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Gladiolus cultivation: खेती-किसानी के पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़ते हुए अब देश के किसान नकदी फसलों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं. ऐसी ही एक खेती है ग्लैडिओलस (Gladiolus) की, जो अपने सुंदर फूलों के कारण न केवल बाजार में भारी मांग रखती है, बल्कि किसानों को कम समय में अधिक मुनाफा भी दिला रही है. खासकर सर्दियों के मौसम में यह फूल शादी-ब्याह जैसे आयोजनों में खूब उपयोग होता है.
ग्लैडिओलस एक खूबसूरत सजावटी फूल है, जिसे 'सॉर्ड लिली' के नाम से भी जाना जाता है. इसकी खेती मुख्य रूप से कट फ्लावर (कटे हुए फूल) के तौर पर की जाती है और यह बाजार में अच्छी कीमत पर बिकता है.
ग्लैडिओलस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि 60-90 दिनों में फूल तैयार हो जाते हैं. प्रति एकड़ में करीब 80,000 से 1 लाख रुपये तक की कमाई संभव है. एक बार बल्ब लगाने के बाद कई बार उपयोग किया जा सकता है. स्थानीय बाजारों के अलावा मेट्रो शहरों में भी इसकी भारी मांग है.
फूलों की सजावट के क्षेत्र में ग्लैडिओलस की मांग साल दर साल बढ़ती जा रही है. शादी, पार्टी, होटल्स और धार्मिक आयोजनों में इसकी भारी खपत होती है. इसके अलावा, निर्यात के लिए भी यह फूल अच्छा विकल्प बनता जा रहा है.
कई कृषि विश्वविद्यालय और बागवानी विभाग ग्लैडिओलस की खेती को बढ़ावा दे रहे हैं. किसानों को प्रशिक्षण, बल्ब की सप्लाई और मार्केटिंग में सहायता दी जा रही है.
ग्लैडिओलस की खेती उन किसानों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभर रही है, जो पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं. बदलते बाजार और उपभोक्ता रुझान के साथ यह फूल खेती का भविष्य बन सकता है.
Q1. ग्लैडिओलस क्या है और इसकी खेती क्यों करें?
ग्लैडिओलस एक सजावटी फूल है. इसकी खेती कम समय में तैयार होती है और अच्छा मुनाफा देती है.
Q2. ग्लैडिओलस की बुवाई का सही समय क्या है?
इसकी बुवाई का सबसे उपयुक्त समय अक्टूबर से नवंबर तक होता है.
Q3. इस फूल की फसल कितने समय में तैयार होती है?
ग्लैडिओलस की फसल 60 से 90 दिनों के भीतर फूल देने लगती है.
Q4. ग्लैडिओलस की खेती के लिए कौन सी मिट्टी उपयुक्त है?
बलुई दोमट मिट्टी जिसमें जल निकासी की अच्छी व्यवस्था हो, ग्लैडिओलस के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है.
Q5. ग्लैडिओलस की खेती में प्रति एकड़ कितना खर्च आता है?
एक एकड़ में खेती करने पर करीब 25,000 से 30,000 रुपये का खर्च आता है.
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