खरीफ सीजन में किसानों को सरकार से राहत, देश में खाद का बंपर स्टॉक, नहीं बढ़ेंगे यूरिया-DAP के दाम

खरीफ की फसल की बुवाई शुरू होने से पहले किसानों को बड़ी राहत मिली है. सरकार की उर्वरक अतिरिक्त सचिव अपर्णा शर्मा ने बताया है कि बाजार में खाद की कोई भी कमी नहीं है.
खरीफ सीजन में किसानों को सरकार से राहत, देश में खाद का बंपर स्टॉक, नहीं बढ़ेंगे यूरिया-DAP के दाम

Representative Image (AI Generated)

देश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है. खरीफ की फसल की बुवाई शुरू होने से पहले ही सरकार ने खाद का पर्याप्त इंतजाम कर लिया है. सरकार ने साफ किया है कि बाजार में खाद की कोई कमी नहीं है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने के बावजूद भारत में किसानों को पुरानी दरों पर ही खाद मिलती रहेगी. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फर्टिलाइजर डिपार्टमेंट की अतिरिक्त सचिव अपर्णा शर्मा ने बताया कि सरकार ने इस सीजन के लिए करीब 390.54 लाख मीट्रिक टन खाद की जरूरत का अनुमान लगाया है.

खरीफ 2026 के लिए पुख्ता तैयारी

अपर्णा शर्मा के मुताबिक अच्छी बात यह है कि देश में अभी ही लगभग 190 लाख मीट्रिक टन (करीब 49%) स्टॉक मौजूद है. आमतौर पर इस समय तक केवल 33% स्टॉक रहता है, लेकिन इस बार सरकार की बेहतर प्लानिंग और पहले से की गई तैयारियों की वजह से स्टॉक बहुत मजबूत है. पिछले साल की तुलना में इस बार लगभग हर तरह की खाद का भंडार बढ़ा है:

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  • यूरिया: 71.58 लाख मीट्रिक टन (पिछले साल 70.67 था)
  • डीएपी (DAP): 22.35 लाख मीट्रिक टन (पिछले साल 15.07 था)
  • एनपीके (NPK): 57.56 लाख मीट्रिक टन (पिछले साल 44.49 था)
  • कुल स्टॉक: फिलहाल देश में 190.21 लाख मीट्रिक टन खाद है, जो पिछले साल के 169.24 लाख मीट्रिक टन से कहीं ज्यादा है.

जरूरत से ज्यादा उपलब्धता (1 से 26 अप्रैल 2026 तक)

खाद का प्रकारजरूरत (लाख मीट्रिक टन)उपलब्धता (लाख मीट्रिक टन)
यूरिया20.5471.4
डीएपी (DAP)6.6723.09
एमओपी (MOP)1.968.38
एनपीके (NPK)8.4353.4

कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं: सरकार उठाएगी बोझ

सरकार ने खाद की कीमतों (MRP) को स्थिर रखने का फैसला किया है. दुनिया भर में यूरिया की कीमत ₹4,000 प्रति बैग के पार पहुंच गई है, लेकिन भारतीय किसानों को यह केवल ₹266.5 में मिलता रहेगा. सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार की महंगाई का बोझ खुद उठाएगी ताकि किसानों पर असर न पड़े.

  • यूरिया: ₹266.5 प्रति बैग
  • डीएपी (DAP): ₹1350 प्रति बैग
  • टीएसपी (TSP): ₹1300 प्रति बैग
  • देश में उत्पादन और बाहर से मंगाई खाद

भारत ने खाद के मामले में आत्मनिर्भर बनने के लिए अपना उत्पादन भी बढ़ाया है. संकट के बावजूद देश में 59.01 लाख मीट्रिक टन खाद का उत्पादन हुआ, जबकि 13.96 लाख मीट्रिक टन खाद विदेशों से मंगाई (आयात) गई है.

भविष्य के लिए इंतजाम

  • यूरिया बनाने के लिए जरूरी गैस की सप्लाई भी अब पूरी तरह सामान्य है.
  • आने वाले समय में खाद की कमी न हो, इसके लिए सरकार ने पहले ही 25 लाख मीट्रिक टन यूरिया का इंतजाम वैश्विक टेंडर के जरिए कर लिया है.
  • साथ ही, 24 अप्रैल 2026 को भारतीय कंपनियों ने डीएपी और अन्य खाद खरीदने के लिए एक और बड़ा ग्लोबल टेंडर जारी किया है.

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खाद की स्थिति पूरी तरह कंट्रोल में है. सरकार के बड़े अधिकारियों का समूह (EGoS) लगातार इसकी निगरानी कर रहा है. किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है, खरीफ सीजन के लिए खाद की सप्लाई जरूरत से ज्यादा बनी रहेगी.