भारत की कॉफी ने मचाया धमाल, चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही में प्रोडक्शन 15% बढ़कर $1.05 अरब, 'कॉफी किंग' बन रहा है भारत!

भारत के कॉफी निर्यात में इस वित्त वर्ष की पहली छमाही में 15% की बढ़ोतरी हुई. निर्यात $1.05 अरब तक पहुंचा, भारतीय अरबिका और रोबस्टा कॉफी अंतरराष्ट्रीय बाजार में लोकप्रिय, किसानों और उद्योग के लिए लाभदायक.
 भारत की कॉफी ने मचाया धमाल, चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही में प्रोडक्शन 15% बढ़कर $1.05 अरब, 'कॉफी किंग' बन रहा है भारत!

भारत के कॉफी निर्यात में इस वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल–सितंबर 2025) में महत्वपूर्ण ग्रोथ देखी गई है. कॉफी बोर्ड के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मूल्य के आधार पर देश का कॉफी निर्यात 15 प्रतिशत बढ़कर 1.05 अरब डॉलर तक पहुंच गया है. पिछली फाइनेंशियल ईयर की समान अवधि में यह आंकड़ा 91.8 करोड़ डॉलर था.

2025 में तेजी से दिखी है ग्रोथ

रुपए के लिहाज से देखें तो कॉफी निर्यात में और भी अधिक तेजी आई है. वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में निर्यात 19 प्रतिशत बढ़कर 9,119.24 करोड़ रुपए हो गया, जो एक वर्ष पहले 7,678.74 करोड़ रुपए था. इससे यह साफ होता है कि न केवल अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मांग बढ़ी है, बल्कि विदेशी मुद्रा में भी भारत की कॉफी निर्यात कमाई में इजाफा हुआ है.

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निर्यातकों को प्रति यूनिट मिलने वाली आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है. प्रति टन आय 34 प्रतिशत बढ़कर 4.71 लाख रुपए हो गई, जो एक वर्ष पहले 3.52 लाख रुपए प्रति टन थी. इस वित्त वर्ष की पहली छमाही में भारतीय कॉफी का कुल शिपमेंट 24 प्रतिशत बढ़कर 1.95 अरब डॉलर हो गया, जबकि पिछले वर्ष यह 1.57 अरब डॉलर था. मात्रा के हिसाब से देखें तो जनवरी-सितंबर की अवधि में 2.96 लाख टन कॉफी का निर्यात हुआ, जो पिछले वर्ष 3.34 लाख टन था.

दुनिया में कहां है कॉफी प्रोडक्शन में भारत

भारत, कॉफी उत्पादन में दुनिया का सातवां सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यात में पांचवां सबसे बड़ा देश है. भारतीय कॉफी की क्वालिटी और स्वाद ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पहचान बनाई है. इसके अलावा, कॉफी उत्पादन में भारत की पारंपरिक खेती और सस्टेनेबल प्रथाओं का भी महत्वपूर्ण योगदान है.

अंतरराष्ट्रीय कॉफी दिवस

इस साल 1 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय कॉफी दिवस के अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इंडिया-ईएफटीए प्रोस्पेरिटी समिट के साइडलाइन में भारतीय कॉफी के अलग-अलग स्वादों का आनंद लिया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “अंतरराष्ट्रीय कॉफी दिवस पर, मुझे इंडिया-ईएफटीए प्रोस्पेरिटी समिट के दौरान हमारी अपनी भारतीय कॉफी के विभिन्न स्वादों का आनंद लेने का अवसर मिला.”

मंत्री ने कहा कि भारतीय कॉफी की समृद्ध सुगंध और स्वाद का कोई मुकाबला नहीं है और यह हमें याद दिलाता है कि हमारी देसी कॉफी कितनी खास है. उन्होंने भारतीय कॉफी उत्पादकों की सफलता और इस क्षेत्र के निरंतर विकास की कामना की.

अंतरराष्ट्रीय कॉफी दिवस के मौके पर वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कॉफी बोर्ड द्वारा आयोजित कॉफी एक्सपीरियंस जोन एंड एक्सपो का उद्घाटन किया. अग्रवाल ने कहा कि भारतीय कॉफी सस्टेनेबल है और इसे जंगलों के साथ उगाया जाता है, जो इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाता है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल के वर्षों में भारत से कॉफी का निर्यात दोगुना हो गया है.

अग्रवाल ने कॉफी खेती में विविधीकरण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि निरंतर इनोवेशन और मूल्यवर्धन इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं. भारत मसालों की भूमि होने के नाते, कॉफी उत्पादन में इनोवेशन के अपार अवसर प्रदान करता है. उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी उन्नति, बेहतर बीज और फसल प्रबंधन के माध्यम से भारत के कॉफी निर्यात को और बढ़ाया जा सकता है.

भारत में कॉपी की वैराइटी

भारत की कॉफी,खास रूप से अरबिका और रोबस्टा किस्में, अपने अनोखे स्वाद और सुगंध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में लोकप्रिय हैं. निर्यात में हुई यह बढ़ोतरी न केवल भारतीय कॉफी उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत है, बल्कि यह स्थानीय किसानों और कृषि आधारित व्यवसायों के लिए भी आर्थिक अवसर पैदा करती है.

कुल मिलाकर, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में भारतीय कॉफी निर्यात की यह सफलता देश के आर्थिक और कृषि क्षेत्र दोनों के लिए महत्वपूर्ण है. सरकार के प्रोत्साहन, वैश्विक मांग और निर्यातकों की मेहनत के चलते भारत कॉफी उत्पादन और निर्यात में अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए है.

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5 FAQs

Q1: चालू वित्त वर्ष में भारत का कॉफी निर्यात कितना बढ़ा?
A1: अप्रैल–सितंबर 2025 में भारत का कॉफी निर्यात 15% बढ़कर $1.05 अरब हो गया.

Q2: भारत की कॉफी वैश्विक स्तर पर किस स्थिति में है?
A2: भारत दुनिया का सातवां सबसे बड़ा उत्पादक और पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक है.

Q3: निर्यात वृद्धि का लाभ किसे होता है?
A3: इससे स्थानीय कॉफी किसानों और कृषि आधारित व्यवसायों को आर्थिक लाभ मिलता है.

Q4: भारत की कॉफी की प्रमुख किस्में कौन-कौन सी हैं?
A4: मुख्य रूप से अरबिका और रोबस्टा किस्में अंतरराष्ट्रीय बाजार में लोकप्रिय हैं.

Q5: भारत की कॉफी निर्यात में वृद्धि का कारण क्या है?
A5: वैश्विक मांग बढ़ना, उच्च गुणवत्ता, पारंपरिक खेती और निर्यातकों की मेहनत प्रमुख कारण हैं.

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