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गेंदा फूल भारतीय संस्कृति का एक अहम हिस्सा होता है, जिसकी मांग पूरे साल बनी रहती है,चाहे पूजा-पाठ हो, शादी-ब्याह या त्योहारों की सजावट. वैसे यह किसानों के लिए 'हरा सोना' साबित हो रहा है. जी हां इसकी खेती करना बेहद आसान और कम खर्चीला होता है, जिससे छोटे और मध्यम वर्ग के किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं. अगर सही तरीके और समय पर देखभाल के साथ गेंदा फूल की खेती की जाए तो लाखों का मुनाफा हो सकता है. तो आइए जानते हैं कि गेंदे की खेती कैसे करें, इसमें कितना मुनाफा है और यह किसानों के लिए एक बेहतरीन विकल्प क्यों है.
हमेशा डिमांड में रहना: गेंदा के फूल त्योहारों, शादियों, पूजा-पाठ और सजावट के लिए पूरे साल खूब बिकते हैं.
कम खर्च, ज्यादा मुनाफा: इस फूल की खेती में लागत कम लगती है और मुनाफा अच्छा मिलता है.
जल्दी फसल तैयार: गेंदा फूल थोड़े समय में उग जाता है, जिससे जल्दी कमाई शुरू हो सकती है.
लंबे समय तक फूल: एक बार पौधे लग जाने के बाद ये कई महीनों तक लगातार फूल देता है.
कई कामों में उपयोग: गेंदा फूल पूजा के अलावा दवाओं, रंग बनाने और कीट भगाने में भी काम आता है.
हर मौसम में चलता है: गेंदा यह कई तरह की मिट्टी और मौसम में भी आसानी से उग भी जाता है.
मौसम: गेंदा ठंड से बचाकर, 20°C से 30°C तापमान में अच्छे से बढ़ता है.
मिट्टी: इसकी खेती के लिए अच्छी जल निकासी वाली दोमट या रेतीली दोमट मिट्टी सही होती है. pH 6.0-7.5 तक हो और खेत में सीधी धूप जरूरी है.
अफ्रीकी गेंदा: बड़े और पीले-नारंगी फूल, जैसे पूसा बसंती, जाइंट येलो.
फ्रेंच गेंदा: छोटे, रंग-बिरंगे फूल, जैसे रेड ब्रोकेड, बटरस्कॉच.
इसको पहले नर्सरी में पौधे तैयार करें, फिर ही किसान खेत में लगाएं.
खरीफ सीजन में (जून-जुलाई): फूल सितंबर-अक्टूबर में होंगे.
रबी सीजन में (सितंबर-अक्टूबर): फूल दिसंबर-जनवरी में होंगे.
जायद सीजन में(जनवरी-फरवरी): फूल अप्रैल-मई में होंगे.
-खेत को 2-3 बार जुताई करके भुरभुरा बनाना चाहिए.
- गोबर की खाद (8-10 टन प्रति एकड़) डालना चाहिए.
-अफ्रीकी गेंदा:** 60×30 सेमी की दूरी रखना अच्छा होगा.
-फ्रेंच गेंदा:** 30×20 सेमी की दूरी रखना चाहिए.
-रोपण के बाद हल्की सिंचाई करना चाहिए.
हर 5-7 दिन में गेंदा के पौदों की सिंचाई करें, खासकर फूल आने पर और इसका पानी रुकना नहीं चाहिए, वरना जड़ सड़ सकती है.
गोबर की खाद के साथ:
-40-50 किग्रा यूरिया
-60-80 किग्रा डीएपी
-40-60 किग्रा पोटाश
-रोपण के 30 दिन बाद 20-25 किग्रा यूरिया दोबारा डालें.
इस पौधे के रोपण के 15-20 दिन बाद ऊपरी टहनी तोड़ें ताकि पौधा झाड़ीदार बने और ज्यादा फूल आ सकें.
वैसे गेंदा के पौधे लगाने के 40-50 दिन बाद फूल आ जाते हैं. हमेशा इसके फूल सुबह या शाम को फूल तोड़ें. इसके अलावा 2-3 महीने तक लगातार फूल मिल सकते हैं.
आपको बता दें कि गेंदा फूल की खेती में प्रति एकड़ सिर्फ ₹20,000 से ₹40,000 का खर्च आ सकता है. अफ्रीकी गेंदा किसान को एक एकड़ में 8-15 टन तक फूल दे सकता है. वैसे सामान्य दिनों में गेंदा ₹20-₹80/किलो तक बिकता है, जबकि त्योहारों और शादी के सीजन में रेट ₹100 से ₹250/किलो तक पहुंच जाता है. ऐसे में उदाहारण के लिए मान लेते हैं कि अगर 10 टन फूल और ₹50/किलो रेट मिला, तो कुल ₹5 लाख की कमाई संभव, इसमें से ₹2-4 लाख तक शुद्ध मुनाफा होता है. (नोट-खबर केवल जानकारी के लिए है, खेती कैसे करना और करना है कि नहीं ये किसान के ऊपर है)
Q1: गेंदा फूल की खेती किसानों के लिए क्यों फायदेमंद है?
Ans: गेंदा फूल की मांग पूरे साल रहती है, जिससे किसान इसे बेचकर कम लागत में लाखों तक कमा सकते हैं.
Q2: क्या गेंदा फूल की खेती में ज्यादा खर्च आता है?
Ans: नहीं, इसकी खेती कम लागत में की जा सकती है और इसमें अधिक मेहनत या तकनीक की जरूरत नहीं होती.
Q3: गेंदा फूल की सबसे ज्यादा मांग कब होती है?
Ans: त्योहारों, शादियों और धार्मिक आयोजनों के समय इसकी मांग सबसे अधिक होती है.
Q4: क्या छोटे किसान भी गेंदा की खेती से मुनाफा कमा सकते हैं?
Ans: हां, इसका तरीका आसान है और छोटे किसान भी इसे अपनाकर अच्छी कमाई कर सकते हैं.
Q5: गेंदा फूल को 'हरा सोना' क्यों कहा जाता है?
Ans: क्योंकि इसकी खेती कम खर्च में ज्यादा मुनाफा देती है, जिससे यह किसानों के लिए बेहद लाभकारी फसल बन जाती है.