खेत में अगर बोई है ये फसल, तो आज ही करें ये जरूरी काम, जरा सी चूक से होगा भारी नुकसान

Farming Tips: दलहनी फसल में लगने वाले प्रमुख कीट की समय पर पहचान करना बेहद जरूरी है, ताकि पैदावार और गुणवत्ता दोनों सुरक्षित रह सकें.
खेत में अगर बोई है ये फसल, तो आज ही करें ये जरूरी काम, जरा सी चूक से होगा भारी नुकसान

दलहनी फसलें किसानों की आय का अहम जरिया हैं.

Farming Tips: खेत में अगर आपने दलहन फसल बोई है तो आपकी लापरवाही भारी पड़ सकती है. इस समय फसल की बढ़वार और जड़ विकास का अहम दौर चल रहा है, जिसमें समय पर जरूरी खेती से जुड़े काम न किए गए तो कीट-रोग, नमी की कमी या पोषक तत्वों की कमी से भारी नुकसान हो सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार दलहनी फसल में लगने वाले प्रमुख कीट की समय पर पहचान करना बेहद जरूरी है, ताकि पैदावार और गुणवत्ता दोनों सुरक्षित रह सकें.

बिहार कृषि विभाग ने दलहनी फसलों में लगने वाले एक खतरनाक कीट जालाकीट (लूसर्न कैटरपिलर) को लेकर किसानों को सतर्क किया है. समय रहते इसकी पहचान और सही प्रबंधन नहीं किया गया तो फसल की बढ़वार रुक सकती है और पैदावार पर सीधा असर पड़ सकता है.

क्या है जालाकीट और कैसे पहचानें?

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जालाकीट एक प्रकार की इल्ली होती है, जो दलहनी फसलों को गंभीर नुकसान पहुंचाती है. इसकी पहचान इस प्रकार की जा सकती है-

  • पिल्लू का रंग पीला-हरा होता है
  • लंबाई लगभग 2 सेमी
  • पत्तियों को जाल बनाकर आपस में बांध देती है
  • पत्तियों का हरा भाग खा जाती है

फसल को क्या नुकसान होता है?

पत्तियों में प्रकाश संश्लेषण प्रभावित होता है, पौधों की ग्रोथ रुक जाती है और ज्यादा प्रकोप की स्थिति में उपज में भारी गिरावट आ सकती है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, अगर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो फसल कमजोर होकर सूख भी सकती है.

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जालाकीट से बचाव के उपाय

खेत प्रबंधन-

  • खेत को खरपतवार मुक्त रखें
  • नियमित रूप से फसल की निगरानी करें

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जैविक नियंत्रण

  • बैसिलस थूरिनजिएंसिस 1 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें

रासायनिक नियंत्रण

  • इमामेक्टिन बेंजोएट 5% SG 200 ग्राम प्रति हेक्टेयर या फ्लुबेंडियामाइड 39.35% SC 100 मिली प्रति हेक्टेयर.
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ध्यान रखें

400-500 लीटर पानी में दवा घोल बनाकर समान रूप से छिड़काव करें.

मदद के लिए संपर्क

किसान किसी भी जानकारी या सलाह के लिए किसान कॉल सेंटर 1800-180-1551 (सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक) पर संपर्क कर सकते हैं.

निष्कर्ष

दलहनी फसलें किसानों की आय का अहम जरिया हैं. जालाकीट का प्रकोप शुरुआती अवस्था में पहचान कर सही उपाय अपनाए जाएं तो फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है. कृषि विभाग की सलाह मानकर समय पर कार्रवाई करें और अपनी फसल सुरक्षित रखें.

खबर से जुड़े FAQs

1. जालाकीट क्या है?
ह एक हानिकारक कीट है, जिसकी इल्ली दलहनी फसलों की पत्तियों को जाल बनाकर खा जाती है.

2. जालाकीट किन फसलों में ज्यादा लगता है?
यह मुख्य रूप से उड़द, मूंग, मटर, चना और अन्य दलहनी फसलों में पाया जाता है.

3. जालाकीट की पहचान कैसे करें?
इल्ली का रंग पीला-हरा होता है, पत्तियों को जाल में बांध देती है और पत्तियों का हरा भाग खा जाती है.

4. जालाकीट से फसल को क्या नुकसान होता है?
पौधों की बढ़वार रुक जाती है.

5. जालाकीट से बचाव के लिए क्या खेत प्रबंधन जरूरी है?
हां, खेत को खरपतवार मुक्त रखना और नियमित निगरानी करना बेहद जरूरी है.

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