खेत में तालाब, जेब में मुनाफा! योगी सरकार दे रही है ₹52,500 की सीधी मदद; आय बढ़ाने का सुनहरा मौका

Khet Talab Yojana: खेत तालाब योजना से किसान कम लागत में पानी का स्थायी इंतजाम कर सकते हैं और सिंचाई की समस्या दूर होती है. साथ ही मछली पालन और अन्य गतिविधियों से अतिरिक्त आय के नए मौके भी मिलते हैं.
खेत में तालाब, जेब में मुनाफा! योगी सरकार दे रही है ₹52,500 की सीधी मदद; आय बढ़ाने का सुनहरा मौका

खेत तालाब योजना के तहत किसान अपने खेत में तालाब बनवा सकते हैं.  (प्रतीकात्मक फोटो : AI)

Khet Talab Yojana: सिंचाई की बढ़ती लागत और घटते जलस्तर के बीच किसानों के लिए राहत की खबर है. खेत तालाब योजना (Khet Talab Yojana) के जरिए अब उत्तर प्रदेश के किसान अपने खेत में ही पानी का स्थायी इंतजाम कर सकते हैं और साथ ही मछली पालन जैसे अतिरिक्त स्रोतों से अपनी आय भी बढ़ा सकते हैं. ₹1,05,000 की कुल लागत वाले इस प्रोजेक्ट पर यूपी सरकार 50% की भारी सब्सिडी (Subsidy) दे रही है.

यह योजना क्यों अहम है?

आज खेती की सबसे बड़ी समस्या है. भूजल स्तर गिर रहा है, बारिश अनिश्चित हो रही है. इससे खेतों की सिंचाई महंगी होती जा रही है. ऐसे में खेत में ही पानी स्टोर करना, सस्टेनेबल खेती का समाधान है.

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खेत तालाब योजना क्या है?

खेत तालाब योजना के तहत किसान अपने खेत में तालाब बनवा सकते हैं.

  • सरकार 50% तक अनुदान देती है
  • बाकी लागत किसान खुद वहन करता है
  • योजना का उद्देश्य जल संरक्षण और आय बढ़ाना है.

खेत तालाब योजना में कितनी और कैसे मिलेगी मदद?

उत्तर प्रदेश कृषि विभाग ने इस योजना के लिए पारदर्शी व्यवस्था बनाई है-

कुल अनुमानित लागत: ₹1,05,000 प्रति तालाब

अनुदान: सरकार लागत का 50% यानी ₹52,500 वहन करेगी.

पेमेंट मोड: सब्सिडी की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाएगी.

Khet Talab Yojana

क्या इस तालाब का इस्तेमाल सिर्फ सिंचाई के लिए होगा?

नहीं. सरकार इसे 'मल्टी-पर्पज' मॉडल के रूप में प्रमोट कर रही है. किसान एक ही तालाब से कई तरह की कमाई कर सकते हैं-

  • सिंचाई: फसलों के लिए आपातकालीन पानी का भंडारण.
  • मछली पालन: तालाब में मछली पालकर अतिरिक्त आय.
  • विविध खेती: तालाब के पानी में सिंघाड़ा, मखाना और मोती (Pearl) की खेती का अवसर.

इस योजना से क्या बदलेगा?

पानी की उपलब्धता: मानसून के पानी को सहेजकर किसान रबी और खरीफ दोनों फसलों में बेहतर पैदावार ले सकेंगे.

इनकम के नए स्रोत: केवल अनाज पर निर्भर रहने के बजाय किसान मछली पालन (Fish Farming) से हर महीने कमाई कर सकेंगे.

कम लागत: नहर या ट्यूबवेल पर निर्भरता कम होने से सिंचाई का खर्च घटेगा.

Khet Talab Yojana

पैसा कैसे मिलेगा?

  • किसान आवेदन करता है
  • तालाब निर्माण होता है
  • सरकार DBT के जरिए सीधे बैंक खाते में सब्सिडी भेजती है

मतलब- कोई बिचौलिया नहीं, सीधा फायदा.

आपके लिए इसका क्या मतलब है?

  • अगर आपके पास खेती योग्य जमीन है, तो यह तालाब बनवाने का सबसे सही समय है क्योंकि लागत का आधा हिस्सा सरकार दे रही है.
  • सूखे जैसी स्थिति में आपका तालाब आपकी फसल को बर्बाद होने से बचाएगा.
  • बिचौलियों का चक्कर खत्म, क्योंकि पैसा सीधे आपके खाते में आएगा.

योजना का फायदा लेने के लिए क्या करना होगा?

  • रजिस्ट्रेशन: उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (upagriculture.com) पर अपना पंजीकरण कराएं.
  • दस्तावेज: आधार कार्ड, बैंक पासबुक और जमीन के कागजात तैयार रखें.
  • संपर्क: अपने जिले के 'उप कृषि निदेशक' कार्यालय या स्थानीय राजकीय कृषि बीज भंडार पर संपर्क करें.
  • टारगेट: योजना 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर हो सकती है, इसलिए जल्द आवेदन करें.

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1. खेत तालाब योजना का लाभ कौन ले सकता है?

राज्य के पात्र किसान इस योजना का लाभ उठा सकते हैं.

Q2. कितनी सब्सिडी मिलती है?

कुल लागत का करीब 50% तक अनुदान मिलता है.

Q3. पैसा कैसे मिलता है?

DBT के जरिए सीधे बैंक खाते में.

Q4. तालाब का उपयोग किन-किन कामों में कर सकते हैं?

सिंचाई, मछली पालन, सिंघाड़ा/मखाना खेती आदि.

Q5. क्या यह योजना हर किसान के लिए फायदेमंद है?

खासकर उन किसानों के लिए जिनके पास पानी की कमी है.

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