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केंद्र सरकार ने नैनो उर्वरकों के उत्पादन, बिक्री और उपयोग को लेकर सख्त नियम लागू कर दिए हैं. अब कंपनियों को लॉन्च से पहले सुरक्षा परीक्षण, मल्टी-लोकेशन ट्रायल और NABL लैब रिपोर्ट जमा करनी होगी, ताकि किसानों की सुरक्षा और उर्वरकों की क्वालिटी सुनिश्चित की जा सके.
केंद्र सरकार ने नैनो उर्वरकों (Nano Fertilisers) के उत्पादन, बिक्री और उपयोग को लेकर एक बड़ा फैसला लिया गया है. अब इन उर्वरकों को मार्केट में लॉन्च करना पहले जितना आसान नहीं होगा.असल में सरकार ने नए रूल लागू करते हुए कहा है कि किसी भी नैनो उर्वरक को बेचने से पहले उसकी सुरक्षा, प्रभाव और क्वालिटी से जुड़ा पूरा डेटा देना जरूरी होगा.
दरअसल यह फैसला उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) नियंत्रण आदेश 1985 में संशोधन करके लिया गया है. नया संशोधन आदेश 2026 में लागू किया गया है और इसका मकसद किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और कृषि में इस्तेमाल होने वाले नैनो उत्पादों की क्वालिटी को नियंत्रित करना है.
नए नियमों के तहत कंपनियों को अपने उत्पाद के पैकेट पर सुरक्षा से जुड़ी चेतावनियां भी छापनी होंगी.
इसके साथ एक अलग Package of Practice भी देना होगा, जिसमें किसानों को बताया जाएगा कि नैनो उर्वरक का सही इस्तेमाल कैसे करना है. इसमें यह भी बताया जाएगा कि 75% सामान्य उर्वरक,25% नैनो उर्वरक का संतुलित उपयोग फसल के हिसाब से कैसे किया जाए.
नए नियमों की एक और खास बात यह है कि अब अधिसूचना कंपनी के आधार पर नहीं बल्कि उत्पाद के आधार पर जारी होगी. यानी कि किसी कंपनी के दूसरे उत्पाद को मंजूरी तभी मिलेगी जब वह अलग से सभी परीक्षण और प्रक्रियाएं पूरी कर सकेगा.
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नैनो उर्वरकों को आगे मंजूरी देने का फैसला ICAR की रिसर्च और वैज्ञानिक रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा. अगर शोध में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं तो ही उत्पाद को लंबे समय तक बाजार में रहने की अनुमति दी जाएगी.

केंद्र सरकार ने नैनो उर्वरकों को लेकर बड़े और सख्त रूल लागू किए हैं.तो अब बिना वैज्ञानिक परीक्षण, सुरक्षा डेटा और मल्टी-लोकेशन ट्रायल के कोई भी नैनो उर्वरक बाजार में नहीं आ सकेगा. इसका मकसद किसानों की सुरक्षा और कृषि उत्पादन को बेहतर बनाना है.
FAQs
1. नैनो उर्वरकों पर नए नियम क्यों लागू किए गए हैं?
सरकार ने किसानों की सुरक्षा, उर्वरकों की गुणवत्ता और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए नैनो उर्वरकों के उत्पादन और बिक्री पर सख्त नियम लागू किए हैं
2. नैनो उर्वरक लॉन्च करने से पहले कंपनियों को क्या करना होगा?
कंपनियों को GLP या NABL मान्यता प्राप्त लैब से bio-toxicity और सुरक्षा डेटा जमा करना होगा और मल्टी-लोकेशन ट्रायल रिपोर्ट देनी होगी
3. शुरुआती अनुमति की वैधता कितनी होगी?
पहले यह 3 साल थी, लेकिन नए नियमों के तहत अब शुरुआती अनुमति सिर्फ 2 साल के लिए मान्य होगी
4. नैनो उर्वरकों के लिए कौन-कौन से परीक्षण जरूरी होंगे?
कम से कम 10 फसलों पर, 2 मौसमों में और 3 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में ICAR या राज्य कृषि विश्वविद्यालयों की निगरानी में परीक्षण करना होगा
5. क्या किसानों को भी प्रशिक्षण देना होगा?
हाँ, कंपनियों को किसानों को नैनो उर्वरकों के सुरक्षित और सही उपयोग के लिए प्रशिक्षण देना अनिवार्य होगा
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