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पुराने और सूखे बागों के पुनरुद्धार के लिए अनुदान मिलेगा. (प्रतीकात्मक फोटो : AI)
हरियाणा के किसानों के लिए अच्छी खबर है. राज्य सरकार ने बागवानी करने वाले किसानों के लिए एक विशेष अनुदान योजना शुरू की है. इस पहल के तहत मृत, सूख चुके पुराने पौधों को हटाने और नए पौधे लगाने के लिए सब्सिडी दी जा रही है. राज्य सरकार का लक्ष्य पुराने बागों का पुनरुद्धार कर बागवानी क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाना और किसानों की आय में सुधार करना है.
हरियाणा उद्यान विभाग के मुताबिक, अकसर किसान अपने बागों में फल न देने वाले या पुराने हो चुके पौधों को आर्थिक बोझ समझकर छोड़ देते हैं, जिससे पूरे बाग की उपज प्रभावित होती है. इसलिए सरकार चाहती है कि किसान-
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तने की जांच: अगर तना आसानी से टूट जाता है और अंदर से सूखा या भूरा दिखता है, तो वह मृत हो सकता है. जीवित पौधों की छाल खुरचने पर अंदर हरापन दिखता है.
पत्तियों के लक्षण: पत्तियों का अचानक मुरझाना, पीला या भूरा होना और समय से पहले गिरना सूखे के तनाव या गंभीर रोग के संकेत हैं.
| डीटेल | |
| राज्य | हरियाणा |
| सब्सिडी | 40% तक |
| अधिकतम राशि | ₹4,000 प्रति एकड़ |
| अधिकतम क्षेत्र | 5 एकड़ |
| उद्देश्य | बागों का पुनरुद्धार और आय बढ़ाना |
छंटाई: मृत शाखाओं को कली या पत्ती के जोड़ के ठीक ऊपर से काटें.
सिंचाई: अगर पौधा पूरी तरह नहीं मरा है, तो धीरे-धीरे पानी दें ताकि नमी जड़ों तक पहुंचे.
सफाई: जो भाग पूरी तरह सूख चुके हैं या रोगग्रस्त हैं, उन्हें तुरंत काटकर हटा दें ताकि संक्रमण न फैले.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
सवाल: क्या सभी किसानों को यह योजना मिलेगी?
जवाब: केवल बागवानी से जुड़े किसानों को.
सवाल: क्या यह एक बार का फायदा है?
जवाब: हां, योजना के तहत निर्धारित सीमा तक.
सवाल: क्या नए पौधे लगाने पर भी मदद मिलेगी?
जवाब: मुख्य फोकस पुराने पौधे हटाने और बाग सुधार पर है.
सवाल: इससे आय कैसे बढ़ेगी?
जवाब: नए और उत्पादक पौधे ज्यादा फल देंगे.