किसानों का ATM है ये 'हरा सोना'! लगा लिया तो 40 साल तक होगी कमाई, सरकार दे रही ₹60 हजार

Bamboo Mission Yojana: अगर कोई किसान न्यूनतम 10 डिसमिल या उससे ज्यादा जमीन पर बांस लगाता है, तो उसे सरकार की ओर से अनुदान दिया जाएगा.
किसानों का ATM है ये 'हरा सोना'! लगा लिया तो 40 साल तक होगी कमाई, सरकार दे रही ₹60 हजार

Bamboo Farming.

Bamboo Mission Yojana: बिहार के किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर है. राज्य सरकार किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए नई योजनाएं शुरू कर रही है. अब सरकार किसानों को बांस की खेती (Bamboo Farming) के लिए सब्सिडी (Subsidy) दे रही है. इस योजना का नाम है- 'बांस मिशन योजना' (Bamboo Mission Yojana), जिसे उद्यान निदेशालय, कृषि विभाग, बिहार सरकार द्वारा चलाया जा रहा है.

क्या है योजना?

अगर कोई किसान न्यूनतम 10 डिसमिल या उससे ज्यादा जमीन पर बांस लगाता है, तो उसे सरकार की ओर से अनुदान दिया जाएगा. सरकार का लक्ष्य है कि किसान आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने और बांस जैसी उपयोगी फसलों से अच्छी कमाई करें.
योजना का फायदा, पहले आओ पहले पाओ, के आधार पर दिया जाएगा.

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क्यों करें बांस की खेती?

  • बांस का उपयोग निर्माण, फर्नीचर, कागज, हस्तशिल्प जैसी कई चीजों में होता है.
  • बाजार में इसकी डिमांड हमेशा बनी रहती है.
  • एक बार लगाने के बाद बांस 40 साल तक उत्पादन देता है.
  • यह फसल कम लागत में ज्यादा मुनाफा देती है.

कितना मिलेगा अनुदान?

  • न्यूनतम 10 डिसमिल से लेकर 50 डिसमिल तक जमीन पर बांस की खेती करने पर ₹60,000 तक का अनुदान मिलेगा.
  • पहली किस्त की राशि के रूप में 50 हजार रुपये दिए जाएंगे.
  • जांच के बाद दूसरी किस्त की अनुदान राशि मिलेगी.

दूसरी किस्त की अनुदान राशि देने से पहले विभागीय पदाधिकारियों से स्थलीय जांच कराई जाएगी. इसमें देखा जाएगा कि बांस लगे हैं या नहीं. बांस लगे मिलेंगे तो 30 फीसदी दूसरी किस्त की अनुदान राशि किसनों को मिलेगी. बांस लगे नहीं मिले तो दूसरी और तीसरी किस्त की राशि नहीं दी जाएगी.

bamboo

  • निजी क्षेत्र में उच्च घनत्व के बांस रोपण अवयव का इकाई लागत 1.2 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर है, जिसका 50% यानी 60 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायतानुदान 2 वर्षों (60:40) में दिया जाएगा.
  • जबकि खेत के मेड़ पर बांस का पौधा लगाने के लिए प्रति पौधा इकाई लागत 300 रुपये का 50 फीसदी यानी 150 रुपये प्रति पौधा की दर से दो वर्षों (60:40) में सहायतानुदान दिया जाएगा.

कौन उठा सकता है फायदा

एक ही परिवार में पति और पत्नी योजना के लाभुक हो सकते हैं बशर्ते पति और पत्नी के नाम से अलग-अलग भूमि निबंधित हो और भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र अलग-अलग हो.

  • योजना का फायदा लेने के लिए इच्छुक कृषकों को-
  • भूमि-स्वामित्व प्रमाण पत्र
  • दो वर्ष पहले से अपडेटेड राजस्व रसीद
  • ऑनलाइन अपडेटेड रसीद
  • वंशावली के आधार पर विधि मान्य भू-स्वामित्व का प्रमाण पत्र अपलोड करना अनिवार्य होगा.

कैसे करें आवेदन?

इसके लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना पड़ेगा. ऑनलाइन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. किसान उद्यान विभाग के वेबसाइट https://horticulture.bihar.gov.in/ पर जाकर बांस की खेती के अनुदान पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

जरूरी दस्तावेज

आवेदन के साथ ये दस्तावेज देना होगा-

  • डीबीटी पंजीकरण,
  • जमीन की रसीद या एलपीसी
  • बैंक खाते का पासबुक

इसमें 78.56 फीसदी सामान्य, 20 फीसदी एससी और 1.44 फीसदी एसटी को बांस की खेती के लिए अनुदान का लक्ष्य रखा गया है.

27 जिलों में लागू होगी योजना-

इस योजना को बिहार के कुल 27 जिलों में लागू किया जाएगा. ये जिले हैं- अररिया, बाँका, बेगूसराय, भागलपुर, दरभंगा, पूर्वी चम्पारण, गोपालगंज, जमुई, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, लखीसराय, मधेपुरा, मधुबनी, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, पूर्णियां, सहरसा, समस्तीपुर, सारण, शिवहर, शेखपुरा, सीतामढ़ी, सिवान, सुपौल, वैशाली एवं पश्चिम चम्पारण में कराया जायेगा.

कैसे होगी बांस की खेती

  • इस योजना के तहत निजी क्षेत्र में उच्च घनत्व का बांस रोपण और खेत के मेड़ पर बांस रोपण करने के लिए सहायतानुदान दिया जाएगा.
  • निजी क्षेत्र में उच्च घनत्व के बांस रोपण के लिए न्यूनतम रकवा 0.04 हेक्टेयर (10 डिस्मील) से अधिकतम 0.2 हेक्टेयर (50 डिस्मील) तक का फायदा दिया जाएगा.
  • जबकि खेत के मेड़ पर प्रति किसान कम से कम 10 पौधा देने का प्रावधान है.
  • बता दें कि बांस को किसान का ATM कहा जाता है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)


सवाल: बांस मिशन योजना क्या है?
जवाब: यह बिहार सरकार की एक योजना है, जिसके तहत किसानों को बांस की खेती करने पर सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाती है.

सवाल: इस योजना का फायदा किसे मिलेगा?
जवाब: बिहार के वे किसान जिनके पास न्यूनतम 10 डिसमिल (0.04 हेक्टेयर) जमीन है.

सवाल: बांस की खेती पर कितना अनुदान मिलेगा?
जवाब: निजी खेत में बांस रोपण पर 60,000 रुपये तक का अनुदान मिलेगा.

सवाल: क्या बांस की खेती लाभदायक है?
जवाब: हां, बांस का उपयोग निर्माण, फर्नीचर, कागज, हस्तशिल्प आदि में होता है.

सवाल: इस योजना के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत है?
जवाब: दस्तावेजों में- भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र, ऑनलाइन अपडेटेड रसीद, वंशावली प्रमाण पत्र, DBT पंजीकरण, बैंक खाता पासबुक और जमीन की रसीद.

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