसका उपयोग बिस्किट, चॉकलेट, मैगी, स्नैक्स और गैर खाद्य जैसे साबुन, क्रीम, डिटर्जेंट, बायोफ्यूल आदि उत्पादों में होता हैं.

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किसानों को दिया जा रहा 1-1 लाख रुपये का अनुदान

छत्तीसगढ़ कृषि विभाग के मुताबिक, पाम के किसानों को प्रोत्साहन के लिए केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के द्वारा 1-1 लाख रुपए अनुदान भी दिया जा रहा है. वहीं किसानाों को मुफ्त प्रशिक्षण भी दिए जाते हैं.

देश भर में 3.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में पाम का रोपण

केंद्र सरकार ने देश की खाद्य तेलों पर आयात निर्भरता को कम करने और किसानों की आय को बढ़ाने के उद्देश्य से नेशनल मिशन ऑन एडिबव ऑयल के माध्यम से पाम ऑयल के उत्पादन को नई दिशा दी है. राष्ट्रीय तिलहन और पाम ऑयल मिशन के तहत अब तक देशभर में 3.5 लाख हेक्टेयर भूमि पर पॉम की खेती हो चुकी है.

15 फीसदी बढ़ा पाम तेल का उत्पादन

केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2024-25 में पाम ऑयल का घरेलू उत्पादन 15 फीसदी बढ़ा हैं. जबकि सरकार ने वर्ष 2029-30 तक इसका उत्पादन 28 लाख टन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है.

palm oil

इन राज्यों में पाम की खेती को बढ़ावा

केंद्र सरकार तेलंगाना, असम, मिजोरम, ओड़िशा, आंध्रप्रदेश और छत्तीसगढ़, विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के बस्तर और दंतेवाड़ा जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में पाम की खेती से रोजगार और आय का नया साधन जुटाने की दिशा में काम कर रही है.

छत्तीसगढ़ के 17 जिलों में हो रही पाम की खेती

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में राज्य सरकार के किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए उद्यानिकी फसलों की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है.

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राज्य सरकार ने प्रदेश के 17 जिलों में पॉम की खेती के लिए प्रयास किए है. राज्य में प्रमुख रूप से बस्तर (जगदलपुर), कोण्डागांव, कांकेर, सुकमा नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, महासमंुद, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, जाजगीर-चापा, दुर्ग, बेमेतरा, जशपुर, सरगुजा, कोरबा और बिलासपुर जिले में पाम की खेती की जा रही है.

राज्य में विगत 4 वर्ष में 1 हजार 150 किसानों के लगभग 1 हजार 600 हेक्टेयर रकबे में पाम के पौधों का रोपण किया गया है. वहीं इस वर्ष 802 किसानों के 1 हजार 89 हेक्टेयर रकबे में पाम का रोपण कराया जा चुका हैं.

10 एकड़ में 570 ऑयल पाम के पौधों का रोपण

रायगढ़ विकासखंड के ग्राम चक्रधरपुर के किसान राजेंद्र मेहर ने उद्यान विभाग के सहयोग से अपने 10 एकड़ खेत में 570 ऑयल पाम के पौधों का रोपण किया है. मेहर ने बताया कि यह भूमि लंबे समय से खाली पड़ी थी और वे काफी समय से उद्यानिकी फसल लेने का विचार कर रहे थे.

तकनीकी जानकारी के अभाव में शुरुआत नहीं कर पाए थे, लेकिन उद्यान विभाग से संपर्क के बाद उन्हें न सिर्फ जरूरी मार्गदर्शन मिला, बल्कि पाम की खेती से होने वाले लाभों की जानकारी भी मिली. इससे प्रेरित होकर उन्होंने पाम की खेती करने का फैसला लिया. इसी तरह महासमंद जिले में 611 हेक्टेयर क्षेत्र में पॉम की खेती की जा रही है.

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oil palm

तीसरे वर्ष से शुरू होता है उत्पादन

उद्यानिकी विभाग के अधिकारी ने बताया कि ऑयल पाम योजना के तहत प्रति हेक्टेयर 29 हजार रुपये मूल्य के 143 पौधे मुफ्त दिए जा रहे हैं. पौध रोपण, फेंसिंग, सिंचाई, रखरखाव और अंतरवर्तीय फसलों की कुल लागत लगभग 4 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर आती है.

2 लाख रुपये का अनुदान

इस पर भारत सरकार द्वारा 1 लाख रुपए और राज्य शासन द्वारा 1 लाख रुपए का अनुदान प्रदान किया जा रहा है. बाकी राशि के लिए बैंक लोन सुविधा भी उपलब्ध है.

बाग के रखरखाव पर भी मिलता है अनुदान

इसके अलावा, बाग का रखरखाव, ड्रिप इरिगेशन, अंतरवर्ती फसल, बोरवेल, पम्प सेट, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम वर्मी कम्पोस्ट यूनिट, पॉम कटर, वायर मेश,मोटारोईज्ड चिस्ल, चाप कटर, टेªक्टर ट्राली के लिए भी अनुदान का प्रावधान भी किया गया है.

कितनी होगी कमाई

ऑयल पॉम फसल का उत्पादन तीसरे वर्ष से शुरू होकर लगभग 25 से 30 वर्षों तक लगातार होता है. पौधों की उम्र बढऩे के साथ उपज भी बढ़ती है. एक हेक्टेयर से हर वर्ष 15 से 20 टन उपज मिलने की संभावना होती है, जिससे किासनों को 2.50 से 3 लाख रुपए तक की सालाना आय हो सकती है.

बिक्री की भी चिंता नहीं, समर्थन मूल्य पर खरीदी का पक्का इंतजाम

ऑयल पाम पौधों के बीच पर्याप्त दूरी होने के कारण किसान वहां सब्जी या अन्य अंतरवर्तीय फसलें भी ले सकते हैं. इसके लिए सरकार द्वारा सब्सिडी भी दी जा रही है.
इतना ही नहीं 2 हेक्टेयर से अधिक रोपण पर बोरवेल खनन के लिए 50 हजार रुपए तक का अतिरिक्त अनुदान भी दिया जा रहा है.
उत्पादित फसल की बिक्री के लिए भारत सरकार ने अनुबंधित कंपनियों की व्यवस्था की है, जो किसानों के खेत से ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल की खरीदी करती हैं.
फसल का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खाते में किया जाता है.

ऑयल पाम योजना

रोपण की जाने वाली किस्म- टेनेरा
रोपण के लिए प्रति हेक्टेयर पौधों की संख्या- 143 पौधे (9x9x9)
रोपण के लिए प्रति हेक्टेयर अनुमानित लागत- 3.90 से 4 लाख रुपये (फेंसिंग, बोरवेल, पौध रोपण, रखरखवा, अंतरवर्तीय फसल आदि शामिल)
केंद्र सरकार से अनुदान- लगभग 1 लाख रुपये
राज्य सरकार से एक्स्ट्रा अनुदान- लगभग 1 लाख रुपये
अनुदान के लिए अतिरिक्त बाकी राशि की व्यवस्था- जरूरत के अनुसार बैंक लोन की सुविधा उपलब्ध
प्रति हेक्टेयर अनुमानित उत्पादन- 15-20 टन
प्रति हेक्टेयर अनुमानित आय- 2.50 लाख से 3 लाख रुपये प्रति वर्ष और पौधों से आय 25-30 वर्ष तक मिलेगी

योजना का कैसे उठाएं फायदा

इस योजना फायदा उठाने के लिए भूमि का रकबा, खसरा नंबर के साथ स्थानीय उद्यानिकी अधिकारी से संपर्क करें या आवेदन के प्रारूप में जानकारी के साथ 9243539639 पर व्हॉट्सऐप करें.

पाम की खेती- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)


Q1. पाम की खेती क्या है और यह क्यों फायदेमंद है?
Ans: पाम (ऑयल पाम) की खेती एक ऐसी व्यावसायिक खेती है जिसमें किसानों को प्रति हेक्टेयर 2.5 से 3 लाख रुपये तक की सालाना आय हो सकती है.

Q2. छत्तीसगढ़ में पाम की खेती कहां हो रही है?
Ans: छत्तीसगढ़ के 17 जिलों में पाम की खेती की जा रही है

Q3. पाम की खेती के लिए सरकार क्या सहायता देती है?
Ans: प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये केंद्र सरकार से और प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये राज्य सरकार से, यानी कुल ₹2 लाख तक का अनुदान मिल रहा है.

Q4. एक हेक्टेयर में कितने पौधे लगते हैं और क्या खर्च होता है?
Ans: एक हेक्टेयर में 143 पौधे लगाए जा सकते हैं और इस पर अनुमानित लागत 3.90 से 4 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर आएगी.

Q5. कब से मिलता है उत्पादन और कितने समय तक?
Ans: पाम का उत्पादन तीसरे वर्ष से शुरू होता है. यह फसल 25-30 वर्षों तक लगातार उत्पादन देती है.

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