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Fasal Bima: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत कुछ किसानों को मात्र 1 रुपये, 3 रुपये या 5 रुपये के बीमा दावे मिलने की शिकायतों पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले की गहन जांच के आदेश दिए और बीमा कंपनियों से फसल नुकसान का न्यायसंगत आकलन सुनिश्चित करने को कहा.
मंत्री ने सवाल उठाया कि “क्या बीमा कंपनियां किसानों के साथ मज़ाक कर रही हैं?”, यह कहते हुए कि ऐसे मामूली दावों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा. चौहान ने कहा, सरकार किसानों के साथ अन्याय नहीं होने देगी. 1 रुपये या 5 रुपये का दावा देना किसानों की मेहनत का अपमान है.
कृषि मंत्रालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में मंत्री ने पीएमएफबीवाई के क्रियान्वयन और किसानों की शिकायतों की समीक्षा की. बैठक में सभी प्रमुख बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों को बुलाया गया. चौहान ने बीमा कंपनियों को चेतावनी दी कि वे दावों के निपटान में पारदर्शिता लाएं और एकमुश्त व समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करें.
मंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि दावे के आकलन में यदि कोई प्रणालीगत खामी या तकनीकी त्रुटि है, तो उसे तुरंत दूर किया जाए और योजना के प्रावधानों में आवश्यक संशोधन किए जाएं.
बैठक के दौरान चौहान ने महाराष्ट्र के किसानों से वर्चुअल बातचीत की और उनकी शिकायतें सुनीं. किसानों ने बताया कि फसल नुकसान के बावजूद उन्हें बेहद कम मुआवजा मिला है. मंत्री ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों की हर शिकायत का समाधान तुरंत और प्राथमिकता के आधार पर किया जाए.
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को खरीफ 2016 में शुरू किया गया था. इसका उद्देश्य बुवाई से लेकर कटाई के बाद तक आने वाले प्राकृतिक जोखिमों- सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, चक्रवात या कीट प्रकोप जैसी घटनाओं से किसानों को सुरक्षा प्रदान करना है. योजना का मकसद किसानों को किफायती बीमा प्रीमियम पर व्यापक सुरक्षा कवच देना है, ताकि फसल नुकसान के बाद भी उनकी आर्थिक स्थिरता बनी रहे.
कृषि मंत्री ने साफ कहा कि सरकार किसानों के हितों से किसी तरह का समझौता नहीं करेगी. उन्होंने बीमा कंपनियों को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए. चौहान ने कहा कि मंत्रालय जमीनी स्तर पर आकलन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने, डिजिटल सर्वेक्षण प्रणाली लागू करने और जिला स्तर पर निगरानी को सुदृढ़ करने की दिशा में काम करेगा.
केंद्र सरकार ने संकेत दिया है कि किसानों को बीमा योजना से वास्तविक लाभ दिलाने के लिए अगर जरूरत पड़ी तो योजना में संरचनात्मक सुधार भी किए जाएंगे. मंत्रालय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर किसान को उसके फसल नुकसान के अनुरूप उचित और सम्मानजनक मुआवजा मिले.
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