खेती के लिए चाहिए पैसा? साहूकार के चक्कर छोड़ें! बैंक से सस्ता लोन पाने का पूरा प्रोसेस और कम ब्याज वाली सरकारी स्कीमें जानें

खेती के लिए पैसे की जरूरत आज हर किसान को पड़ती है.असल में सही जानकारी के अभाव में कई किसान महंगे साहूकारों के जाल में फंस जाते हैं.जी हां यहां जानें एग्रीकल्चर लोन, KCC, ब्याज दर और सरकारी योजनाओं की पूरी आसान जानकारी.
खेती के लिए चाहिए पैसा? साहूकार के चक्कर छोड़ें! बैंक से सस्ता लोन पाने का पूरा प्रोसेस और कम ब्याज वाली सरकारी स्कीमें जानें

भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहां खेती-किसानी केवल एक पेशा नहीं है, बल्कि करोड़ों किसानों की जिंदगी है. लेकिन अक्सर बीज, खाद, ट्रैक्टर या नई तकनीक के लिए किसानों को पैसों की किल्लत का सामना करना पड़ जाता है.तो ऐसे में बैंक से 'एग्रीकल्चर लोन' (Agri Loan) लेना एक बेहतरीन रास्ता है, लेकिन फिर भी अक्सर किसान को इस लोग को लेने में पड़ी परेशानी भी झेलना पड़ता है इसका कारण है कम जानकारी.

वैसे तो सरकार और बैंक मिलकर किसानों को बहुत ही कम ब्याज दरों पर लोन दे रहे हैं. लेकिन कई बार कम जानकारी होने से बहुत से किसान साहूकारों आदि के चक्कर में फंस जाते हैं और हाई ब्याज की चक्की में पिसते जाते हैं. तो फिर आज हम आपको एकदम सिंपल भाषा में समझाएंगे कि खेती पर लोन कैसे मिलता है, कौन-कौन से डाक्यूमेंट्स चाहिए और ब्याज का असली खेल क्या है.

1. एग्रीकल्चर लोन के प्रकार?

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खेती के लिए लोन केवल एक तरह का नहीं होता. बैंक आपकी जरूरत के हिसाब से इसे बांटते हैं-
शॉर्ट टर्म लोन (KCC): यह फसल उगाने, बीज खरीदने और खाद के लिए होता है, इसे 'फसल ऋण' भी कहते हैं.
इन्वेस्टमेंट लोन: अगर ट्रैक्टर खरीदना है, नलकूप लगवाना है या जमीन समतल करनी है, तो यह लोन 3 से 7 साल के लिए मिलता है.
एग्रो-प्रोसेसिंग लोन: अगर खेती के साथ-साथ छोटा-मोटा बिजनेस (जैसे आटा चक्की या तेल मिल) लगाना चाहते हैं, तो इसके लिए भी बैंक पैसा देते हैं.

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2. किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)

  • खेती के लिए सबसे पॉपुलर लोन KCC (Kisan Credit Card) है.
  • इसकी सामान्य ब्याज दर करीब 9% होती है, लेकिन सरकार इस पर 2% की छूट देती है, जिससे यह 7% रह जाती है.
  • अगर लोन टाइम पर चुकाते हैं, तो सरकार 3% की और छूट देती है.
  • यानी कि किसान को केवल 4% ब्याज देना पड़ता है.
  • साफ है कि इससे सस्ता लोन कहीं नहीं मिलेगा.

लोन लेने के लिए क्या-क्या कागज चाहिए?

बैंक जाने से पहले ये दस्तावेज अपने पास जरूर रख लें:

  • पहचान पत्र: आधार कार्ड, वोटर आईडी या पैन कार्ड.
  • पते का सबूत: राशन कार्ड या बिजली का बिल.
  • जमीन के कागज: खतौनी (जमीन का रिकॉर्ड), जमाबंदी और खेती की जमीन का नक्शा.
  • फसल का ब्यौरा:पटवारी या लेखपाल से प्रमाणित कराया हुआ कि आप खेत में क्या बोने वाले हैं.
  • बैंक स्टेटमेंट: पिछले 6 महीने का लेन-देन और एक पासपोर्ट साइज फोटो.

लोन लेने का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस

  • स्टेप 1: अपने नजदीकी सरकारी या ग्रामीण बैंक (जैसे SBI, PNB या को-ऑपरेटिव बैंक) में जाएं.
  • स्टेप 2: एग्रीकल्चर लोन या KCC का फॉर्म मांगें और उसे सही-सही भरें.
  • स्टेप 3: अपने जमीन के डाक्यूमेंट्स बैंक को सौंपें. बैंक का अधिकारी आपके खेत का मुआयना करने आ सकता है.
  • स्टेप 4: बैंक जमीन की कीमत और फसल की लागत के हिसाब से लोन की लिमिट तय करेगा.
  • स्टेप 5: सब सही रहने पर लोन का फंड खाते में ट्रांसफर होगा या कार्ड जारी कर दिया जाएगा.

ब्याज दरें और छिपे हुए खर्च

वैसे आमतौर पर एग्री लोन की ब्याज दरें 7% से 12% के बीच ही होती हैं. लेकिन इसमें कुछ और भी छोटे-मोटे खर्च होते हैं-
प्रोसेसिंग फीस: कई बैंक ₹3 लाख तक के KCC लोन पर प्रोसेसिंग फीस नहीं लेते हैं.
Insurance: फसल बीमा योजना के तहत किसान तो लोन का एक छोटा हिस्सा बीमा प्रीमियम के रूप में कटता है.
ऐसा करने से फसल खराब होने पर आपका लोन माफ या एडजस्ट हो सके.

इन सरकारी योजनाओं का उठाएं फायदा

  • 1-किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) खेती से जुड़ी जरूरतों के लिए लोन देता है.
  • इसका उपयोग फसल उत्पादन और कृषि मशीनरी में किया जा सकता है.
  • ₹3 लाख तक के लोन पर ब्याज दर 7% रहती है और सरकार 2% ब्याज सब्सिडी देती है.
  • टाइम पर पेमेंट करने पर ब्याज 4% तक रह जाता है.
  • 2-प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) किसानों को सीधी आर्थिक मदद देती है.
  • यह स्कीम लोन नहीं, बल्कि इनकम को सपोर्ट करने के लिए है.
  • 3-ब्याज सहायता योजना (MISS) में किसानों को ₹3 लाख तक के फसल लोन पर 2% ब्याज छूट मिलती है.
  • इस छूट से किसान करीब 7% ब्याज दर पर लोन ले पाते हैं।
  • 4-प्राकृतिक आपदा राहत योजनाएं आपदा से प्रभावित किसानों को लोन में राहत देती हैं.
  • इन योजनाओं में लोन पुनर्गठन पर ब्याज सहायता मिलती है.
  • अन्य सहायक योजनाओं में कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस और PM-KUSUM जैसे कृषि उद्योगों के लिए भी लोन मौजूद है.
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इन 3 बातों का हमेशा रखें ध्यान

1.गांव के साहूकार आपसे 24% से 36% तक ब्याज ले सकते हैं, जबकि बैंक में यह काम 4-7% में हो जाएगा.
2. अगर आप टाइम पर किस्त भरते हैं, तो अगली बार बैंक आपको ज्यादा रकम का लोन देगा.
3. खेती का पैसा घर के खर्च या शादी-ब्याह में न लगाएं, वरना लोन चुकाना मुश्किल हो जाएगा.

खेती पर लोन मिलना है अब आसान

खेती के लिए लोन लेना अब पहले जैसा मुश्किल नहीं रहा है. डिजिटल इंडिया के दौर में आप ऑनलाइन भी अप्लाई कर सकते हैं. बस अपने कागज सही रखिए और सरकार की इन स्कीम्स का पूरा लाभ उठाइए. (नोट :खबर केवल सामान्य जानकारी पर आधारित है)

खबर से जुड़े FAQs

1. एग्रीकल्चर लोन क्या होता है?
खेती, बीज, खाद, मशीनरी और कृषि से जुड़े कामों के लिए बैंक द्वारा दिया जाने वाला लोन एग्रीकल्चर लोन कहलाता है.

2. किसानों को सबसे सस्ता लोन कौन सा मिलता है?
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिए, जहां समय पर भुगतान पर ब्याज सिर्फ 4% तक रह जाता है.

3. एग्रीकल्चर लोन लेने के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
आधार कार्ड, जमीन के कागज, फसल विवरण, बैंक स्टेटमेंट और फोटो जरूरी होते हैं.

4. क्या छोटे किसान भी खेती के लिए लोन ले सकते हैं?
हां, छोटे और सीमांत किसान भी KCC और अन्य सरकारी स्कीम के तहत लोन ले सकते हैं.

5. साहूकार के बजाय बैंक से लोन क्यों लेना चाहिए?
बैंक कम ब्याज, सरकारी सब्सिडी और सुरक्षित शर्तों पर लोन देते हैं, जबकि साहूकार बहुत ज्यादा ब्याज वसूलते हैं.

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