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Wheat Production: आम आदमी के लिए राहत की खबर है. इस साल आटे की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं होगी. कृषि मंत्री (Agriculture Minister) शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत का गेहूं उत्पादन इस साल रिकॉर्ड 11.53 करोड़ टन पर रहने का अनुमान कायम है. उन्होंने जोर देकर कहा कि दूसरे अग्रिम अनुमान पर किसी भी मौसम संबंधी घटना का असर पड़ने की संभावना नहीं है. कृषि गतिविधियों की साप्ताहिक समीक्षा के दौरान, चौहान ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सभी उत्पादक राज्यों में गेहूं की फसल लगभग अपनी परिपक्वता अवस्था पूरी कर चुकी है.
एक सरकारी बयान में मंत्री के हवाले से कहा गया, गर्मी की लू या उच्च तापमान वास्तव में कटाई की प्रक्रिया को तेज कर देंगे. इस प्रकार, दूसरे अग्रिम अनुमान पर असर पड़ने की संभावना नहीं है. मार्च में जारी कृषि मंत्रालय के दूसरे अनुमान में वर्ष 2024-25 में 11.53 करोड़ टन का रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन का अनुमान लगाया गया था- जो पिछले वर्ष के 11.33 करोड़ टन से लगभग 2 फीसदी अधिक है. मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में गेहूं की कटाई पूरी हो चुकी है, जबकि पंजाब, उत्तर प्रदेश और बिहार में 2 मई तक आंशिक कटाई बाकी है.
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मंत्री ने कहा कि केंद्रीय पूल में खाद्यान्न भंडार ‘संतोषजनक’ स्तर पर है, जो बफर जरूरतों से अधिक है. बयान में कहा गया है कि आज तक, गेहूं का स्टॉक 177.08 लाख टन तक पहुंच गया है, जो 74.60 लाख टन की बफर जरूरत से अधिक है. इसी तरह, चावल का स्टॉक 135.80 लाख टन के बफर मानदंड के मुकाबले 389.05 लाख टन तक पहुंच गया है.
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मंत्री ने जायद फसलों की बुवाई की प्रगति का भी जायजा लिया, जो कम अवधि की ग्रीष्मकालीन फसलें हैं जो रबी और खरीफ मौसम के दौरान, आमतौर पर मार्च से जून के बीच उगाई जाती हैं, 2 मई तक धान की बुवाई का रकबा एक साल पहले की समान अवधि के 28.57 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 32.02 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि दलहन की बुवाई का रकबा 18.47 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 20.67 लाख हेक्टेयर हो गया है.
बयान में कहा गया है कि मूंग और उड़द का रकबा भी बढ़ा है. चौहान ने अरहर, उड़द, चना और मसूर जैसी प्रमुख दालों की खरीद पर भी जोर दिया और अधिकारियों को किसानों को समय पर समर्थन मूल्य का भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
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बयान में कहा गया, टमाटर, प्याज और अन्य फसलों के लिए अभी भी बुवाई का समय उपलब्ध है. मौजूदा अच्छे बाजार मूल्यों को देखते हुए, हमें सामान्य रकबा कवरेज प्राप्त होने की उम्मीद है. अधिकारियों ने देश भर में अनुकूल मौसम और जलाशय की स्थिति की सूचना दी, जिससे चालू सत्र के लिए कृषि संभावनाओं को समर्थन मिलता है.