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गन्ना पेराई 25.6% बढ़कर 900.75 लाख टन हो गई है.
Sugar Production: भारत का चीनी उत्पादन चालू सत्र 2025-26 में अब तक 28.33% बढ़कर 77.90 लाख टन हो गया है. हालांकि सहकारी चीनी मिलों के महासंघ ने सरकार से मिनिमम सेलिंग प्राइस बढ़ाने की मांग की है. बता दें कि चीनी सत्र अक्टूबर से सितंबर तक चलता है.
किसानों के स्वामित्व वाली मिलों का प्रतिनिधित्व करने वाले नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड (NFCSF) ने कहा कि सत्र की शुरुआत से अब तक चीनी कीमतों में लगभग 2,300 रुपये प्रति टन की गिरावट आई है और ये अब करीब 37,700 रुपये प्रति टन के स्तर पर बनी हुई हैं.
महासंघ ने चेतावनी दी है कि बाजार भाव में गिरावट और लागत में बढ़ोतरी के कारण किसानों को होने वाले भुगतान पर खतरा मंडरा रहा है.
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NFCSF के आंकड़ों के अनुसार 15 दिसंबर तक देश की 479 चालू चीनी मिलों ने 77.90 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है, जबकि एक साल पहले 473 मिलों ने 60.70 लाख टन चीनी का उत्पादन किया था.महासंघ ने एक बयान में कहा कि गन्ना पेराई 25.6% बढ़कर 900.75 लाख टन हो गई है.

नकदी संकट का समाधान करने के लिए, महासंघ ने सरकार से दो प्रमुख कदम उठाने का अनुरोध किया है-
महासंघ के अनुसार, इससे चीनी मिलों को लगभग 2,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हो सकती है.
| विवरण | 2025-26 (अब तक) | 2024-25 (पिछले वर्ष) |
|---|---|---|
| चालू चीनी मिलों की संख्या | 479 | 473 |
| कुल चीनी उत्पादन | 77.90 लाख टन | 60.70 लाख टन |
| उत्पादन वृद्धि | 28.33% | - |
| गन्ना पेराई | 900.75 लाख टन | - |
| चीनी कीमत | ₹37,700/टन | ₹40,000/टन |
महासंघ ने चालू सत्र के लिए 15 लाख टन चीनी के निर्यात की मंजूरी देने के सरकार के फैसले का स्वागत किया, लेकिन कहा कि केवल इससे मिलों के सामने मौजूद नकदी संकट का समाधान नहीं होगा.
FAQs
1. चालू चीनी सत्र 2025-26 में अब तक कितना उत्पादन हुआ है?
15 दिसंबर तक देश में 77.90 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है.
2.चीनी सत्र किस अवधि का होता है?
भारत में चीनी सत्र अक्टूबर से सितंबर तक चलता है.
3. इस समय चीनी की बाजार कीमत क्या है?
चीनी के दाम गिरकर लगभग 37,700 रुपये प्रति टन पर आ गए हैं.
4. MSP बढ़ाने की मांग क्यों की जा रही है?
बाजार भाव में गिरावट और उत्पादन लागत बढ़ने से किसानों को गन्ना भुगतान पर खतरा पैदा हो गया है.
5. गन्ना पेराई में कितना इजाफा हुआ है?
गन्ना पेराई 25.6% बढ़कर 900.75 लाख टन हो गई है.
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