किसानों का ATM है ये फूल! खेती पर 50% सब्सिडी दे रही सरकार, जानें योजना से जुड़ी सभी जरूरी बातें

Subsidy News: बिहार सरकार रबी सीजन में गेंदा फूल की खेती को बढ़ावा देने जा रही है. इसके लिए वित्त वर्ष 2025-26 में ‘फूल (गेंदा) विकास योजना’ के तहत 8 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है.
किसानों का ATM है ये फूल! खेती पर 50% सब्सिडी दे रही सरकार, जानें योजना से जुड़ी सभी जरूरी बातें

योजना के तहत लाभुकों का चयन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा.

Genda Phool ki Kheti: गेंदा फूल की खेती पारंपरिक रूप से धार्मिक, सजावट और इत्र उद्योग में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है. फूलों की खेती पारंपरिक फसलों की तुलना में ज्यादा मुनाफा देती है. ऐसे में किसानों के पास फूल उगाकर बेहतर आमदनी का एक सुनहरा मौका है. दरअसल, बिहार सरकार रबी सीजन में गेंदा फूल की खेती (Marigold Farming) को बढ़ावा देने जा रही है. इसके लिए वित्त वर्ष 2025-26 में ‘फूल (गेंदा) विकास योजना’ के तहत 8 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है.

बिहार सरकार बागवानी आधारित कृषि को बढ़ावा देने के विजन के अनुरूप फूलों की खेती को एक प्रॉफिटेबल बिजनेस के रूप में विकसित कर रही है. इस योजना का उद्देश्य रबी सीजन में गेंदा फूल की खेती का विस्तार कर राज्य में व्यावसायिक बागवानी को नई दिशा देना है.

गेंदा फूल की बाजार में मांग हमेशा रहती है. इसकी मांग व्यापक है. ऐसे में गेंदा फूल की खेती कम लागत में ज्यादा कमाई का जरिया बन सकती है. इसकी खेती को प्रोत्साहित करने के लिए बिहार सरकार 'गेंदा फूल विकास योजना 2025-26' के तहत किसानों को सब्सिडी दे रही है.

Add Zee Business as a Preferred Source

ये भी पढ़ें- Business Idea: 2 महीने की किसानी, लाखों का मुनाफा! 75% सब्सिडी भी मिलेगी

किसे मिलेगा फायदा?

फूल (गेंदा) विकास योजना (2025-26) का फायदा राज्य के सभी 38 जिलों के किसान उठा सकते हैं. योजना का लाभ पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा. गेंदा फूल की खेती हेतु किसान के पास जमीन होना जरूरी है. योजना का फायदा लेने के लिए किसानों के पास LPC और अपडेटेड रसीद होना जरूरी है.

  • जिन किसानों के पास जमीन उपलब्ध नहीं है, एकरारनामा के आधार पर योजना का फायदा ले सकते हैं.
  • एकरारनामा का प्रारूप दिए गए Link पर उपलब्ध है,जिसे आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है.
  • अगर आवेदक का नाम भूमि-स्वामित्व/राजस्व रसीद में स्पष्ट नहीं है, तो भूमि-स्वामित्व/राजस्व रसीद के साथ वंशावली लगाना अनिवार्य होगा.
genda phool ki khei

कितना क्षेत्र

एक किसान को अधिकतम 2 हेक्टेयर तथा न्यूनतम 0.1 हेक्टेयर तक योजना का लाभ मिल सकता है.

  • न्यूनतम- 0.1 हेक्टेयर
  • अधिकतम- 2 हेक्टेयर

50% अनुदान: गेंदा खेती और परिवहन के लिए

1. गेंदा खेती पर अनुदान

सरकार की ओर से गेंदा उत्पादन के लिए प्रति हेक्टेयर 80 हजार रुपये की इकाई लागत तय की है. इसमें से 50% यानी 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान के रूप में किसानों को दिए जाएंगे.

  • गेंदा फूल की खेती पर इकाई दर- 80,000 रुपए प्रति हेक्टेयर
  • अनुदान- 50 फीसदी

2. मालवाहक वाहन (Carriage Vehicle) पर अनुदान

मालवाहक वाहन (Carriage Vehicle) अवयव के तहत गेंदा फूल की खेती करने वाले किसान को ही योजना का लाभ दिया जाएगा. किसानों को गेंदा फुल की आवागमन की सुविधा के लिए मालवाहक वाहन पर अनुदान दिया जाएगा.

मालवाहक वाहन (Carriage Vehicle) का अनुमानित लागत 6,50,000 रुपये का 50% यानी 3,25,000 रुपए या वाहन का वास्तविक मूल्य का 50%, दोनों में से जो कम हो पर अनुदान देय होगा.

मालवाहक वाहन के लिए आवेदक को खरीद किये जाने वाले वाहन का कोटेशन, जमीन के कागजात और गेंदा फूल के खेती से सम्बंधित एकरारनामा, तीनों कागजात को विलय कर आवेदन के दौरान अपलोड करना होगा.

genda phool ki khei

फायदा कैसे मिलेगा?

  • योजना के तहत लाभुकों का चयन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा. इसका मतलब है कि अनुदान सीमित है, और जो किसान पहले आवेदन करेंगे उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी.
  • आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है. इच्छुक किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं
  • सभी आवश्यक दस्तावेजों को एक सिंगल PDF फाइल में अपलोड करना अनिवार्य है.


FAQs

1. योजना का नाम क्या है?
गेंदा फूल विकास योजना 2025-26.

2. खेती के लिए कितना अनुदान मिलेगा?
गेंदा खेती के लिए किसानों को 50% का अनुदान मिलेगा.

3. अधिकतम कितने क्षेत्र पर अनुदान मिलेगा?
यह अनुदान 0.1 हेक्टेयर से लेकर 2 हेक्टेयर तक के क्षेत्र के लिए उपलब्ध है.

4. क्या परिवहन के लिए भी कोई सहायता है?
हां, किसानों को मालवाहक वाहन खरीदने पर भी 50% का अनुदान मिलेगा.

5. आवेदन कैसे करना है?
आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा.

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6