टूना मछली और समुद्री शैवाल के निर्यात को मिलेगा बढ़ावा, लक्षद्वीप में नवंबर में होगी इन्वेस्टर मीट

इस मीट का उद्देश्य मत्स्य क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना, स्थानीय मछुआरों को सशक्त बनाना, लक्षद्वीप की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देना और भारत के निर्यात को बढ़ावा देना, खासकर समुद्री उत्पादों में.
टूना मछली और समुद्री शैवाल के निर्यात को मिलेगा बढ़ावा, लक्षद्वीप में नवंबर में होगी इन्वेस्टर मीट

(Photo Credit- IANS)

केंद्र सरकार ने लक्षद्वीप द्वीप समूह में नवंबर 2025 में एक बड़ी निवेशक और निर्यातक मीट आयोजित करने का फैसला किया है. इसका मकसद है- टूना मछली, समुद्री शैवाल की खेती और सजावटी मछलियों के क्षेत्र में निवेश और निर्यात को बढ़ाना. यह घोषणा केंद्रीय मत्स्यपालन मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कोच्चि में एक बैठक के दौरान की.

इस मीट का उद्देश्य क्या है?

इस मीट का उद्देश्य मत्स्य क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना, स्थानीय मछुआरों को सशक्त बनाना, लक्षद्वीप की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देना और भारत के निर्यात को बढ़ावा देना, खासकर समुद्री उत्पादों में.

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लक्षद्वीप क्यों है फोकस में?

केंद्रीय मंत्री ने लक्षद्वीप की रणनीतिक स्थिति पर जोर दिया, जो भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र का लगभग 20% है और विशाल गहरे समुद्री संसाधनों, विशेष रूप से उच्च मूल्य वाली टूना मछली तक पहुंच प्रदान करता है. इसके अलावा, पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ निर्यात सुनिश्चित करने के लिए प्रमाणन और ट्रेसेबिलिटी प्रणालियों की स्थापना का जिक्र किया.

2047 के विकसित भारत विजन के अनुरूप

  • मंत्री ने कहा कि मछली पकड़ने में बढ़ोतरी से लक्षद्वीप की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, जो आगे चलकर देश की इकोनॉमिक ग्रोथ में योगदान देगा और प्रधानमंत्री के 2047 के विकसित भारत विजन के अनुरूप होगा.
  • उन्होंने आगे कहा कि लंबित प्रस्तावों में तेजी लाने के लिए भारत सरकार और लक्षद्वीप प्रशासन के बीच एक ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप का प्रस्ताव रखा गया है.

IT के बाद मत्स्य पालन दूसरा सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेक्टर

केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने कहा कि आईटी क्षेत्र के बाद मत्स्य पालन (Fish Farming) भारत का दूसरा सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेक्टर है और इसलिए इस पर ज्यादा नीतिगत ध्यान देने की जरूरत है.

मुद्दाफायदा
टूना, शैवाल और मछलियों पर फोकसनिर्यात में बढ़ोतरी
लक्षद्वीप की रणनीतिक स्थितिभारत को वैश्विक मार्केट में बढ़त
मछुआरों का सशक्तिकरणस्थानीय रोजगार और आय
पर्यावरण-अनुकूल तकनीकसस्टेनेबल विकास

सरकार की योजनाएं क्या हैं?

उन्होंने भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए मत्स्य पालन क्षेत्र को आत्मनिर्भर भारत, वोकल फॉर लोकल और स्वदेशी के लक्ष्यों के साथ जोड़ने को जरूरी बताया. उन्होंने स्थानीय मछुआरों को सशक्त बनाने के लिए आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, कोल्ड चेन प्रणालियों और मूल्यवर्धित प्रसंस्करण में अधिक निवेश की जरूरत पर बल दिया.

लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल ने व्यापक हितधारक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभागीय योजनाओं के लिए संरचित आउटरीच योजना के साथ-साथ पोत प्रौद्योगिकी और मछली प्रसंस्करण पर प्रशिक्षण और जागरूकता की जरूरत पर बल दिया.

खबर से जुड़ा FAQs


Q1. लक्षद्वीप में इन्वेस्टर मीट क्यों हो रही है?
इसका मकसद टूना मछली, समुद्री शैवाल और सजावटी मछलियों में निवेश बढ़ाना है.

Q2. यह इन्वेस्टर मीट कब और कहां होगी?
नवंबर 2025 में लक्षद्वीप द्वीप समूह में आयोजित की जाएगी. तारीख अभी तय नहीं हुई है.

Q3. इस मीट से मछुआरों को क्या फायदा होगा?
बेहतर ट्रेनिंग और तकनीक, तेज डिलीवरी चेन और कोल्ड स्टोरेज, वैल्यू एडिशन से ज्यादा कमाई, नए रोजगार और उद्यम के मौका मिलेंगे.

Q4. टूना मछली को लेकर सरकार इतना फोकस क्यों कर रही है?
टूना मछली की अंतरराष्ट्रीय बाजार में बहुत मांग है और लक्षद्वीप के समुद्रों में इसकी भारी उपलब्धता है.

Q5. क्या सरकार तकनीकी मदद भी देगी?
हां, सरकार द्वारा ट्रेसेबिलिटी सिस्टम, प्रमाणन, प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी, और आधुनिक पोत तकनीक पर ट्रेनिंग दी जाएगी.

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