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किसान पारंपरिक फसलों से तो सालों साल से मुनाफा कमा कर रहे हैं, लेकिन अब कुछ ऐसी फसलें किसान उगा रहे हैं जो मार्केट में डिमांड में रहती हैं. जी हां मार्केट में डिमांड में रहने वाली एक फसल है मूंगफली की. आज के समय में पारंपरिक फसलों की तुलना में मूंगफली की खेती किसानों के लिए एक लाभदायक ऑप्शन बनती जा रही है. कम लागत और अच्छी बाजार मांग के कारण किसान इस तिलहनी फसल से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. तो आइए जानते हैं मूंगफली की खेती को कैसे करें और कैसे ये फसल किसान को मालामाल कर सकती है.
मूंगफली की खेती के लिए गर्म और नम जलवायु को सबसे अच्छा माना जाता है. इसकी फसल के लिए 20°C से 30°C का तापमान आदर्श माना जाता है.खेती के लिए मिट्टी का सवाल है, तो बलुई दोमट या हल्की दोमट मिट्टी जिसमें जल निकासी की उचित व्यवस्था हो, बेस्ट होती है.
खेत की अच्छी तैयारी मूंगफली की अच्छी फसल के लिए बहुत जरूरी होती है. इसके लिए, खेत की गहरी जुताई करके मिट्टी को भुरभुरा बनाएं फिर जुताई के बाद पाटा चलाकर खेत को समतल कर लें ताकि सिंचाई का पानी समान रूप से फैल सके. साथ ही बुवाई से पहले प्रति एकड़ 4-5 टन गोबर की खाद डालना अच्छा होगा.
कम अवधि में पकने वाली और गुच्छेदार किस्में गर्मी में खेती के लिए बेहतर मानी जाती हैं. हमेशा इसकी बुवाई से पहले बीजों का उपचार करें ताकि फसल को रोगों और कीटों से बचाया जा सके.
एक बात इस खेती की अच्छी होती है कि मूंगफली को बहुत ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती है, लेकिन खूंटियां बनते समय (जब फलियां बनने लगती हैं) और फलियां भरते समय सिंचाई करना जरूरी होता है. खरपतवार नियंत्रण के लिए फसल की बुवाई के 15-20 दिन बाद हाथ से निराई करें. खाद के लिए प्रति एकड़ 20-30 किलोग्राम नाइट्रोजन, 40-50 किलोग्राम फॉस्फोरस और 30-40 किलोग्राम पोटाश का यूज कर सकते हैं.
ये कैलकुलेशन हम एक आंकल के रूप में समझा रहे हैं क्योंकि मुनाफा फसल का हमेशा कम ज्यादा हो सकता है.
बीज: 40-45 किलोग्राम प्रति एकड़ (लगभग ₹4,000 - ₹5,000)
उर्वरक (खाद): नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश और जिप्सम (लगभग ₹3,000 - ₹4,000)
खेत की तैयारी और जुताई: (लगभग ₹2,000 - ₹3,000)
सिंचाई: (लगभग ₹1,500 - ₹2,000)
कीटनाशक/खरपतवारनाशक: (लगभग ₹1,500 - ₹2,000)
कटाई और मजदूरी: (लगभग ₹3,000 - ₹4,000)
कुल अनुमानित लागत: ₹15,000 से ₹20,000
पैदावार: विभिन्न उन्नत तरीकों से खेती करने पर प्रति एकड़ 10-15 क्विंटल (1,000-1,500 किलोग्राम) तक पैदावार हो सकती है.
मार्केट रेट: मूंगफली का बाजार मूल्य आमतौर पर ₹5,000 से ₹8,000 प्रति क्विंटल तक रहता है.
तो मान लीजिए कि किसान को प्रति एकड़ 12 क्विंटल की औसत पैदावार मिलती है और वह उसे ₹6,000 प्रति क्विंटल के औसत भाव पर बेचता है.
कुल आय: 12 क्विंटल × ₹6,000 = ₹72,000
कुल लागत: ₹15,000
शुद्ध मुनाफा: कुल आय - कुल लागत = ₹72,000 - ₹15,000 = ₹57,000
इस कैलकुलेशन के अनुसार, एक किसान एक एकड़ में मूंगफली की खेती करके एक सीजन में लगभग ₹57,000 तक का शुद्ध मुनाफा कमा सकता है. अगर कोई किसान दो फसलें (खरीफ और जायद) मूंगफली की कर लेता है, तो फिर यह मुनाफा दोगुना भी हो सकता है. कुछ किसान तो प्रति एकड़ ₹30,000 से लेकर ₹50,000 तक की कमाई कर रहे हैं.(नोट-खबर केवल जानकारी के लिए है, खेती कैसे करना और करना है कि नहीं ये किसान के ऊपर है)
Q1. मूंगफली की खेती के लिए सबसे उपयुक्त मौसम कौन सा है?
A1. मूंगफली की खेती खरीफ सीजन में, जून से जुलाई के बीच, मानसून की शुरुआत के साथ की जाती है.
Q2. मूंगफली की औसत उपज प्रति हेक्टेयर कितनी होती है?
A2. औसतन 1,500 से 2,500 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर उपज मिल सकती है, जो खेती के तरीके और देखभाल पर निर्भर करती है.
Q3. मूंगफली की खेती में अनुमानित लागत कितनी आती है?
A3. 1 हेक्टेयर खेती में लगभग ₹40,000 से ₹70,000 तक की लागत आती है.
Q4. मूंगफली का थोक भाव मार्केट में कितना मिलता है?
A4. भाव गुणवत्ता और मांग पर निर्भर करते हुए ₹90 से ₹120 प्रति किलोग्राम तक मिल सकता है.
Q5. मूंगफली की खेती से किसान कितना मुनाफा कमा सकते हैं?
A5. औसतन किसान ₹95,000 से ₹2.3 लाख प्रति हेक्टेयर तक शुद्ध मुनाफा कमा सकते हैं.