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(Image source- AI)
Farming Tips: मौसम का मिजाज बदलने के साथ ही बिहार के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण फसल एडवाइजरी जारी की गई है. बिहार कृषि विभाग के अनुसार, मार्च का महीना जायद की मुख्य फसलों करेला और कद्दू, की बुवाई के लिए सबसे अच्छा समय है. इससे किसानों को बेहतर उत्पादन और ज्यादा मुनाफा मिल सकता है.
कृषि विभाग का कहना है कि अगर किसान सही समय पर बुवाई करते हैं, तो फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है और बाजार में अच्छी कीमत भी मिलती है. साथ ही, इन फसलों की मांग पूरे साल बनी रहती है, जिससे किसानों को नियमित आय का मौका मिलता है. विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे इस 'सही समय' का लाभ उठाएं और वैज्ञानिक तरीके से बुवाई करके अपनी आय और उत्पादन में बढ़ोतरी करें.
दोनों ही फसलों के लिए अच्छी जल निकासी वाली, उपजाऊ दोमट मिट्टी सबसे बेहतर है.
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बिहार सरकार की यह एडवाइजरी राज्य के किसानों को समयबद्ध और वैज्ञानिक कृषि अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. मार्च के महीने में कृषि विभाग के निर्देशों का पालन करके किसान न केवल अपनी फसल को सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि उत्पादन और अपनी समृद्धि की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ा सकते हैं.
सवाल: कद्दू और करेला की बुवाई का सही समय क्या है?
जवाब: मार्च का महीना इन दोनों फसलों की बुवाई के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है.
सवाल: इन फसलों के लिए कैसी मिट्टी चाहिए?
जवाब: अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी सबसे बेहतर रहती है, जिससे उत्पादन बढ़ता है.
सवाल: बुवाई कैसे करें?
जवाब: 2-3 बीज एक गड्ढे में डालें और पौधों के बीच पर्याप्त दूरी रखें ताकि बेल अच्छी तरह फैल सके.
सवाल: सिंचाई कितनी करनी चाहिए?
जवाब: जरूरत के अनुसार हल्की सिंचाई करें और खेत में पानी जमा न होने दें.
सवाल: क्या मचान जरूरी है?
जवाब: हां, करेला और कद्दू बेल वाली फसलें हैं, इसलिए मचान देने से उत्पादन और गुणवत्ता बेहतर होती है.
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