चीनी उत्पादन में 28% की जोरदार बढ़त, लेकिन मिलों ने नकदी संकट से निपटने के लिए MSP बढ़ाने की मांग की

Sugar Production: महासंघ ने चेतावनी दी है कि बाजार भाव में गिरावट और लागत में बढ़ोतरी के कारण किसानों को होने वाले भुगतान पर खतरा मंडरा रहा है. 
चीनी उत्पादन में 28% की जोरदार बढ़त, लेकिन मिलों ने नकदी संकट से निपटने के लिए MSP बढ़ाने की मांग की

गन्ना पेराई 25.6% बढ़कर 900.75 लाख टन हो गई है.

Sugar Production: भारत का चीनी उत्पादन चालू सत्र 2025-26 में अब तक 28.33% बढ़कर 77.90 लाख टन हो गया है. हालांकि सहकारी चीनी मिलों के महासंघ ने सरकार से मिनिमम सेलिंग प्राइस बढ़ाने की मांग की है. बता दें कि चीनी सत्र अक्टूबर से सितंबर तक चलता है.

किसानों को होने वाले भुगतान पर मंडराया खतरा

किसानों के स्वामित्व वाली मिलों का प्रतिनिधित्व करने वाले नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड (NFCSF) ने कहा कि सत्र की शुरुआत से अब तक चीनी कीमतों में लगभग 2,300 रुपये प्रति टन की गिरावट आई है और ये अब करीब 37,700 रुपये प्रति टन के स्तर पर बनी हुई हैं.

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महासंघ ने चेतावनी दी है कि बाजार भाव में गिरावट और लागत में बढ़ोतरी के कारण किसानों को होने वाले भुगतान पर खतरा मंडरा रहा है.

15 दिसंबर तक 77.90 लाख टन चीनी का उत्पादन

NFCSF के आंकड़ों के अनुसार 15 दिसंबर तक देश की 479 चालू चीनी मिलों ने 77.90 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है, जबकि एक साल पहले 473 मिलों ने 60.70 लाख टन चीनी का उत्पादन किया था.महासंघ ने एक बयान में कहा कि गन्ना पेराई 25.6% बढ़कर 900.75 लाख टन हो गई है.

उत्पादक राज्यों का प्रदर्शन

  • देश के सबसे बड़े चीनी उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में चीनी उत्पादन 16.80 लाख टन से बढ़कर 31.30 लाख टन हो गया है.
  • उत्तर प्रदेश में उत्पादन 22.95 लाख टन से बढ़कर 25.05 लाख टन पर पहुंच गया है.
  • कर्नाटक में 15 दिसंबर तक चीनी उत्पादन सालाना आधार पर 13.50 लाख टन से बढ़कर 15.50 लाख टन हो गया है.
sugar production

मिलों की मुख्य मांगें

नकदी संकट का समाधान करने के लिए, महासंघ ने सरकार से दो प्रमुख कदम उठाने का अनुरोध किया है-

  • न्यूनतम विक्रय मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी- चीनी का न्यूनतम विक्रय मूल्य बढ़ाकर 41 रुपये प्रति किलोग्राम किया जाए.
  • एथेनॉल प्रोडक्शन- एथेनॉल उत्पादन के लिए अतिरिक्त 5 लाख टन चीनी भेजने की मंजूरी दी जाए.

महासंघ के अनुसार, इससे चीनी मिलों को लगभग 2,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हो सकती है.

विवरण2025-26 (अब तक)2024-25 (पिछले वर्ष)
चालू चीनी मिलों की संख्या479473
कुल चीनी उत्पादन77.90 लाख टन60.70 लाख टन
उत्पादन वृद्धि28.33%-
गन्ना पेराई900.75 लाख टन-
चीनी कीमत₹37,700/टन₹40,000/टन

महासंघ ने चालू सत्र के लिए 15 लाख टन चीनी के निर्यात की मंजूरी देने के सरकार के फैसले का स्वागत किया, लेकिन कहा कि केवल इससे मिलों के सामने मौजूद नकदी संकट का समाधान नहीं होगा.

FAQs

1. चालू चीनी सत्र 2025-26 में अब तक कितना उत्पादन हुआ है?
15 दिसंबर तक देश में 77.90 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है.

2.चीनी सत्र किस अवधि का होता है?
भारत में चीनी सत्र अक्टूबर से सितंबर तक चलता है.

3. इस समय चीनी की बाजार कीमत क्या है?
चीनी के दाम गिरकर लगभग 37,700 रुपये प्रति टन पर आ गए हैं.

4. MSP बढ़ाने की मांग क्यों की जा रही है?
बाजार भाव में गिरावट और उत्पादन लागत बढ़ने से किसानों को गन्ना भुगतान पर खतरा पैदा हो गया है.

5. गन्ना पेराई में कितना इजाफा हुआ है?
गन्ना पेराई 25.6% बढ़कर 900.75 लाख टन हो गई है.

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