45 दिनों में मालामाल! मार्च में बोएं ये 'सफेद सोना'! खाली खेत और कम पानी में किसान कमाएंगे बंपर मुनाफा

Farming Tips: विभाग के अनुसार, मार्च महीने में मूली की बुवाई करना किसानों के लिए न केवल आर्थिक रूप से लाभदायक है, बल्कि यह कम समय में खाली खेत से बेहतर उत्पादन लेने का एक शानदार मौका भी है.
45 दिनों में मालामाल! मार्च में बोएं ये 'सफेद सोना'! खाली खेत और कम पानी में किसान कमाएंगे बंपर मुनाफा

‘सफेद सोना’ मूली की खेती से बंपर कमाई का मौका. (प्रतीकात्मक फोटो: AI)

Muli ki kheti: मार्च का महीना मूली की खेती के लिए बेहद अनुकूल है. इस समय बुवाई गई मूली (Radish) की फसल तेजी से बढ़ती है और बेहतर उत्पादन देती है, जिससे किसानों की आमदनी में सीधा इजाफा हो सकता है. ऐसे में अगर किसान सही किस्मों का चयन करें और वैज्ञानिक तरीके अपनाएं, तो कम समय में अच्छी पैदावार हासिल की जा सकती है.

बिहार सरकार के कृषि विभाग ने राज्य के किसानों के लिए मूली की खेती को लेकर एक विशेष प्रोत्साहन अभियान शुरू किया है. विभाग के अनुसार, मार्च महीने में मूली की बुवाई करना किसानों के लिए न केवल आर्थिक रूप से लाभदायक है, बल्कि यह कम समय में खाली खेत से बेहतर उत्पादन लेने का एक शानदार मौका भी है.

मार्च में मूली की खेती ही क्यों?

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  • विभाग के मुताबिक मूली एक कम अवधि वाली फसल है, जो 25 से 45 दिनों में तैयार हो जाती है.
  • मार्च में बोई गई जल्दी बढ़ने वाली किस्में बेहतर जड़ विकास करती हैं.
  • बाजार में अच्छी कीमत भी दिलाती हैं।
  • इस समय तापमान 20-30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है.
  • यह मूली की ग्रोथ के लिए बेहतर होता है.
  • साथ ही, इस सीजन में रोग और कीटों का प्रकोप भी अपेक्षाकृत कम रहता है.
  • इससे लागत घटती है और मुनाफा बढ़ता है.

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बेहतर उपज के लिए 5 स्टेप्स

1. खेत की तैयारी

  • मिट्टी को 2-3 बार गहरी जुताई कर भुरभुरा बना लें। प्रति एकड़ 8-10 टन सड़ी हुई गोबर की खाद डालें.

2. बुवाई का तरीका

  • मूली को हमेशा मेड़ों पर लगाना चाहिए.
  • इससे जड़ें लंबी, सीधी और बेदाग निकलती हैं.

3. दूरी

  • कतार से कतार की दूरी 30-45 सेमी और पौधे से पौधे की दूरी 8-10 सेमी रखें.

4. बीज दर

  • एक हेक्टेयर के लिए लगभग 9-12 किलोग्राम बीज पर्याप्त होता है.

5. सिंचाई

  • मार्च की गर्मी को देखते हुए हल्की सिंचाई हर 5-7 दिनों के अंतराल पर करें.
  • जलजमाव न होने दें.
radish farming

लागत और मुनाफा

  • मूली की खेती में लागत कम और उत्पादन ज्यादा होता है.
  • यह फसल जल्दी तैयार होने के कारण किसान कम समय में बाजार में बेचकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.

किसानों के लिए 'स्मार्ट टिप्स'

  • बुवाई से पहले बीजों को फफूंदनाशक से उपचारित जरूर करें.
  • मूली के बड़ा होते ही उसकी खुदाई कर लें.
  • खुदाई के बाद जड़ों को साफ पानी से अच्छी तरह धोकर बंडल बनाएं.

कंक्लूजन

मार्च में मूली की बुवाई किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर है. सही किस्म, वैज्ञानिक तकनीक और समय पर देखभाल से किसान कम समय में अच्छी पैदावार लेकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं. सरकार की सलाह और कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन को अपनाकर किसान इस सीजन में बेहतर उत्पादन हासिल कर सकते हैं और अपनी खेती को ज्यादा लाभकारी बना सकते हैं.

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1. मार्च में मूली की बुवाई क्यों करें?
तेजी से ग्रोथ, बेहतर उत्पादन और अच्छी कीमत मिलती है.

Q2. फसल कितने दिनों में तैयार होती है?
25-45 दिनों में.

Q3. बीज की मात्रा कितनी रखें?
9-12 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर.

Q4. खेती में खास सावधानी क्या है?
जलजमाव न होने दें और बीज उपचार जरूर करें.

Q5. किसानों को क्या फायदा होगा?
कम लागत में जल्दी फसल और अच्छा मुनाफा.

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