अब हर किसान बनेगा लखपति! ये खेती नहीं, बल्कि 'सोना उगलने' वाला है तारीका, सरकार भी दे रही है फुल मदद

आज के समय हर एक किसान सालों साल कमाई करने वाली बेस्ट खेती की तलाश में रहते हैं, तो कुछ ऐसी खेती हैं, जो हर एक किसान के लिए बेस्ट ऑप्शन हैं, ये सिर्फ एक फसल नहीं, बल्कि भविष्य का एक स्थायी और सुरक्षित निवेश है.
अब हर किसान बनेगा लखपति! ये खेती नहीं, बल्कि 'सोना उगलने' वाला है तारीका, सरकार भी दे रही है फुल मदद

देश के हर एक किसान का यही सपना होता है कि उसकी फसल की मेहनत का अच्छा दाम मिले और उसको तगड़ा मुनाफा होता रहे. लेकिन गेहूं, धान और गन्ने की पारंपरिक खेती में बढ़ती लागत, मौसम की मार और अनिश्चित बाजार के चलते मुनाफा कमाना आज के समय में किसान के लिए एक चुनौती बन गया है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि खेती में कुछ ऐसे 'स्मार्ट' ऑप्शन अब मौजूद हैं, जो कम जमीन और कम लागत में भी आपको तगड़ा मुनाफा करवा सकते हैं.

तो फिर देरी किस बात की आज हम आपको ऐसी ही 3 मुनाफे करवाने वाली फसलों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी बाजार में भारी डिमांड हाई है और ये आपकी किस्मत बदल सकती हैं.

1. मशरूम की खेती

मशरूम की खेती उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जिनके पास खेत नहीं हैं. असल में मशरूम की खेती के लिए खेत की जरूरत ही नहीं होती.इस खेती के लिए 15x15 के एक अंधेरे कमरे में आसानी से उगाया जा सकता है.आपको बस गेहूं या चावल का भूसा, कुछ बीज (स्पॉन) और नमी की जरूरत है.लगभग 20-25 दिनों में ही इसकी फसल तैयार हो जाती है.मान लें कि अगर 1 किलो मशरूम बीज (स्पॉन) से आप लगभग 5 से 10 किलो तक मशरूम उगा सकते हैं, हालांकि यह उत्पादन मशरूम की किस्म और खेती की परिस्थितियों पर निर्भर करता है.

ऑयस्टर मशरूम अगर उगा रहे हैं तो फसल चक्र के लिए करीब ₹3,000 से ₹6,500 तक की लागत आती है उदाहरण के लिए, करीब 100 किलो मशरूम बीज (स्पॉन) से 50 से 70 किलो तक ऑयस्टर मशरूम का उत्पादन संभव है. थोक बाजार में औसत कीमत ₹180 प्रति किलो है,तो कुल आमदनी ₹9,000 से ₹12,600 तक हो सकती है. यानी फसल में शुद्ध मुनाफा ₹6,000 से ₹9,000 तक हो सकता है.अगर आप साल में 4-5 फसलें लेते हैं, तो एक छोटे सेटअप से भी सालाना ₹35,000 या उससे अधिक कमाई संभव है, यानी बड़े पैमाने पर खेती करके लखपति बना जा सकता है. मशरूम की खेती पर अलग अलग राज्य सरकारें सब्सिडी दे रही हैं.तो सरकार द्वारा सब्सिडी प्राप्त करने के लिए, आपको अपने राज्य के कृषि विभाग या उद्यान विभाग की वेबसाइट पर जाएं.


2. लेमनग्रास की खेती

यह एक ऐसी चमत्कारी फसल मानी जाती है, जिसे एक बार लगाने के बाद आपको 5-6 साल तक दोबारा बुवाई की चिंता नहीं करनी पड़ती है. वैसे इसकी सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि इसे जानवर नहीं खाते, जिससे फसल की रखवाली का झंझट नहीं रहता है.असल में यह सूखा-प्रभावित क्षेत्रों में भी आसानी से उग जाती है.लेमनग्रास के तेल की कॉस्मेटिक, साबुन, तेल और दवा कंपनियों में जबरदस्त मांग है. आसानी से एक एकड़ में खेती करके किसान आसानी से साल का करीब 1 से 1.5 लाख रुपये तक का शुद्ध मुनाफा कमा सकते हैं.वैसे लेमनग्रास की खेती के लिए सरकार 50% से 80% तक की सब्सिडी देती है. इसके अलावा, तेल निकालने के लिए डिस्टिलेशन यूनिट लगाने पर भी 50% तक अनुदान मिलता है. सब्सिडी प्राप्त करने के लिए, आपको अपने राज्य के कृषि विभाग या नाबार्ड (NABARD) से संपर्क करना होगा.

3. तुलसी की खेती

तुलसी सिर्फ एक पवित्र पौधा नहीं, बल्कि कमाई का एक बड़ा जरिया भी है.तुलसी की खेती में ज्यादा लागत या देखभाल की जरूरत नहीं होती.बड़ी-बड़ी दवा कंपनियां और आयुर्वेदिक उत्पाद बनाने वाली फर्में किसानों से कॉन्ट्रैक्ट पर तुलसी की खेती करवाती हैं.उदाहारण के लिए असल मेंएक एकड़ जमीन में तुलसी की खेती करने पर लगभग ₹15,000 से ₹20,000 की लागत आ सकती है.तो एक एकड़ से औसतन 12 से 15 क्विंटल सूखी तुलसी की पत्तियां मिल सकती हैं. बाजार में इनकी कीमत करीब ₹60 से ₹80 प्रति किलो होती है. ऐसे में एक फसल से ₹90,000 से ₹1,20,000 तक की कमाई संभव है. तुलसी की खेती के लिए, केंद्र सरकार की राष्ट्रीय औषधीय पौधा बोर्ड (NMPB) और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) जैसी योजनाओं के तहत सब्सिडी मिल सकती है. राज्य सरकारें भी अपने स्तर पर तुलसी की खेती के लिए सब्सिडी प्रदान देती हैं. (नोट-खबर केवल जानकारी के लिए है, खेती कैसे करना और करना है कि नहीं ये किसान के ऊपर है)

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