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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को दीपोत्सव से पहले किसानों को तोहफा देते हुए गन्ने के दाम 15 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाने की घोषणा की. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अगेती गन्ने की किस्मों का दाम 400 रुपए से बढ़ाकर 415 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है. हालांकि, पछेती किस्मों का दाम भी 393 रुपए से बढ़ाकर 408 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय न केवल किसानों के हित में है, बल्कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगा.
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि उनकी सरकार किसानों, वंचितों, युवाओं और महिलाओं के कल्याण और समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां पारदर्शी और इरादे नेक हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में विकास कार्य पहले से तीन गुना तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. सरकार 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के सिद्धांत पर काम कर रही है. सरकार ने किसानों को अपनी नीतियों के केंद्र में रखा है.
सीएम ने कहा कि आज हरियाणा में सभी फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जाती है. पिछले 11 फसल सत्रों में 12 लाख किसानों के बैंक खातों में 1,54,000 करोड़ रुपए की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है. मुख्यमंत्री ने हरियाणा कृषि भूमि पट्टा विधेयक, 2024 के अधिनियमन पर भी प्रकाश डाला, जिसने दोनों पक्षों को कानूनी स्पष्टता और सुरक्षा प्रदान करके काश्तकारों और भूस्वामियों के बीच विश्वास बहाल करने में मदद की है.
हरियाणा में नकली कृषि आदानों की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए, एक कड़ा कानून पारित किया गया है, जिसमें नकली उर्वरकों, बीजों या कीटनाशकों के निर्माण या बिक्री के दोषी पाए जाने वालों के लिए पांच साल की जेल की सजा का प्रावधान है.