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Wheat Procurement: केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि सरकार ने इस साल अब तक 290 लाख टन से अधिक गेहूं खरीदा है और रिकॉर्ड उत्पादन के चलते यह आंकड़ा 320-325 लाख टन तक भी पहुंच सकता है. मार्केटिंग ईयर 2024-25 (अप्रैल-मार्च) में कुल गेहूं खरीद 265.9 लाख टन रही. ज्यादातर खरीद अप्रैल-जून की अवधि के दौरान होती है.
जोशी ने एक सम्मेलन के दौरान संवाददाताओं से कहा,हमने अब तक 290 लाख टन से अधिक गेहूं खरीदा है. खरीद अभियान अभी भी जारी है. हम 320-325 लाख टन के आंकड़े तक पहुंच सकते हैं. सरकार ने मार्केटिंग ईयर 2025-26 के लिए 312 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है. भारत में फसल वर्ष 2024-25 (जुलाई-जून) में 11.53 करोड़ टन गेहूं की रिकॉर्ड फसल होने का अनुमान है.
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गेहूं निर्यात की अनुमति दिये जाने के बारे में पूछे जाने पर जोशी ने कहा कि खरीद सत्र समाप्त होने के बाद स्टॉक की स्थिति का आकलन करने के बाद वह इस मुद्दे पर अन्य मंत्रालयों से परामर्श करेंगे. सरकारी स्वामित्व वाली भारतीय खाद्य निगम (FCI) और राज्य एजेंसियां केंद्रीय पूल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदती हैं.
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एफसीआई के आंकड़ों से पता चलता है कि गेहूं खरीदने वाले सभी पांच प्रमुख राज्यों- पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश- ने पिछले साल की तुलना में चालू वर्ष में अधिक गेहूं खरीदा है. इस दौरान 16 मई तक पंजाब ने 1.16 करोड़ टन, मध्य प्रदेश ने 74 लाख टन, हरियाणा ने 70.1 लाख टन और राजस्थान ने 16.4 लाख टन गेहूं खरीदा है.
आंकड़ों से पता चलता है कि लगभग 62,346.23 करोड़ रुपये का न्यूनतम समर्थन मूल्य भुगतान किया गया है, जिससे 22.7 लाख किसानों को लाभ हुआ है. मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में गेहूं की कटाई पूरी तरह से समाप्त हो चुका है, जबकि पंजाब, उत्तर प्रदेश और बिहार में आंशिक कटाई अभी बाकी है.