दुनिया तक छा गया ये 'सुपरफूड'! इसकी खेती किसानों को बनाएगी मालामाल, सरकार भी दे रही ₹72,750

Makhana Cultivation: बिहार के 16 जिलों में स्वर्ण वैदेही और सबौर मखाना-1 की खेती होगी. ये उन्नत किस्में किसानों की आमदनी बढ़ाने में एक बड़ा कदम साबित होंगी.
दुनिया तक छा गया ये 'सुपरफूड'! इसकी खेती किसानों को बनाएगी मालामाल, सरकार भी दे रही ₹72,750

Makhana Cultivation.

Makhana Cultivation: बिहार सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने और मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी योजना शुरू की है. अब बिहार के 16 जिलों में मखाना की दो खास किस्मों- 'स्वर्ण वैदेही' और 'सबौर मखाना-1' की खेती की जाएगी. यह योजना साल 2025-26 और 2026-27 के लिए बनाई गई है. इसके लिए किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा.

बता दें कि दुनिया भर के मखाने का करीब 80-90% उत्पादन सिर्फ बिहार में होता है. मखाना (Makhana) ऐसी फसल है, जिसे पानी में उगाया जाता है. मखाने में करीब 9.7 ग्राम प्रोटीन और 14.5 ग्राम फाइबर होता है. यह कैल्शियम का बहुत अच्छा स्रोत है. GI टैग से पहले किसी भी सामान की गुणवत्ता, उसकी क्वालिटी और पैदावार की अच्छे से जांच की जाती है. यह तय किया जाता है कि उस खास वस्तु की सबसे अधिक और ओरिजिनल पैदावार उसी राज्य की ही है.

किन जिलों में होगी खेती?

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इन 16 जिलों में होगी उन्नत मखाना किस्मों की खेती-

  1. मधुबनी
  2. सहरसा
  3. सुपौल
  4. अररिया
  5. किशनगंज
  6. कटिहार
  7. पूर्णिया
  8. मधेपुरा
  9. दरभंगा
  10. समस्तीपुर
  11. पूर्वी चंपारण
  12. पश्चिमी चंपारण
  13. मुजफ्फरपुर
  14. शिवहर
  15. सीतामढ़ी
  16. खगड़िया

पंजीकृत नए किसानों का किया जाएगा चयन

इन जिलों में मखाना की खेती के लिए पंजीकृत नए किसानों का चयन किया जाएगा, जो पहली बार खेत प्रणाली से मखाना की खेती करेंगे. उन्हें कृषि विभाग द्वारा तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और बीज की उपलब्धता कराई जाएगी.

इसके तहत किसानों को उन्नत प्रभेदों का बीज उपलब्ध कराया जाएगा. परंपरागत उपकरण किट दी जाएगी. बीज उत्पादन और वितरण को प्रोत्साहित किया जाएगा.

मखाना की खेती दिसंबर महीने से शुरू होकर अगस्त के अंतिम हफ्ते में पूरी होती है. इसी कारण योजना का कार्यान्वयन दो वित्त वर्षों में किया जाएगा.

कितनी मिलेगी सब्सिडी

  • मखाना की खेती की यूनिट कॉस्ट 97 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर है, जिसमें बीज, इनपुट और हार्वेस्टिंग की लागत शामिल है.
  • इसमें किसानों की 75% यानी 72,750 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सब्सिडी दो किस्तों में दी जाएगी.
  • उन्नत प्रभेद स्वर्ण वैदेही और सबौर मखाना-1 का बीज उत्पादन कराया जाएगा.

किट पर भी 75% मिलेगा अनुदान

इसके अलावा किसानों को परंपरागत उपकरण जैसे औका/ गांज, कारा, खैंचि, चटाई, अफरा, थापी आदि उपलब्ध कराए जाएंगे.
इसके लिए प्रति किट 22,100 रुपये की अनुमानित लागत तय की गई है, जिसमें से 75% यानी 16,575 रुपये प्रति किट का अनुदान दिया जाएगा.

makhana

यहां करें आवेदन

किसान मखाना की खेती पर सब्सिडी का फायदा उठाने के लिये बिहार उद्यान विभाग की आधिरकारिक वेबसाइट http://horticulture.bihar.gov.in/ पर आवेदन कर सकते हैं. योजना से लाभान्वित किसानों में 30% महिला किसानों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी.

योजना की खास बातें-

  • योजना तहत एक किसान को न्यूनतम 0.25 एकड़ (0.1 हेक्टेयर) और अधिकतम 5 एकड़ (2 हेक्टेयर) का फायदा दिया जाएगा.
  • डी.बी.टी. पर पंजीकृत वैसे इच्छुक किसान, जो पहली बार खेत प्रणाली से मखाना की खेती करने को इच्छुक है, का चयन किया जाएगा.
  • योजना के तहत वितरित अनुशंसित प्रभेद का बीज के मूल्य की राशि अधिकतम 225 रुपये प्रति किलोग्राम हीं अनुदान के रूप में दी जाएगी.
  • बीज का मूल्य बढ़ने पर अतिरिक्त राशि का किसानों द्वारा वहन किया जाएगा.
  • नियमानुसार सहायतानुदान डीबीटी कार्यक्रम के तहत SNA Sparsh के माध्यम से भुगतान किया जाएगा.
  • लाभुकों का चयन सामान्य श्रेणी में 83.903%, अनुसूचित जाति 15% एवं अनुसूचित जनजाति के लिए 1.097% किया जाएगा और प्रत्येक श्रेणी में 30% महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा.

निष्कर्ष (Conclusion)-

यह योजना बिहार के किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जिससे न केवल मखाना उत्पादन में वृद्धि होगी बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति में भी बड़ा सुधार होगा। कृषि विभाग और उद्यान निदेशालय द्वारा इस योजना को सफल बनाने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

सवाल: यह योजना किसके लिए शुरू की गई है?
जवाब: यह योजना बिहार के किसानों के लिए शुरू की गई है.

सवाल: योजना के तहत किन मखाना किस्मों की खेती की जाएगी?
जवाब: स्वर्ण वैदेही और सबौर मखाना-1 की खेती की जाएगी.

सवाल: यह योजना कब से लागू होगी?
जवाब: यह योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए बनाई गई है

सवाल: मखाना की खेती किन जिलों में की जाएगी?
जवाब: बिहार के 16 जिलों में मखाना की खेती कराई जाएगी.

सवाल: क्या इस योजना में सभी किसान भाग ले सकते हैं?
जवाब: नहीं, केवल पंजीकृत नए किसानों को ही इस योजना में शामिल किया जाएगा.

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