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आजकल जिस तरह से मौसम बदल रहा है और आर्थिक हालात भी कुछ-कुछ उसी तरह से ऊपर-नीचे हो रही है, ऐसे में किसान अगर कोई सेफ और फायदे वाली खेती का ऑप्शन ढूंढ रहे हैं, तो महोगनी के पेड़ उनके लिए बड़ी उम्मीद बन सकते हैं. जी हां महोगनी की खेती से किसानों को लंबे समय तक खूब पैसा मिल सकता है. साथ ही, इससे हमारे पर्यावरण को भी फायदा होग सकता. इतना ही नहीं इसकी लकड़ी बाज़ार में बहुत महंगी बिकती है.
मान लेते हैं कि अगर कोई किसान आज महोगनी के पौधे लगाता है, तो फिर आने वाले अगले 10 से 12 सालों में वह लाखों रुपए कमा सकता है. इसमें कोई बड़ा जोखिम भी नहीं है, यानी यह किसानों के लिए एक सुरक्षित और फायदेमंद खेती का ज़रिया बन सकता है.
सबसे महंगी होती है इसकी लकड़ी
वैसे भी महोगनी की लकड़ी को दुनियाभर में सबसे कीमती और टिकाऊ लकड़ियों में गिनते हैं.इस लकड़ी की डिमांड सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी जबरदस्त है. महोगनी की लकड़ी का उपयोग जहाज निर्माण, फर्नीचर, प्लाईवुड, सजावटी सामान और मूर्तियां बनाने में बड़े पैमाने पर होता है. खास बात ये है कि पानी का इस पर कोई असर नहीं होता, जिससे इसके बने प्रोडक्ट कई सालों तक चलते हैं.
खेत के किनारे लगाएं इसके पेड़
अगर किसान अपने खेत के किनारे महोगनी के पेड़ लगाएं, तो 10 से 12 साल में उन्हें जबरदस्त मुनाफा मिलने के पूरे चांस रहते हैं.मान लेते हैं कि एक तैयार महोगनी पेड़ की कीमत करीब-करीब ₹40,000 से ₹50,000 तक होती है.
कितनी हो सकती है कमाई
अगर कोई किसान महोगनी के 50 पेड़ लगाता है, और हर पेड़ की कीमत 10-12 साल में ₹40,000 से ₹50,000 हो जाती है, तो कुल कमाई ₹20 लाख से ₹25 लाख तक हो सकती है.उदाहरण के लिए मान लेते हैं कि अगर 50 पेड़ लगाए तो ₹50,000 प्रति पेड़ = ₹25 लाख की कमाई होती है.
वैसे तो यह कमाई 10-12 साल के बाद मिलेगी. इसे सालाना देखें तो, ₹25 लाख को 10 साल से भाग देने पर हर साल लगभग ₹2.5 लाख की औसत कमाई का अनुमान लगा सकते हैं. वैसे यह एक सेफ और लंबे समय तक मुनाफा देने वाला किसानों का निवेश माना जाता है.
कैसे उगाएं इसके पेड़
किसान महोगनी किसी भी जलवायु में उग सकता है और इसके पौधे नर्सरी में ₹50 से ₹70 में मिल जाते हैं और पौधे में 7 से 8 फीट की दूर रखें. वैसे महोगनी की खेती के लिए सबसे अच्छी मिट्टी दोमट मानी जाती है. इसको बर्फबारी वाले इलाकों को छोड़कर किसी भी जलवायु में उगा सकते हैं.पौधा 50 फीट से लेकर 150 फीट तक ऊंचा हो सकता है. वैसे महोगनी का पेड़ आमतौर पर 12 से 15 साल में तैयार होता है, लेकिन 12 साल बाद इसे बेचा जा सकता है.
सरकार कैसे करेगी मदद
महोगनी के पेड़ की खेती को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार और कई राज्य सरकारें किसानों को सब्सिडी दे रही हैं.खासकर उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को महोगनी की खेती में मदद कर रही है.इसके अलावा, राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन (NMSA) जैसी स्कीम के तहत भी किसानों को महोगनी सहित अन्य लाभकारी पेड़ लगाने के लिए आर्थिक सहायता किसानों को मिल सकती है..(नोट-खबर केवल जानकारी के लिए है, खेती कैसे करना और करना है कि नहीं ये किसान के ऊपर है और इसकी कमाई पर हम मुहर नहीं लगा रहे हैं)