नौकरी छोड़ो, दूध का बिजनेस शुरू करो! ये 4 योजनाएं आएंगी काम, सरकार देगी ₹31.25 लाख तक का अनुदान

सरकार डेयरी यूनिट स्थापित करने से लेकर स्वदेशी गाय पालन और बेहतर पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए ₹10,000 से लेकर ₹31.25 लाख तक का अनुदान उपलब्ध करा रही है. ऐसे में कम निवेश के साथ स्वरोजगार की तलाश कर रहे लोगों के लिए यह योजना बड़ा मौका बन सकती है.
नौकरी छोड़ो, दूध का बिजनेस शुरू करो! ये 4 योजनाएं आएंगी काम, सरकार देगी ₹31.25 लाख तक का अनुदान

डेयरी क्षेत्र आज ग्रामीण विकास, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में नई पहचान बना रहा है. (प्रतीकात्मक फोटो: AI/Chatgpt)

अगर आप नौकरी के बजाय अपना बिजनेस शुरू करने का सपना देख रहे हैं, तो डेयरी सेक्टर आपके लिए शानदार अवसर साबित हो सकता है. उत्तर प्रदेश सरकार की नन्द बाबा दुग्ध मिशन (Nand Baba Dugdh Mission) के तहत डेयरी बिजनेस शुरू करने वाले किसानों, पशुपालकों और युवाओं को लाखों रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है. मिशन के तहत संचालित 4 प्रमुख योजनाओं के जरिए सरकार डेयरी यूनिट स्थापित करने से लेकर स्वदेशी गाय पालन और बेहतर पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए ₹10,000 से लेकर ₹31.25 लाख तक का अनुदान उपलब्ध करा रही है. ऐसे में कम निवेश के साथ स्वरोजगार की तलाश कर रहे लोगों के लिए यह योजना बड़ा मौका बन सकती है.

नन्द बाबा दुग्ध मिशन क्या है?

यह एक राज्य स्तरीय डेयरी विकास कार्यक्रम है, जिसके तहत पशुपालकों और उद्यमियों को वित्तीय सहायता, सब्सिडी और तकनीकी सहयोग दिया जाता है, ताकि वे छोटे से बड़े स्तर तक डेयरी बिजनेस शुरू कर सकें.

नन्द बाबा दुग्ध मिशन की 4 बड़ी योजनाएं

सरकार द्वारा पशुपालकों और उद्यमियों को सीधे आर्थिक सहायता देने के लिए चार योजनाएं संचालित की जा रही हैं.

1. नंदिनी कृषक समृद्धि योजना

डेयरी उद्योग को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने के लिए इस योजना के तहत लाभार्थियों को ₹31.25 लाख तक का भारी अनुदान दिया जा रहा है.

  • 25 गाय की इकाई जिसमें साहीवाल, गिर, थारपारकर अथवा गंगातीरी (अधिकतम 5) के परियोजना लागत ₹62.50/61.00 (इकाई में 5 गंगातीरी गाय ) का 50% अधिकतम ₹31.25/30.50 लाख का अनुदान अनुमन्य है.
  • अनुदान तीन चरणों में दिए जाएंगे. लाभार्थी अंश 15%, बैंक लोन 35% और अनुदान 50%.
  • आधारभूत संरचना तैयार करने के उपरान्त प्रथम चरण का अनुदान (इकाई लागत का 25%)
  • गाय की खरीद प्रदेश के बाहर से यथासंभव ब्रिडिंग ट्रैक्ट से किया जाए. गोवंश का ईयर टैग व बीमा कराना अनिवार्य होगा. खरीद किए जाने वाली गाय पहले अथवा दूसरी ब्यात की हो, और ब्यात 45 दिन से अधिक न हो,

कौन उठा सकता है फायदा?

आवेदक के पास गो पालन अथवा महिष पालन का कम से कम 3 वर्षों का अनुभव होना चाहिए और इसका प्रमाण सम्बन्धित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा किया गया हो. पूर्व में संचालित कामधेनु, मिनी/माइक्रो कामधेनु के लाभार्थी इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं.

जरूरी शर्तें

आधारभूत संरचना के लिए 0.5 एकड तथा चारा उत्पादन के लिए 1.5 एकड़ भूमि अनिवार्य, खुद की अथवा पैतृक/साझेदारी अथवा 7 वर्षों का पंजीकृत अनुबन्ध पर ली गयी हो तथा जलभराव से मुक्त हो.

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2. मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना

छोटे और मध्यम स्तर के डेयरी फार्म शुरू करने के इच्छुक लोगों के लिए इस योजना के तहत ₹11.80 लाख तक के अनुदान की व्यवस्था की गई है.

  • 10 गाय की इकाई जिसमें साहीवाल, गिर, थारपारकर प्रजाति की गाय के परियोजना लागत ₹23.60 लाख का 50% अधिकतम ₹11.80 लाख का अनुदान 2 चरणों में देय है.
  • आधारभूत संरचना तैयार करने के उपरान्त प्रथम चरण का अनुदान (इकाई लागत का 25%). गाय खरीदने के बाद दूसरे चरण का अनुदान (इकाई लागत का 25%).
  • गाय की खरीद प्रदेश के बाहर से यथासंभव ब्रिडिंग ट्रैक्ट से की जाए.
  • गोवंश का ईयर टैग व बीमा कराना अनिवार्य होगाय
  • खरीद किए जाने वाली गाय पहली अथवा दूसरी ब्यात की हो, और ब्यात 45 दिन से अधिक न हो.

जरूरी शर्तें

  • आवेदक के पास गो पालन अथवा महिष पालन का कम से कम 3 वर्षों का अनुभव होना चाहिए तथा इसका प्रमाण सम्बन्धित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा किया गया हो.
  • आधारभूत संरचना के लिए 0.20 एकड तथा चारा उत्पादन के लिए 0.80 एकड़ भूमि अनिवार्य, खुद की अथवा पैतृक/साझेदारी अथवा 7 वर्षों का पंजीकृत अनुबन्ध पर ली गयी हो, जलभराव से मुक्त हो.

कौन कर सकता है आवेदन?

पहले में संचालित कामधेनु, मिनी/माइक्रो कामधेनु अथवा नन्द बाबा दुग्ध मिशन के तहत संचालित नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना एवं मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के लाभार्थी इस योजना के लिए पात्र नहीं.

आवेदन कैसे करें?

आवेदन ऑनलाइन निर्धारित प्रारूप पर किये जायेगें परन्तु जब तक नन्द बाबा दुग्ध मिशन का पोर्टल ऑनलाइन नहीं होता है तब तक पशुपालकों द्वारा आवेदन पत्र ऑफलाइन मोड में सम्बन्धित जनपद के मुख्य विकास अधिकारी अथवा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के कार्यालय में रजिस्टर्ड डाक द्वारा अथवा सीधे जमा किये जाएंगे.

आवेदनों की संख्या अधिक होने की स्थिति में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा ई-लाटरी के माध्यम से चयन किया जाएगा. अनुदान की धनराशि का भुगतान लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से अवमुक्त किया जाएगा.

योजना का नाममिलने वाली अधिकतम सब्सिडी
नंदिनी कृषक समृद्धि योजना₹31.25 लाख तक
मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना₹11.80 लाख तक
मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना₹80,000 तक
मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना₹10,000 से ₹15,000 तक

3. मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना

स्वदेशी नस्ल की गायों के पालन और उनके संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रति लाभार्थी ₹80,000 तक का अनुदान दे रही है.

4. मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना

  • बेहतर पशुपालन पद्धतियों और दुग्ध उत्पादन को सराहने के लिए प्रगतिशील पशुपालकों को ₹10,000 से लेकर ₹15,000 तक की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है.
  • योजना में गाय के पहले, दूसरे और तीसरे ब्यात के लिए उसके जीवनकाल में एक बार तथा पशुपालक को अधिकतम 2 गायों के लिए प्रोत्साहन धनराशि अनुमन्य है.

कौन कर सकता है आवेदन?

  • आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक हो.
  • यह योजना व्यक्तिगत लाभार्थी परक है अतः किसी भी समूह/फर्म/संगठन को योजना के तहत आवेदन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
  • आवेदन पत्र का प्रेषण गाय की ब्यॉत अवधि की तिथि से 45 दिन के अन्दर करना होगा.

कैसे होगा चयन?

आवेदन आनलाइन अथवा ऑफलाइन के माध्यम से किया जाएगा, जिसकी हार्ड कॉपी सम्बन्धित जनपद के मुख्य विकास अधिकारी अथवा मुख्यपशु चिकित्साधिकारी कार्यालय में उपलब्ध करायी जाएगी.

आवेदनों की संख्या अधिक होने की स्थिति में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा ई-लाटरी के माध्यम से चयन किया जाएगा.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती

डेयरी से बढ़ते अवसर के संकल्प के साथ यह मिशन राज्य के गांवों में स्वरोजगार का एक बेहतरीन जरिया बन चुका है. उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी किसानों, युवाओं और पशुपालकों से अपील की है कि वे इन योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें और आज ही योजना का फायदा उठाएं ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर प्रदेश के विकास में अपना योगदान दे सकें.

सरकार का लक्ष्य क्या है?

उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि-

  • ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जाए
  • डेयरी को संगठित उद्योग के रूप में विकसित किया जाए
  • पशुपालकों की आय में स्थायी वृद्धि हो
  • गांवों में शहर की ओर पलायन कम किया जाए

निष्कर्ष

नन्द बाबा दुग्ध मिशन को ग्रामीण विकास की एक बड़ी पहल माना जा रहा है, जो डेयरी सेक्टर को सिर्फ पारंपरिक व्यवसाय से आगे बढ़ाकर एक संगठित और लाभकारी उद्योग में बदलने की दिशा में काम कर रही है. अगर कोई व्यक्ति डेयरी बिजनेस शुरू करने की सोच रहा है, तो यह योजना शुरुआती पूंजी और सरकारी सहायता दोनों के लिहाज से एक मजबूत अवसर बन सकती है.

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