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(Image- PIB)
GCES Web Portal, Mobile App: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (डीएएंडएफडब्ल्यू) के सचिव मनोज आहूजा ने GCES (General Crop Estimation Survey) के लिए मोबाइल एप्लिकेशन और वेब पोर्टल की शुरुआत की. यह वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप पूरे देश में कृषि कार्य प्रणालियों में आमूल-चूल परिवर्तन लाने के उद्देश्य के साथ विकसित किया गया है.
आहूजा ने कृषि में वास्तविक समय अनुमान और टेक्नोलॉजी की जरूरत पर जोर दिया है. उन्होंने उल्लेख करते हुए कहा कि सत्यता पर आधारित और विश्वसनीय परिणाम प्राप्त करने के लिए डेटा की सटीकता एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटक है और इसीलिए डेटा की सटीकता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी डेटा प्रदाताओं की भी है. सचिव मनोज आहूजा ने इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी राज्यों से विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए सामान्य फसल अनुमान सर्वेक्षण पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन को कार्यान्वित करने का अनुरोध किया.
वेब पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन, इन दोनों के लिए प्रायोगिक तौर पर 12 राज्यों में योजना बनाई गई है और अक्टूबर 2023 के तीसरे हफ्ते तक इन्हें लागू कर दिया जाएगा.
1. विस्तृत जानकारी- पोर्टल और ऐप गांव-गांव के आधार पर GCES योजना और भूखंड विवरण सहित उपज अनुमान का एक विस्तृत संग्रह उपलब्ध कराते हैं, विशेषकर जहां पर फसल कटाई के लिए प्रायोगिक परीक्षण किए जाते हैं, कटाई के तुरंत बाद फसल का भार और फिर फसल का सूखा वजन देखा जाता है.
2. भूमि-संदर्भ- भूमि-संदर्भ इस मोबाइल एप्लिकेशन की प्रमुख विशेषताओं में से एक है, जो प्राथमिक उपयोगकर्ता को प्रायोगिक भूखंड की सीमा खींचने और इसके माध्यम से भूमि के टुकड़े के साथ-साथ फसलों की तस्वीरें अपलोड करने में सक्षम बनाता है. यह सुविधा डेटा की पारदर्शिता एवं सटीकता को भी सुनिश्चित करेगी.
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1. सूचना प्रबंधन में विलंब- अब तक डेटा कलेक्शन, संकलन और उपज का आकलन करना पूरी तरह से मैनु्अल काम रहा है, जिसके कारण राज्यों को सूचना प्रबंधन करने में देरी होती है. अब नई प्रक्रिया में, जीपीएस से सक्षम मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करके क्षेत्रीय डेटा एकत्र किया जाएगा और उसे सर्वर में स्टोर किया जाएगा, जिससे फसल आंकड़ों की समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित हो जाएगी.
2. पारदर्शिता- जीपीएस (GPS) से लैस डिवाइस डेटा कलेक्शन प्वाइंट्स के लिए सटीक लैटिट्यूड और लॉन्गिट्यूड कोऑर्डिनेट्स करते हैं. इससे यह जानकारी सुनिश्चित हो जाती है कि डेटा विशिष्ट भौगोलिक स्थानों से संबंधित है और यह भी पता चलता है कि डेटा को कहां पर कलेक्ट किया गया था, इसके बारे में अस्पष्टता या हेरफेर के लिए कोई स्थान बाकी बचता ही नहीं है.