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डेयरी क्षेत्र आज ग्रामीण विकास, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में नई पहचान बना रहा है. (प्रतीकात्मक फोटो: AI/Chatgpt)
अगर आप नौकरी के बजाय अपना बिजनेस शुरू करने का सपना देख रहे हैं, तो डेयरी सेक्टर आपके लिए शानदार अवसर साबित हो सकता है. उत्तर प्रदेश सरकार की नन्द बाबा दुग्ध मिशन (Nand Baba Dugdh Mission) के तहत डेयरी बिजनेस शुरू करने वाले किसानों, पशुपालकों और युवाओं को लाखों रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है. मिशन के तहत संचालित 4 प्रमुख योजनाओं के जरिए सरकार डेयरी यूनिट स्थापित करने से लेकर स्वदेशी गाय पालन और बेहतर पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए ₹10,000 से लेकर ₹31.25 लाख तक का अनुदान उपलब्ध करा रही है. ऐसे में कम निवेश के साथ स्वरोजगार की तलाश कर रहे लोगों के लिए यह योजना बड़ा मौका बन सकती है.
यह एक राज्य स्तरीय डेयरी विकास कार्यक्रम है, जिसके तहत पशुपालकों और उद्यमियों को वित्तीय सहायता, सब्सिडी और तकनीकी सहयोग दिया जाता है, ताकि वे छोटे से बड़े स्तर तक डेयरी बिजनेस शुरू कर सकें.
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सरकार द्वारा पशुपालकों और उद्यमियों को सीधे आर्थिक सहायता देने के लिए चार योजनाएं संचालित की जा रही हैं.
डेयरी उद्योग को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने के लिए इस योजना के तहत लाभार्थियों को ₹31.25 लाख तक का भारी अनुदान दिया जा रहा है.
कौन उठा सकता है फायदा?
आवेदक के पास गो पालन अथवा महिष पालन का कम से कम 3 वर्षों का अनुभव होना चाहिए और इसका प्रमाण सम्बन्धित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा किया गया हो. पूर्व में संचालित कामधेनु, मिनी/माइक्रो कामधेनु के लाभार्थी इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं.
जरूरी शर्तें
आधारभूत संरचना के लिए 0.5 एकड तथा चारा उत्पादन के लिए 1.5 एकड़ भूमि अनिवार्य, खुद की अथवा पैतृक/साझेदारी अथवा 7 वर्षों का पंजीकृत अनुबन्ध पर ली गयी हो तथा जलभराव से मुक्त हो.
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छोटे और मध्यम स्तर के डेयरी फार्म शुरू करने के इच्छुक लोगों के लिए इस योजना के तहत ₹11.80 लाख तक के अनुदान की व्यवस्था की गई है.
जरूरी शर्तें
कौन कर सकता है आवेदन?
पहले में संचालित कामधेनु, मिनी/माइक्रो कामधेनु अथवा नन्द बाबा दुग्ध मिशन के तहत संचालित नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना एवं मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के लाभार्थी इस योजना के लिए पात्र नहीं.
आवेदन कैसे करें?
आवेदन ऑनलाइन निर्धारित प्रारूप पर किये जायेगें परन्तु जब तक नन्द बाबा दुग्ध मिशन का पोर्टल ऑनलाइन नहीं होता है तब तक पशुपालकों द्वारा आवेदन पत्र ऑफलाइन मोड में सम्बन्धित जनपद के मुख्य विकास अधिकारी अथवा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के कार्यालय में रजिस्टर्ड डाक द्वारा अथवा सीधे जमा किये जाएंगे.
आवेदनों की संख्या अधिक होने की स्थिति में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा ई-लाटरी के माध्यम से चयन किया जाएगा. अनुदान की धनराशि का भुगतान लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से अवमुक्त किया जाएगा.
| योजना का नाम | मिलने वाली अधिकतम सब्सिडी |
| नंदिनी कृषक समृद्धि योजना | ₹31.25 लाख तक |
| मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना | ₹11.80 लाख तक |
| मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना | ₹80,000 तक |
| मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना | ₹10,000 से ₹15,000 तक |
स्वदेशी नस्ल की गायों के पालन और उनके संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रति लाभार्थी ₹80,000 तक का अनुदान दे रही है.
कौन कर सकता है आवेदन?
कैसे होगा चयन?
आवेदन आनलाइन अथवा ऑफलाइन के माध्यम से किया जाएगा, जिसकी हार्ड कॉपी सम्बन्धित जनपद के मुख्य विकास अधिकारी अथवा मुख्यपशु चिकित्साधिकारी कार्यालय में उपलब्ध करायी जाएगी.
आवेदनों की संख्या अधिक होने की स्थिति में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा ई-लाटरी के माध्यम से चयन किया जाएगा.
डेयरी से बढ़ते अवसर के संकल्प के साथ यह मिशन राज्य के गांवों में स्वरोजगार का एक बेहतरीन जरिया बन चुका है. उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी किसानों, युवाओं और पशुपालकों से अपील की है कि वे इन योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें और आज ही योजना का फायदा उठाएं ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर प्रदेश के विकास में अपना योगदान दे सकें.
उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि-
नन्द बाबा दुग्ध मिशन को ग्रामीण विकास की एक बड़ी पहल माना जा रहा है, जो डेयरी सेक्टर को सिर्फ पारंपरिक व्यवसाय से आगे बढ़ाकर एक संगठित और लाभकारी उद्योग में बदलने की दिशा में काम कर रही है. अगर कोई व्यक्ति डेयरी बिजनेस शुरू करने की सोच रहा है, तो यह योजना शुरुआती पूंजी और सरकारी सहायता दोनों के लिहाज से एक मजबूत अवसर बन सकती है.
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