Sheep and Goat Farming NLM: गांवों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और पशुपालन को एक मुनाफे वाले बिजनेस बनाने के लिए केंद्र सरकार ने नेशनल लाइवस्टॉक मिशन (NLM) के तहत एक विशेष उद्यमिता योजना शुरू की है. योजना के तहत भेड़ और बकरी पालन (Sheep and Goat Farming) यूनिट शुरू करने के लिए ₹50 लाख तक की सब्सिडी दी जा रही है. अगर आप खेती के साथ अतिरिक्त कमाई का जरिया तलाश रहे हैं, तो भेड़ और बकरी पालन आपके लिए अच्छा विकल्प बन सकता है.
NLM योजना का उद्देश्य
- छोटे जुगाली करने वाले जानवरों के सेक्टर में एंटरप्रेन्योर्स को डेवलप करना
- भेड़-बकरी पर सस्टेनेबल बिजनेस मॉडल डेवलप करना
- इंटीग्रेटेड रूरल भेड़-बकरी प्रोडक्शन सिस्टम के डेवलपमेंट के लिए इंडिविजुअल एंटरप्रेन्योर्स, FPOs, FCOs, SHGs, JLGs, और सेक्शन 8 कंपनियों को इंसेंटिव देना
- एंटरप्रेन्योरशिप और इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देकर और फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज बनाकर छोटे जुगाली करने वाले जानवरों के सेक्टर को अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर से ऑर्गेनाइज्ड सेक्टर में बदलना
- साइंटिफिक तरीके, न्यूट्रिशन, बीमारी से बचाव वगैरह के बारे में अवेयरनेस फैलाना
- भेड़ और बकरी पालन के स्टॉल फीडिंग मॉडल को प्रमोट करना
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ब्रीडिंग यूनिट
- एंटरप्रेन्योर्स/एलिजिबल एंटिटीज कम से कम 500 मादा और 25 नर भेड़ और बकरी ब्रीडिंग यूनिट लगा सकते हैं.
- भेड़ और बकरी यूनिट हाई जेनेटिक वैरायटी के साथ लगाई जाएगी जिसका इस्तेमाल बकरी का दूध, मीट और बढ़िया ऊन क्वालिटी बनाने के लिए किया जाता है.
- भेड़ और बकरी की ब्रीड इस गाइडलाइन के साथ दी गई लिस्ट में से या राज्य सरकार से सलाह करके चुनी जा सकती है.
नस्ल का चयन
पशुओं की नस्ल ऐसी होनी चाहिए जो उच्च अनुवांशिक गुणवत्ता वाली हो और ज्यादा दूध या अच्छी ऊन देने में सक्षम हो.
सब्सिडी की किस्तें कैसे मिलेंगी?
- सब्सिडी अधिकतम ₹50 लाख तक हो सकती है, जो दो बराबर किस्तों में दी जाएगी.
- पहली किस्त (50%) बैंक द्वारा लोन की पहली किस्त जारी करने और सरकारी एजेंसी के सत्यापन के बाद दी जाएगी.
- दूसरी किस्त प्रोजेक्ट पूरा होने और उसके प्रमाणित होने के बाद मिलेगी.
- एंटरप्रेन्योर्स / एलिजिबल एंटिटीज को बाकी रकम का इंतजाम बैंक लोन या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन या सेल्फ-फाइनेंसिंग से करना होगा.
क्या इस सब्सिडी के लिए कोई जमीन खरीदना जरूरी है?
नहीं, सब्सिडी का फायदा जमीन खरीदने, किराये या लीज पर लेने के लिए नहीं दिया जाएगा.
सब्सिडी के लिए आवेदन कैसे करें?
आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाना चाहिए, जिसमें बैंक गारंटी और निर्धारित फॉर्म जमा करना अनिवार्य है.
इस योजना के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
- कोई भी व्यक्तिगत उद्यमी
- किसान उत्पादक संगठन (FPO)
- स्वयं सहायता समूह (SHG)
- संयुक्त देयता समूह (JLG)
- और धारा 8 कंपनियां इसके लिए पात्र हैं.
क्या वर्किंग कैपिटल के लिए भी पैसा मिलेगा?
- नहीं, सब्सिडी केवल प्रोजेक्ट्स की पूंजीगत लागत के लिए है. वर्किंग कैपिटल के लिए सहायता नहीं मिलेगी.
क्या खुद के पैसे से प्रोजेक्ट शुरू करने पर भी सब्सिडी मिलेगी?
- हां, सेल्फ-फाइनेंसिंग प्रोजेक्ट के मामले में भी सब्सिडी मिलेगी, लेकिन इसके लिए बैंक से प्रोजेक्ट का अप्रेजल कराना और बैंक गारंटी देना जरूरी है.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सवाल: यह योजना क्या है?
जवाब: यह सरकार की ऐसी योजना है जिसके तहत भेड़ और बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए पशुपालकों को बड़ी आर्थिक सहायता दी जाती है.
सवाल: इस योजना के तहत कितनी सहायता मिलती है?
जवाब: इस योजना के तहत भेड़-बकरी पालन यूनिट स्थापित करने के लिए ₹50 लाख तक की वित्तीय सहायता मिलती है.
सवाल: आवेदन कैसे किया जा सकता है?
जवाब: आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाना चाहिए.
सवाल: भेड़-बकरी पालन क्यों फायदेमंद माना जाता है?
जवाब: भेड़ और बकरी पालन में लागत अपेक्षाकृत कम होती है, जबकि दूध, मांस और ऊन से अच्छी कमाई की संभावना रहती है.