&format=webp&quality=medium)
Natural Disaster.
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में हाल ही में आई भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ ने किसानों की कमर तोड़ दी है. इस आपदा से फसलों और खेतों को करीब 19 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
कृषि विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, खरीफ सीजन में जिले के 28 हजार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर फसलें लगाई गई थीं. लेकिन आपदा के कारण कई जगह खेतों की उपजाऊ मिट्टी बह गई और खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं.
किसान न सिर्फ अभी की आय से वंचित हो गए हैं, बल्कि उन्हें आने वाले सीजन के लिए बीज और खाद जुटाने की चुनौती भी है. जिन खेतों की मिट्टी बह गई है, उन्हें फिर से उपजाऊ बनाना आसान नहीं होगा.
ये भी पढ़ें- ये है मालामाल बनाने वाली खेती! सालभर बाजार में रहती है मांग, सरकार दे रही 45 हजार रुपये
कृषि उपनिदेशक भूपेंद्र सिंह ने बताया कि विभाग की टीमों ने प्रभावित गांवों का दौरा कर नुकसान का आकलन किया है. रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई है और उम्मीद है कि राज्य और केंद्र सरकार जल्द किसानों को राहत और आर्थिक मदद देंगी.
आपदा के कारण किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि वे अगले सीजन में खेती कैसे शुरू करें. जिनकी पूरी फसल बर्बाद हो गई है, उनके लिए तो परिवार का गुजारा करना भी मुश्किल हो गया है.
Q1. चंबा जिले में हाल ही में क्या हुआ?
भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ आई, जिससे खेती को भारी नुकसान हुआ.
Q2. किसानों को कितना नुकसान हुआ है?
फसलों और खेतों को लगभग 19 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
Q3. कितनी जमीन पर लगी फसलें प्रभावित हुईं?
खरीफ सीजन में जिले के 28 हजार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर फसलें लगाई गई थीं.
Q4. किसानों की सबसे बड़ी समस्या अब क्या है?
खेतों की उपजाऊ मिट्टी बह जाने से उन्हें दोबारा उपजाऊ बनाना मुश्किल है.
Q5. क्या किसानों को कोई मदद मिलेगी?
कृषि विभाग ने नुकसान की रिपोर्ट सरकार को भेज दी है
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)