मछली पालन को मिलेगा बूस्ट, कोस्टल स्टेट्स मीट में ₹255 करोड़ का प्रोजेक्ट होगा लॉन्च

Coastal States Meet: केंद्र सरकार 28 अप्रैल को मुंबई में ‘कोस्टल स्टेट्स मीट 2025’ का आयोजन करने जा रही है, जिसमें समुद्री मत्स्य पालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 255 करोड़ रुपए की लागत वाली मत्स्य परियोजनाओं को पेश किया जाएगा.
मछली पालन को मिलेगा बूस्ट, कोस्टल स्टेट्स मीट में ₹255 करोड़ का प्रोजेक्ट होगा लॉन्च

Fisheries: केंद्र सरकार 28 अप्रैल को मुंबई में ‘कोस्टल स्टेट्स मीट 2025’ का आयोजन करने जा रही है, जिसमें समुद्री मत्स्य पालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 255 करोड़ रुपए की लागत वाली मत्स्य परियोजनाओं को पेश किया जाएगा. शनिवार को एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत मत्स्य पालन विभाग, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह की अध्यक्षता में इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है.

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत 255.30 करोड़ रुपए के कुल परिव्यय के साथ 7 तटीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UT) के लिए प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. समुद्री मत्स्य पालन को मजबूत बनाने और सस्टेनेबल प्रैक्टिस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंत्री कई महत्वपूर्ण पहलों को भी लॉन्च करेंगे. इनमें समुद्री मत्स्य पालन जनगणना संचालन, टर्टल एक्सक्लूडर डिवाइस (TED) प्रोजेक्ट और वेसल कम्युनिकेशन और सपोर्ट सिस्टम के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रक्रिया रिलीज करना शामिल है.

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समुद्री मत्स्य पालन में 5.31 मिलियन टन क्षमता

भारत में मत्स्य पालन क्षेत्र ग्रामीण आजीविका का समर्थन करने और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. एक विशाल तटरेखा और 2.02 मिलियन वर्ग किलोमीटर के एक विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के साथ, भारत समृद्ध समुद्री संसाधनों का दावा करता है. भारत में समुद्री मत्स्य पालन क्षेत्र में महत्वपूर्ण क्षमता है, जिसका अनुमान 5.31 मिलियन टन है.

तटीय राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 3,477 तटीय मछली पकड़ने वाले गांव शामिल हैं, जो देश के कुल मछली उत्पादन का 72 फीसदी उत्पादन करते हैं और भारत के कुल समुद्री खाद्य निर्यात का 76 फीसदी हिस्सा हैं.

लाभार्थियों को मिलेंगे ये फायदे

प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PMMKSSY) के तहत लाभार्थियों को एक्वा इंश्योरेंस सर्टिफिकेट (Aqua Insurance certificates) और किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Cards- KCC) भी मिलेंगे. सरकार ने पहली बार एक्वा बीमा की शुरुआत की है, जो एक्वा किसानों को डेडिकेटेड वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है. यह ऐतिहासिक पहल मत्स्य पालन क्षेत्र में हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए लक्षित बीमा कवरेज, डिजिटल पहुंच और केंद्रित समर्थन सुनिश्चित करती है.

कोस्टल स्टेट्स मीट 2025 में प्रमुख तकनीकी सत्र भी होंगे. इसके अलावा, इस कार्यक्रम में मत्स्य पालन और जलीय कृषि क्षेत्र में इनोवेटिव टेक्नोलॉजी, प्रोडक्ट और पहलों को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी.

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