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कपास किसानों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने 2 सितंबर 2025 को नई दिल्ली में एक अहम बैठक की अध्यक्षता की है. इस बैठक में वस्त्र मंत्रालय और कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. इस दौरान खरीफ विपणन सीजन 2025-26 (जो 1 अक्टूबर 2025 से शुरू होगा) के लिए कपास के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ऑपरेशन की तैयारियों पर नजर डाली गई.
इस बैठक में केंद्रीय मंत्री ने साफ कहा है कि सरकार कपास किसानों के बेनेफिट्स के सारे काम करेगी.इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि MSP के तहत आने वाली हर चीज की खरीद बिना रुकावट और समय पर की जाएगी.साथ ही किसानों को उनकी उपज का सही और सही पैसा मिलेगा. सरकार की कोशिश है कि खरीद प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी रहे.
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अब की बार कपास की खरीद का पूरा सिस्टम डिजिटल कर दिया गया है. यानी कि अब किसानों को न तो लंबी लाइन लगानी होगी और न ही किसी कागजी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा. MSP के जरिए कपास की खरीद से लेकर स्टॉक की बिक्री तक हर एक प्रक्रिया ऑनलाइन और पेपरलेस होगी. वैसे यह बदलाव किसानों और व्यापारियों दोनों के लिए भरोसेमंद और सुविधाजनक साबित होगा.
असल में इस साल पहली बार सरकार ने खरीद केंद्र बनाने के लिए एक जैसे नियम तय किए हैं.साथ ही अब ध्यान रखा गया है कि जहां कपास ज्यादा उगाया जाता है, वहां किसानों को आसानी से खरीद केंद्र मिलें.इसके साथ ही, पास में एपीएमसी मंडी और प्रोसेसिंग फैक्ट्री की सुविधा भी हो.
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इस बार रिकॉर्ड 550 खरीद केंद्र अलग-अलग राज्यों में खोले जा रहे हैं.
-1 अक्टूबर से उत्तर भारत में कपास की खरीद शुरू होगी.
-15 अक्टूबर से मध्य भारत में.
-21 अक्टूबर से दक्षिण भारत में खरीद प्रक्रिया शुरू होगी.
-किसानों के लिए 'कपास-किसान' मोबाइल ऐप.
इसके अलावा किसानों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस बार 'कपास-किसान' मोबाइल ऐप लॉन्च किया है. इस ऐप से किसान आसानी से आधार आधारित सेल्फ-रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे. इसके साथ ही किसान को 7 दिन का स्लॉट बुकिंग सिस्टम भी मिलेगा, ताकि मंडी में भीड़ और परेशानी से बचा जा सके.सबसे बड़ी सुविधा यह है कि किसानों को सीधे उनके बैंक खाते में पैसे मिलेंगे. NACH प्रणाली के जरिए भुगतान तेज और सुरक्षित तरीके से किया जाएगा, इसके साथ ही, SMS अलर्ट की सुविधा भी जारी रहेगी, जिससे किसानों को तुरंत पता चल जाएगा कि उनका पैसा खाते में आ गया है.
किसानों की समस्याओं को देखते हुए सरकार ने इस बार समस्या सुलझाने की व्यवस्था पर खास ध्यान दिया है. हर एपीएमसी मंडी में लोकल मॉनिटरिंग कमेटी (LMC) बनाई जाएगी. यह कमेटी किसानों की शिकायतों का तुरंत समाधान करेगी.इसके अलावा, राज्य स्तर पर अलग-अलग हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाएंगे. वहीं, CCI का एक केंद्रीय हेल्पलाइन नंबर भी पूरे सीजन में सक्रिय रहेगा.
सरकार ने पहले से ही अतिरिक्त कर्मचारियों, लॉजिस्टिक्स और ढांचागत सुविधाओं की व्यवस्था कर ली है, ताकि खरीद सीजन के दौरान किसी भी तरह की दिक्कत का सामना ना करना पड़े.
कपास भारत की एक महत्वपूर्ण नकदी फसल होती है.देश के लाखों किसान इससे जुड़े हैं और उनकी आजीविका इसी पर निर्भर करती है, पिछले कुछ सालों में कपास किसानों को कई बार सही दाम नहीं मिल पाता था, जिससे उनकी आय प्रभावित होती थी. MSP ऑपरेशन और इस बार की डिजिटल सुविधाओं से किसानों को न सिर्फ समय पर भुगतान मिलेगा बल्कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बनी रहेग.
केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि सरकार का लक्ष्य कपास किसानों को उचित दाम, बेहतर सुविधा और आसान सिस्टम उपलब्ध कराना है.सरकार चाहती है कि किसान डिजिटल सिस्टम से जुड़ें और उन्हें बिना परेशानी के उनका मेहनताना मिले.
-अब कपास किसानों को लंबी लाइन, दलालों की परेशानी और देर से भुगतान जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा.
-डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया से उनका भरोसा और बढ़ेगा.
-550 खरीद केंद्र और मोबाइल ऐप से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी.
Q1. MSP पर कपास की खरीद कब से शुरू होगी?
खरीफ विपणन सीजन 2025-26 की शुरुआत 1 अक्टूबर 2025 से होगी.
Q2. किसानों को भुगतान कैसे मिलेगा?
किसानों को उनकी उपज का पैसा सीधे उनके बैंक खाते में NACH प्रणाली के जरिए मिलेगा.
Q3. क्या खरीद प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी?
हां, कपास की खरीद से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया ऑनलाइन और पेपरलेस होगी.
Q4. किसानों की शिकायतों का समाधान कैसे होगा?
हर एपीएमसी मंडी में लोकल मॉनिटरिंग कमेटी (LMC) बनाई जाएगी और हेल्पलाइन नंबर भी जारी रहेंगे.
Q5. सरकार ने किसानों को क्या भरोसा दिया है?
सरकार ने वादा किया है कि MSP पर हर गांठ की खरीद समय पर और पारदर्शी तरीके से की जाएगी.
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