&format=webp&quality=medium)
Medicinal Plant Cultivation: आईटीसी का एग्री बिजनेस डिविजन खाद्य, पर्सनल केयर और अन्य श्रेणियों में तेजी से बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए औषधीय (Medicinal Plants) और सुगंधित पौधों (Aromatic Plants) की खेती को प्रोत्साहित कर रहा है. आईटीसी का कृषि विभाग किसानों के साथ काम कर रहा है और उन्हें मध्य प्रदेश में अश्वगंधा (Ashwagandha), तुलसी (Tulsi) और कलौंजी (Kalonji) तथा दक्षिणी राज्यों में हल्दी (Turmeric) जैसी उच्च मांग वाली फसलों की खेती करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है.
आईटीसी के कृषि व्यवसाय विभाग के सीईओ एस गणेश कुमार ने पीटीआई-भाषा को बताया कि ‘आईटीसी नेक्स्ट’ (ITC Next) रणनीति के तहत कंपनी ने बढ़ोतरी और प्रतिस्पर्धात्मकता में तेजी के लिए अपने वैल्यू एडेड एग्री प्रोडक्ट्स (VAAP) को तेजी से बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है. उन्होंने बताया कि इस रणनीति के तहत कंपनी अश्वगंधा (Ashwagandha) जैसे औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा दे रही है.
ये भी पढ़ें- योगी सरकार का बड़ा फैसला! किसानों को अनुदान पर मिलेंगे सिंचाई के उपकरण, बचेगा पानी और सस्ती होगी खेती; बढ़ेगी कमाई
आईटीसी के कृषि व्यवसाय प्रभाग ने मध्य प्रदेश में अपने औषधीय और सुगंधित पौधों के अर्क (MAPE) पहल कार्यक्रम के जरिये किसानों की आय में 25 से 30% की बढ़ोतरी की है. किसानों के बीच इस पहल को बढ़ावा देने के लिए आईटीसी ने मध्य प्रदेश के सीहोर में 100 एकड़ का अत्याधुनिक जैविक प्रमाणित प्रायोगिक और प्रशिक्षण फार्म स्थापित किया है.