2 महीने की मेहनत...फिर मिलेगा मोटा पैसा! इस फसल से किसान छापेंगे खूब पैसा! समझें प्रोसेस से लेकर सब्सिडी तक के बारे में

कम पानी, कम लागत और कम मेहनत में ज्यादा कमाई चाहने वाले किसानों के लिए बाजरे की खेती बेहतरीन ऑप्शन है. यह फसल सूखे में भी उग जाती है और प्रति एकड़ 24,000 रुपये तक का मुनाफा दिला सकती है.बस सही किस्म और मार्केटिंग से कमाई और बढ़ती है.
2 महीने की मेहनत...फिर मिलेगा मोटा पैसा! इस फसल से किसान छापेंगे खूब पैसा! समझें प्रोसेस से लेकर सब्सिडी तक के बारे में

आज के टाइम में जब खेती की लागत लगातार बढ़ रही है और पानी की कमी कई राज्यों में बड़ी समस्या बन चुकी है, तो ऐसे में किसान ऐसी फसल की तलाश में रहते हैं जो कम मेहनत में अच्छा फायदा दे सके. ऐसे में बाजरे की खेती किसानों के लिए किसी गेम चेंजर से कम नहीं है.असल में बाजरा केवल एक अनाज नहीं, बल्कि सूखे और कम बारिश वाले इलाकों में किसानों की इनकम बढ़ाने का एक मजबूत ऑप्शन बन चुका है,तो इसकी खेती में लागत कम आती है, पानी कम लगता है और बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है.

बाजरे की खेती क्यों है खास?

  • बाजरा सूखे और तेज गर्मी में भी आसानी से उग जाता है.
  • बदलते मौसम को सहने की क्षमता इसे खास बनाती है.
  • राजस्थान, हरियाणा, गुजरात जैसे इलाकों में यह किसानों की पहली पसंद है.
  • इस फसल में खाद और कीटनाशक का खर्च बहुत कम लगता है.
  • कुल लागत बाक फसलों के मुकाबले लगभग आधी रह जाती है.
  • कई राज्य सरकारे इस पर सब्सिडी भी दे रही हैं.
  • बाजरा खेती पर सब्सिडी सरकार द्वारा मिलेट मिशन योजनाओं के जरिए दी जाती है.
  • सामान्य बाजरा बीज पर 50% और हाइब्रिड बीज पर ₹150 प्रति किलो तक की छूट मिल सकती है.
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कैसे करें सफल बाजरे की खेती?

  • बाजरा हर मिट्टी में उगता है, पर बलुई दोमट मिट्टी सबसे बेस्ट है.
  • खेत की 1–2 बार गहरी जुताई कर मिट्टी को भुरभुरा बनाएं।
  • अपने इलाके के अनुसार RHB-177, HHB-67, HHB-226, पूसा 23 जैसी किस्में चुनें.
  • लाइम में बुवाई करें – 45–60 सेमी पंक्ति दूरी, 10–15 सेमी पौधे की दूरी रखें.
  • बाजरा बहुत कम सिंचाई में भी अच्छे से बढ़ता है, बारिश हो जाए तो पानी की जरूरत नहीं पड़ती.

एक एकड़ में कमाई का पूरा हिसाब

  • बेस्ट वैराइटी से प्रति एकड़ 8–15 क्विंटल बाजरा प्रोडक्शन मिलता है.
  • MSP ₹2,500–2,700 और बाजार दर ₹3,500 तक पहुंच सकती है.
  • औसत रेट ₹2,800 प्रति क्विंटल मानकर कमाई का अनुमान लगाया जा सकता है.
  • ग्रास इनकम:10 क्विंटल × ₹2,800 = **₹28,000 प्रति एकड़

टोटल लागत:

जुताई: ₹1,500–2,000
बीज: ₹300–500
खाद: ₹2,000–3,000
गुड़ाई: ₹1,000–1,500
थ्रेशिंग: ₹2,000–3,000
बाकी खर्च: ₹500–1,000

नॉर्मल लागत मानें तो करीब ₹9,000 प्रति एकड़
नेट प्रॉफिट: ₹28,000 – ₹9,000 = ₹19,000 प्रति एकड़

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चारे से भी फायदा

  • बाजरे की कटाई के बाद बचा डंठल और पत्तियां पशु चारे के रूप में बिक जाते हैं.
  • इससे किसानों को प्रति एकड़ ₹4,000–6,000 की एक्स्ट्रा इनकम होती है.
  • टोटल मुनाफा: अनाज से ₹19,000 + चारे से ₹5,000 (औसत) =₹24,000 प्रति एकड़
  • 2–3 एकड़ जमीन है, तो एक सीजन में ₹50,000 से ₹70,000 से अधिक की कमाई आसानी से हो सकती है.

निचोड़: कम मेहनत, ज्यादा फायदा

  • बाजरे की खेती कम लागत में शुरू की जा सकती है.
  • इसे बहुत कम सिंचाई की जरूरत होती है.
  • इस फसल में जोखिम भी काफी कम रहता है.
  • सही किस्म और समय पर प्रबंधन से उत्पादन बढ़ता है.
  • यह फसल किसानों की आय दोगुनी करने की क्षमता रखती है.(नोट: खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है, कमाई का कैलकुलेशन कम-ज्यादा हो सकता है)

खबर से जुड़े 5 FAQs

Q1. बाजरे की खेती क्यों फायदेमंद है?
क्योंकि यह कम पानी, कम खाद और कम लागत में तैयार हो जाती है और सूखे इलाकों में भी अच्छा उत्पादन देती है.

Q2. प्रति एकड़ बाजरे की कमाई कितनी होती है?
औसतन एक एकड़ में अनाज और चारे मिलाकर करीब ₹24,000 तक का मुनाफा हो सकता है.

Q3. बाजरे की उन्नत किस्में कौन-सी हैं?
RHB-177, HHB-67 इम्प्रूव्ड, HHB-226 और पूसा 23 प्रमुख उन्नत किस्में मानी जाती हैं.

Q4. बाजरे की बुवाई कब करनी चाहिए?
जून के अंतिम सप्ताह से जुलाई के मध्य तक बुवाई सबसे उपयुक्त रहती है.

Q5. बाजरे को कितनी सिंचाई की जरूरत होती है?
बहुत कम, अगर बारिश अच्छी हो जाए तो सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ती.

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