&format=webp&quality=medium)
फर्टिलाइजर सब्सिडी का पेमेंट केंद्र सरकार केमिकल्स और फर्टिलाइजर्स मिनिस्ट्री के जरिए करती है. (Image- Freepik)
Fertilizer Subsidy: मिडिल ईस्ट में इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध से गैस सप्लाई में रुकावट के कारण भारत में खाद संकट गहरा गया है. ग्लोबल सप्लाई चेन में आई बाधाओं के बीच सरकार ने किसानों राहत देने के लिए मोर्चा संभाल लिया है. सूत्रों ने ज़ी बिजनेस को बताया कि वित्त मंत्री (Finance Minister) ने फर्टिलाइजर सचिव, पेट्रोलियम सचिव, कृषि सचिव और एक्सपेंडिचर सचिव के साथ एक बैठक बुलाई है. बैठक में फर्टिलाइजर और दूसरी एग्रीकल्चरल सब्सिडी जैसे एरिया पर भी चर्चा होने की संभावना है.
सूत्रों का कहना है कि फर्टिलाइजर सब्सिडी का पेमेंट केंद्र सरकार केमिकल्स और फर्टिलाइजर्स मिनिस्ट्री के जरिए करती है. सरकार खाद की कीमतों में उछाल का बोझ किसानों पर न पड़ने देने के लिए फर्टिलाइजर सब्सिडी (Fertilizer Subsidy) में बढ़ोतरी कर सकती है, क्योंकि ईरान-इजरायल-अमेरिका लड़ाई के कारण फर्टिलाइजर की उपलब्धता कम हो गई है. इससे फर्टिलाइजर कि कीमतों में भी उछाल देखने को मिला है.
देश में खेती के लिए फर्टिलाइजर एक जरूरी चीज है, क्योंकि ये किसानों को समय पर मिलते हैं, साथ ही खाद्य सुरक्षा को मजबूत करते हैं और उत्पादन में आत्मनिर्भरता को सपोर्ट करते हैं. ये खेती की उत्पादकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं. आम तौर पर, फर्टिलाइजर की खपत में बढ़ोतरी बेहतर फसल उत्पादन के साथ होती है. फसल उत्पादन में कोई भी सुधार देश में खाद्य उत्पादन और गांव की रोजी-रोटी को बनाए रखने में मदद करता है.
ये भी पढ़ें- ईरान संकट से चावल निर्यातकों की बढ़ी मुसीबत! सरकार से मांगी बंदरगाह शुल्कों में छूट और विशेष बैंकिंग मदद
केंद्र सरकार ने ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि वे अपनी क्षमता का इस्तेमाल एलपीजी उत्पादन बढ़ाने पर करें. सरकार ने कहा कि प्रोपेन और ब्यूटेन स्ट्रीम्स का अधिकतम उपयोग एलपीजी बनाने में किया जाए. ये स्ट्रीम्स अब पेट्रोकेमिकल या अन्य उपयोग के बजाय सिर्फ एलपीजी प्रोडक्शन के लिए इस्तेमाल होंगी.
सरकार ने कहा कि सभी रिफाइनरी कंपनियां प्रोपेन-ब्यूटेन को रिकवर, फ्रैक्शनेट या उपलब्ध कराकर सिर्फ तीन पब्लिक सेक्टर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को सप्लाई करेंगी. देश में 99% से ज्यादा घरेलू एलपीजी इन्हीं तीन कंपनियों के जरिए सप्लाई होती है.
Live TV
फर्टिलाइजर सब्सिडी एक खास फाइनेंशियल मदद है जो केंद्र सरकार देश में किसानों के लिए खाद की कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए देती है. पिछले कुछ वर्षों में, फर्टिलाइजर सब्सिडी देश के खेती-बाड़ी पर होने वाले खर्च का सबसे बड़ा हिस्सा रही है.
नहीं, यह सब्सिडी किसानों को नहीं दी जाती. इसके बजाय, यह फर्टिलाइज़र बनाने वालों और आयात करने वालों को तब दी जाती है जब वे किसानों को सरकार द्वारा तय कीमतों पर फर्टिलाइजर बेचते हैं.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)