GST 2.0: किसानों से कारीगरों तक, सबको मिला फायदा

GST 2.0: जीएसटी दर को 12% से घटाकर 5% करने के साथ, पहाड़ी तुअर दाल जैविक और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य बाजारों में और ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो गई है. इस कदम से चमोली, अल्मोड़ा, टिहरी, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों के छोटे किसानों को फायदा होगा. 
GST 2.0: किसानों से कारीगरों तक, सबको मिला फायदा

GST 2.0: जीएसटी सुधारों से उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को बड़ा बूस्ट मिला है और इससे पारंपरिक फसलों की खेती करने वाले छोटे पहाड़ी किसानों से लेकर ऐपण और रिंगाल क्राफ्ट को संरक्षित करने वाली महिला कारीगरों तक को फायदा हुआ है. बयान में आगे कहा गया कि टैक्स का बोझ कम करके और प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करके, जीएसटी सुधार आजीविका सुरक्षा, पर्यटन, एमएसएमई विकास और हरित उद्यमिता को मजबूत करेंगे.

जीएसटी दर (GST Rate) को 12% से घटाकर 5% करने के साथ, पहाड़ी तुअर दाल जैविक और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य बाजारों में और अधिक प्रतिस्पर्धी हो गई है. इस कदम से चमोली, अल्मोड़ा, टिहरी, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों के छोटे किसानों को फायदा होगा.

लखौरी मिर्ची पर जीएसटी घटकर 5%

उत्तराखंड के पुरोला और मोरी में उगाए जाने वाले लाल चावल के भी, विशेष रूप से पैकेज्ड और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य बाजारों में और अधिक प्रतिस्पर्धी होने की उम्मीद है. इसी प्रकार, अपनी विशिष्ट सुगंध और स्वाद के लिए प्रसिद्ध अल्मोड़ा की जीआई-टैग वाली लखौरी मिर्ची उगाने वाले किसानों को जीएसटी दर 12% से घटाकर 5% करने से फायदा होगा.

छोटे होटलों को मिलेगा फायदा

होटल और रेस्टोरेंट सहित पर्यटन, उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में 13.6% का योगदान देता है और लगभग 80,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान करता है. 7,500 रुपए तक के होटल किराए पर जीएसटी की दर 12% से घटाकर 5% कर दी गई है. इस सुधार से यात्रा और अधिक किफायती होने और नैनीताल, मसूरी, औली, चोपता, मुनस्यारी, हरिद्वार और ऋषिकेश के छोटे होटलों, रेस्टोरेंट और होमस्टे को फायदा मिलने की उम्मीद है.

कारीगरों को भी फायदा होगा

उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में, स्थानीय रूप से हाथ से बुने हुए स्वेटर, टोपी और मोजे पहाड़ी महिलाओं द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण मौसमी कुटीर उद्योग हैं. जीएसटी की दर 12% से घटाकर 5% करने से कीमतों में गिरावट आने की उम्मीद है जिससे मांग और आय में बढ़ोतरी होगी. इसी प्रकार, रिंगाल (पहाड़ी बांस) से बनी टोकरियां, ट्रे और उपयोगी वस्तुएं बनाने वाले कारीगरों को भी फायदा होगा.

कृषि-औद्योगिक आधार मजबूत होगा

उत्तराखंड में 383 रजिस्टर्ड फूड प्रोसेसिंग हैं, जो मुख्य रूप से रुद्रपुर में स्थित हैं और लगभग 30,000 लोगों को रोजगार प्रदान करती हैं. जीएसटी दर को 12% से घटाकर 5% करने से मार्जिन में सुधार, मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहन और फल प्रसंस्करण, हर्बल उत्पादों और जैविक खाद्य पदार्थों जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे राज्य का कृषि-औद्योगिक आधार मजबूत होगा.

ऑटो पर GST घटने से रोजगार के बनेंगे मौके

पंतनगर, रुद्रपुर, हरिद्वार और काशीपुर में ऑटोमोबाइल विनिर्माण क्षेत्र प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 50,000 लोगों को रोजगार प्रदान करता है. 1200 सीसी (पेट्रोल) और 1500 सीसी (डीजल) तक के वाहनों पर जीएसटी दर 28% से घटाकर 18% करने से कीमतों में गिरावट की उम्मीद है. इससे घरेलू मांग को बढ़ावा मिलेगा, निर्माताओं को समर्थन मिलेगा और ऑटोमोबाइल मूल्य श्रृंखला में अतिरिक्त रोजगार के अवसर पैदा होंगे.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल- FAQs


Q1. GST 2.0 क्या है और यह उत्तराखंड के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
GST 2.0 सरकार द्वारा लागू किया गया एक कर सुधार कार्यक्रम है, जिसमें टैक्स दरों को घटाकर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है.

Q2.GST दर घटाकर किन उत्पादों और क्षेत्रों को फायदा हुआ है?
GST दर 12% से घटाकर 5% करने से कृषि उत्पाद, हस्तशिल्प, पर्यटन, फूड प्रोसेसिंग और ऑटोमोबाइल को फायदा हुआ.

Q3. छोटे किसानों को इसका क्या फायदा होगा?
छोटे किसानों को उनके उत्पाद जैसे पहाड़ी तुअर दाल, लाल चावल और लखौरी मिर्ची की बिक्री में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी.

Q4. उत्तराखंड की महिला कारीगरों को कैसे फायदा हुआ है?
हस्तनिर्मित वस्तुओं जैसे ऐपण, रिंगाल क्राफ्ट, ऊनी स्वेटर, टोपी और मोजों पर टैक्स घटने से मांग बढ़ेगी.

Q5. पर्यटन क्षेत्र को GST 2.0 से क्या बेनिफिट मिलेगा?
होटल किराए पर GST दर 12% से घटाकर 5% होने से यात्रा किफायती होगी.

(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)

Add Zee Business as a Preferred Source
  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6