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Arabi ki kheti: किसान अब नकदी फसलों की खेती से अच्छी कमाई कर रहे हैं. किसान सब्जियां, फल और फूल की खेती कर रहे हैं. एक ऐसी सब्जी है जिसकी खेती के लिए न तो ज्यादा पानी की जरूरत है, और न ही किसी खास तरीके की. पारंपरिक तरीके से भी इसकी खेती करके किसान आसानी से लाखों का मुनाफा कमा सकते हैं. खास बात ये है कि बाजार में इसकी मांग हमेशा रहती है. हम बात कर रहे हैं अरबी की. इसकी खेती से किसान कम समय में बंपर कमाई कर सकते हैं.
आज कल बाजार में अरबी की डिमांड बहुत बढ़ रही है. इसमें काफी पौष्टिक गुण मौजूद होते हैं, इसमें विटामिन A,B, C, कैल्शियम, पोटेशियम और एंटी-ऑक्सिडेंट भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इसलिए लोग आज कल इसे ज्यादा खरीद कर खाने लगे हैं.
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बाजार में इसकी मांग ज्यादा होने के कारण इसका रेट भी अच्छा मिलता है. अरबी के साथ इशके पत्तों की लोग सब्जी के साथ बड़े चाव के साथ खाते हैं. यह पत्ते स्वादिष्ट के साथ-साथ पौष्टिक भी होते हैं. इन गुणों की होने की वजह से इसकी खेती करके आप भी अच्छा मुनाफा कमा सकते है.
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अरबी की खेती कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाली है. गर्म और नम जलवायु में अच्छी उपज देने वाली इस फसल से किसान सिर्फ 5-6 महीनों में प्रति एकड़ ₹1.5 लाख तक का मुनाफा कमा सकते हैं. सही किस्म, समय पर सिंचाई से अरबी की पैदावार 80–100 क्विंटल प्रति एकड़ तक हो सकती है.
देश में अरबी के अनेक रोग प्रतिरोधी किस्में उपलब्ध है जैसे- जाखड़ी, टोपी और मुक्ताकेशी आदि. रोग प्रतिरोधी किस्मों में रोगग्राही किस्मों की तुलना में रोग की शुरुआत देर से होती है और उसका फैलाव भी अपेक्षाकृत धीमा होता है. जहां इस बीमारी का प्रकोप प्रति वर्ष होता है वहां मुक्ताकेशी आदि रोग प्रतिरोधी किस्मों को लगाना फायदेमंद होगा.
अरबी की फसल 5 से 7 महीने के बाद खुदाई के लिए तैयार हो जाती है. वैसे तो 140 से 150 दिनों बाद कंदों की खुदाई कर बाजार में भेजा जा सकता है. बीज और भंडारण के लिए अरबी की खुदाई नवंबर-दिसंबर में कुदाल से किया जाता है. खुदाई के बाद कंदों की सफाई कर 2-3 दिनों तक छांव में पक्का फर्श पर सुखाकर हवादार स्टोरेज हाउस में स्टोर करें.
Q1: अरबी की खेती के लिए किस तरह की जलवायु और तापमान की जरूत होती है?
Ans: इस फसल के लिए गर्म औरननम जलवायु की जरूती होती है. 21 से 27 डिग्री सेल्सियस तापमान बेहतर होता है.
Q2: अरबी की खेती के लिए मिट्टी कैसी होनी चाहिए?
Ans: अरबी की खेती के लिए उपजाऊ और अच्छे जल निकास वाली मिट्टी की जरूरती होती है. घटिया निकास वाली मिट्टी में इसकी खेती से बचना चाहिए.
Q3: अरबी की बुवाई का सही समय क्या है?
Ans: अरबी की खेती खरीफ और रबी दोनों मौसम में की जाती है.
Q4: अरबी की बुवाई कैसे की जाती है?
Ans: अरबी की बुवाई कंद से की जाती है. प्रति हेक्टेयर में 8-9 क्विंटल कंद की जरूरत होती है.
Q5: अरबी की कुछ उन्नत किस्में कौन-कौन सी हैं?
Ans: पंचमुखी, सफेद गौरिया, सहस्रमुखी और सी-9 सलेक्शन. इसके अलावा इंदिरा अरबी-1 और नरेंद्र अरबी-1 भी अच्छे उत्पादन वाली किस्में हैं.