मशरूम की यह किस्म कर देगी मालामाल! 10 हजार रुपये किलो है भाव, खेती का तरीका है बेहद आसान

Mushroom ki Kheti: लायंस मेन मशरूम (Lions Mane Mushroom) आकार में बड़ा होता है और इसका वजन आधा किलो तक हो सकता है.
मशरूम की यह किस्म कर देगी मालामाल! 10 हजार रुपये किलो है भाव, खेती का तरीका है बेहद आसान

बाजार में इसकी कीमत 8,000 से 10,000 रुपये प्रति किलो तक है.

Mushroom ki Kheti: कम लागत, कम जगह और कम समय में ज्यादा मुनाफे वाली खेती के विकल्प के रूप में मशरूम की खेती (Mushroo Farming) किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है. बढ़ती पोषण जागरूकता, शाकाहारी प्रोटीन की बढ़ती मांग और औषधीय मशरूम के ऊंचे बाजार भाव ने इसे पारंपरिक फसलों का लाभकारी विकल्प बना दिया है. यही कारण है कि किसान अब गेहूं-धान के साथ-साथ मशरूम उत्पादन की ओर रुख कर रहे हैं.

गुणों से भरपूर लायंस मेन मशरूम

वैसे तो मशरूम के कई वैरायटी हैं, लेकिन लायंस मेन मशरूम (Lions Mane Mushroom) की बात ही अलग है. इसे वैज्ञानिक भाषा में हेरिशियम एरिनेसियस कहा जाता है, आज दुनिया भर में अपने औषधीय, पोषण और आर्थिक महत्व के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.

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यह मशरूम न केवल देखने में अलग है, बल्कि इसके स्वास्थ्य लाभ इसे सामान्य मशरूम से बिल्कुल अलग श्रेणी में खड़ा करते हैं. खास बात यह है कि भारत में भी अब इसकी खेती और खपत तेजी से बढ़ रही है.

क्या है लायंस मेन मशरूम?

लायंस मेन मशरूम (Lions Mane Mushroom) आकार में बड़ा होता है और इसका वजन आधा किलो तक हो सकता है. अन्य मशरूम की तरह इसमें गिल्स नहीं होते, बल्कि नीचे की ओर दांतनुमा संरचनाएं होती हैं, जिनसे बीजाणु निकलते हैं. यह आमतौर पर सड़े हुए वृक्षों और लकड़ियों पर उगता है और एशिया, यूरोप व उत्तरी अमेरिका में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है.

Lions Mane Mushroom

क्यों कहा जाता है इसे ब्रेन बूस्टर मशरूम?

आईसीएआर की रिपोर्ट के मुताबिक, Lions Mane Mushroom को खासतौर पर याददाश्त बढ़ाने और तंत्रिका तंत्र को मजबूत करने के लिए जाना जाता है. इसमें मौजूद जैव-सक्रिय यौगिक न्यूरॉन्स के निर्माण में सहायक होते हैं, स्मृति शक्ति को बेहतर बनाते हैं, चिंता और अवसाद को कम करने में मददगार हैं और अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसी बीमारियों के जोखिम को घटा सकते हैं. यही वजह है कि आधुनिक चिकित्सा और आयुर्वेद, दोनों में इस मशरूम पर शोध तेजी से बढ़ रहा है.

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कैसे होती है लायंस मेन मशरूम की खेती?

लायंस मेन मशरूम की खेती पॉलीप्रोपाइलीन थैलों में की जाती है. इसके लिए 80% चौड़ी पत्ती वाले पेड़ों का बुरादा, 20% गेहूं की चोकर, 1% चूना मिश्रण को पानी में भिगोकर ऑटोक्लेव में जीवाणु रहित किया जाता है. इसके बाद स्पॉन मिलाकर 23-25°C तापमान पर रखा जाता है. करीब 40-50 दिनों में कवक जाल फैल जाता है और फिर फलन शुरू हो जाता है.

फलन के समय

तापमान: 18-22°C
नमी: 80-85%
प्रकाश की जरूर: न्यूनतम

जब मशरूम के बाल नीचे की ओर लटकने लगते हैं, तब यह कटाई के लिए तैयार होता है.

बाजार में कीमत और उपयोग

लायंस मेन मशरूम की बाजार में कीमत 8,000 से 10,000 रुपये प्रति किलो तक मिलती है. इसका उपयोग सब्जी या तलकर, सुखाकर, पाउडर, कैप्सूल और जूस के रूप में किया जाता है. हाई कीमत और बढ़ती मांग के कारण यह मशरूम किसानों के लिए एक लाभकारी विकल्प बनता जा रहा है.

औषधीय गुण जो इसे बनाते हैं खास

  • पेट के अल्सर से बचाव
  • हृदय रोग के जोखिम में कमी
  • मधुमेह के लक्षणों के प्रबंधन में सहायक

मानसिक स्वास्थ्य में सुधार में मददगार माने जाते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार यह मशरूम भविष्य की औषधीय फसल के रूप में उभर रहा है.

खबर से जुड़े FAQs

1. लायंस मेन मशरूम किस बीमारी में सबसे ज्यादा फायदेमंद है?
यह याददाश्त कमजोर होने, अल्जाइमर, चिंता और अवसाद में लाभकारी माना जाता है.

2. क्या लायंस मेन मशरूम भारत में उगाया जा सकता है?
हां, नियंत्रित तापमान और नमी में इसे भारत में सफलतापूर्वक उगाया जा सकता है.

3. इसकी खेती में कितना समय लगता है?
स्पॉन डालने से लेकर कटाई तक लगभग 45-60 दिन का समय लगता है.

4. क्या यह मशरूम रोजाना सेवन के लिए सुरक्षित है?
सीमित मात्रा में सेवन सामान्यतः सुरक्षित माना जाता है, लेकिन औषधीय उपयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूरी है.

5. क्या इसकी खेती छोटे किसान भी कर सकते हैं?
हां, कम जगह और नियंत्रित वातावरण में इसकी खेती संभव है, जिससे छोटे किसान भी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.

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