अमेरिका को महंगे बासमती चावल का निर्यात, डंपिंग का सवाल ही नहीं- वाणिज्य सचिव

Basmati Rice Export: भारतीय चावल पर अमेरिका में पहले से ही 50% इम्पोर्ट ड्यूटी लागू है और मौजूदा व्यापार संरचना को देखते हुए डंपिंग का आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं है.
अमेरिका को महंगे बासमती चावल का निर्यात, डंपिंग का सवाल ही नहीं- वाणिज्य सचिव

Basmati Rice Export: वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि भारत द्वारा अमेरिका को चावल की डंपिंग किए जाने का कोई मामला नहीं बनता, क्योंकि अमेरिका को भारत से होने वाला निर्यात मुख्य रूप से महंगे बासमती चावल तक सीमित है. अग्रवाल ने बताया कि भारत के कुल चावल निर्यात का 80% से ज्यादा हिस्सा बासमती चावल का है, जो एक जीआई टैग (GI) उत्पाद है. गैर-बासमती सफेद चावल का निर्यात अमेरिका को बहुत कम होता है.

उन्होंने कहा कि भारतीय चावल पर अमेरिका में पहले से ही 50% इम्पोर्ट ड्यूटी लागू है और मौजूदा व्यापार संरचना को देखते हुए डंपिंग का आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं है.

डंपिंग की आशंका का खंडन

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वाणिज्य सचिव ने कहा कि अमेरिका में भारतीय बासमती चावल की बिक्री कीमतें भारत की सामान्य निर्यात कीमतों से भी कहीं ज्यादा रहती हैं. उन्होंने कहा, जब निर्यात मूल्य ऊंचे हों और उत्पाद प्रीमियम श्रेणी का हो, तब डंपिंग का पहली नजर कोई आधार नहीं बनता.

अमेरिकी जांच अभी शुरू नहीं

अग्रवाल ने इस बात की पुष्टि की है कि अमेरिका की ओर से भारतीय चावल के खिलाफ अब तक कोई डंपिंग जांच शुरू नहीं की गई है.

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डंपिंग क्या होती है?

डंपिंग उस स्थिति को कहा जाता है, जब कोई देश अपने उत्पाद को विदेशी बाजार में उसकी वास्तविक लागत या घरेलू कीमत से कम दर पर बेचता है. इसका उद्देश्य बाजार हिस्सेदारी बढ़ाना हो सकता है, लेकिन इससे आयातक देश के स्थानीय उद्योग को नुकसान पहुंचता है.

भारतीय चावल पर नए टैरिफ लगाने के संकेत

दिसंबर की शुरुआत में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि भारत को अमेरिकी बाजार में चावल ‘डंप’ नहीं करना चाहिए और अगर जरूरत पड़ी तो इस ‘समस्या’ का समाधान शुल्क के जरिये किया जाएगा. अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारतीय चावल पर और ज्यादा शुल्क लगाने के संकेत भी दिए थे.

अमेरिकी किसानों ने चावल की गिरती कीमतों की ओर इशारा करते हुए शिकायत की थी. उनका दावा है कि भारत, वियतनाम और थाईलैंड जैसे देशों से हो रहा सस्ता इंपोर्ट उनकी फसलों के मूल्य को कम कर रहा है.

FAQs

1. वाणिज्य सचिव ने क्या स्पष्ट किया?
भारत अमेरिका को मुख्य रूप से महंगा बासमती चावल निर्यात करता है, इसलिए डंपिंग का कोई मामला नहीं बनता.

2.अमेरिका को भारत कौन-सा चावल निर्यात करता है?
80% से ज्यादा निर्यात बासमती चावल.

3. डंपिंग क्या होती है?
किसी उत्पाद को विदेशी बाजार में उसकी लागत या घरेलू कीमत से कम दाम पर बेचना.

4. क्या भारतीय चावल अमेरिकी बाजार में सस्ते दाम पर बेचा जा रहा है?
नहीं.

5. क्या अमेरिका ने भारत के खिलाफ कोई डंपिंग जांच शुरू की है?
नहीं.

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