खरीफ फसलों की बुवाई का कुल क्षेत्रफल 708 लाख हेक्टेयर के पार! धान, दाल और मोटे अनाज की बुवाई में जबरदस्त तेजी

Kharif Crops: चालू सीजन में खरीफ फसलों की बुवाई का रकबा इस वर्ष अब तक बढ़कर 708.31 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह रकबा 580.38 लाख हेक्टेयर था.
खरीफ फसलों की बुवाई का कुल क्षेत्रफल 708 लाख हेक्टेयर के पार! धान, दाल और मोटे अनाज की बुवाई में जबरदस्त तेजी

Kharif Crops: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा हाल में जारी आंकड़ों के अनुसार, चालू सीजन में खरीफ फसलों की बुवाई का रकबा इस वर्ष अब तक बढ़कर 708.31 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह रकबा 580.38 लाख हेक्टेयर था. बुवाई के रकबे में बढ़ोतरी बेहतर उत्पादन के लिए अच्छा संकेत है, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी और खाद्य मंहगाई को नियंत्रित रखने में भी मदद मिलेगी.

धान, उड़द और मूंग की बुवाई का रकबा बढ़ा

आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि इस वर्ष 18 जुलाई तक धान की बुवाई का रकबा 176.68 लाख हेक्टेयर है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह रकबा 157.21 लाख हेक्टेयर था. उड़द और मूंग जैसी दालों की बुवाई का रकबा 81.98 लाख हेक्टेयर बताया गया है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह रकबा 80.13 लाख हेक्टेयर था. यह बढ़ोतरी एक सकारात्मक प्रगति है क्योंकि दालों के उत्पादन में बढ़ोतरी महंगाई को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

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मोटे अनाज का रकबा बढ़ा

ज्वार (Jwar), बाजरा (Bajra) और रागी जैसे मोटे अनाजों या मोटे अनाजों का रकबा चालू सीजन में अब तक बढ़कर 133.65 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह रकबा 117.66 लाख हेक्टेयर था.

बेहतर मानसूनी बारिश से बुवाई हुई आसान

बेहतर मानसूनी बारिश के कारण देश के असिंचित क्षेत्रों में बुवाई आसान हो गई है, जो देश की लगभग 50 फीसदी कृषि भूमि है, जिससे चालू सीजन में बुवाई का रकबा बढ़ा है. गन्ने का रकबा भी पिछले वर्ष की इसी अवधि के 54.88 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 55.16 लाख हेक्टेयर हो गया है.

14 खरीफ फसलों की MSP में इजाफा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने इस वर्ष 28 मई को मार्केटिंग ईयर 2025-26 के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि को मंजूरी दी ताकि उत्पादकों को उनकी फसलों के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित किया जा सके और उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा सके.

पिछले वर्ष की तुलना में एमएसपी में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी नाइजर्सीड के लिए 820 रुपए प्रति क्विंटल की गई है, इसके बाद रागी 596 रुपए प्रति क्विंटल, कपास 589 रुपए प्रति क्विंटल और तिल 579 रुपए प्रति क्विंटल है.

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