चीनी की बनी रहेगी मिठास, FY26 में अब तक चीनी उत्पादन 22% बढ़कर 159.09 लाख टन

Sugar Production: 15 जनवरी 2026 तक, ऑल-इंडिया शुगर प्रोडक्शन159.09 लाख टन तक पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी अवधि के 130.44 लाख टन की तुलना में लगभग 22% ज्यादा है.
चीनी की बनी रहेगी मिठास, FY26 में अब तक चीनी उत्पादन 22% बढ़कर 159.09 लाख टन

Sugar Production: चीनी उत्पादन पर अच्छी खबर है. इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) के मुताबिक, 15 जनवरी 2026 तक, ऑल-इंडिया शुगर प्रोडक्शन159.09 लाख टन तक पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी अवधि के 130.44 लाख टन की तुलना में लगभग 22% ज्यादा है. चालू चीनी मिलों की संख्या में भी थोड़ी बढ़ोतरी हुई है, वर्तमान में 518 मिलें क्रशिंग कर रही हैं, जबकि पिछले सीजन के इसी फेज में 500 मिलें थीं.

इस्मा के अनुसार, भारत के शुगर सेक्टर ने 2025-26 सीजन में अब तक स्थिर प्रगति की है, जिसे पर्याप्त गन्ने की उपलब्धता, बेहतर फील्ड-स्तरीय उत्पादकता और प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में सुचारू संचालन का समर्थन मिला है.

प्रमुख चीनी उत्पादक राज्य

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उत्तर प्रदेश ने 46.05 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है, जो जनवरी के मध्य तक पिछले साल की तुलना में 3.23 लाख टन लगभग 8% ज्यादा है. महाराष्ट्र ने इस सीजन में ज्यादा क्रशिंग रेट दर्ज की है, चीनी उत्पादन 64.50 लाख टन तक पहुंच गया है, जो पिछले सीज़न की इसी अवधि की तुलना में लगभग 51% अधिक है. राज्य में वर्तमान में 204 मिलें चालू हैं, जबकि पिछले साल इसी समय 196 मिलें थीं. कर्नाटक ने भी बेहतर क्रशिंग मोमेंटम दर्ज की है, चीनी उत्पादन पिछले सीजन की इसी अवधि की तुलना में लगभग 13% बढ़ा है. कुल मिलाकर, अब तक का सीजन स्थिर परिचालन प्रगति और उद्योग के लिए सावधानीपूर्वक आशावादी आउटलुक है.

Zone15th Jan 2026 No. of factories started15th Jan 2026 Sugar production15th Jan 2025 No. of factories started15th Jan 2025 Sugar production
U.P.11946.0512242.82
Maharashtra20464.5019642.71
Karnataka7431.057327.45
Gujarat143.86153.73
Tamil Nadu271.85141.30
Others8011.788012.43
ALL INDIA518159.09500130.44

(नोट: ऊपर दिए गए चीनी उत्पादन के आंकड़े चीनी को एथेनॉल में बदलने के बाद के हैं)

बिहार सरकार ने गन्ने की कीमत बढ़ाई

उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा की सरकारों द्वारा गन्ने की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद, बिहार सरकार ने भी हाल ही में तय गन्ने की कीमत में ₹15 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी करके इसे ₹380 प्रति क्विंटल कर दिया है. हालांकि ये बदलाव किसानों का समर्थन करते हैं, लेकिन बढ़ते गन्ने और चीनी उत्पादन लागत और गिरती एक्स-मिल चीनी कीमतों के बीच बढ़ता अंतर मिलों के फाइनेंस और गन्ने के भुगतान चक्र पर दबाव डाल रहा है.

फिलहाल, महाराष्ट्र और कर्नाटक में एक्स-मिल चीनी की कीमतें और गिरकर लगभग ₹3,550 प्रति क्विंटल हो गई हैं, जो चीनी की मौजूदा उत्पादन लागत से काफी कम है.

जैसे-जैसे सीजन आगे बढ़ रहा है और चीनी का स्टॉक बढ़ता जा रहा है, संकेत मिल रहे हैं कि गन्ने के भुगतान का बकाया बढ़ना शुरू हो गया है और अगर मौजूदा बाजार की स्थिति बनी रही तो यह और बढ़ सकता है.

गन्ने की कीमतों और चीनी की कीमतों के बीच लगातार बेमेल होने के कारण इंडस्ट्री को बढ़ते ऑपरेशनल और कैश-फ्लो तनाव का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में बढ़ती उत्पादन लागत के हिसाब से चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य (MSP) में जल्द बदलाव करना, वित्तीय स्थिरता बहाल करने, किसानों को समय पर गन्ने का भुगतान सुनिश्चित करने और बिना सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाले जार में स्थिरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होगा.

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