&format=webp&quality=medium)
जीएसटी काउंसिल की बैठक में छोटे कारोबारियों को राहत देने पर सहमति बनी है.
गुरुवार को जीएसटी काउंसिल की बैठक संपन्न हो रही है. वित्तमंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता चल रही इस बैठक में कई बड़े फैसलों पर चर्चा हो रही है. बैठक में छोटे कारोबारियों को राहत देने पर सहमति बनी है. जानकारी के मुताबिक, बैठक में कंपोजिशन स्कीम का दायरा बढ़ाने और जीएसटी की सीमा को लेकर कई बदलाव किए गए हैं. जीएसटी परिषद की यह 32वीं बैठक हो रही है. हालांकि मंत्रियों के एक समूह ने कंपोजिशन स्कीम की लिमिट को बढ़ाने पर अपनी सहमति पहले ही दे दी थी.
जानकारी के मुताबिक, बैठक में छोटे व्यापारी और निर्माता को राहत देते हुए कंपोजिशन स्कीम का दायरा बढ़ाने पर सहमति बनी है. कंपोजिशन स्कीम का सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.5 करोड़ कर दी गई है. यानी अब डेढ़ करोड़ रुपये के टर्नओवर वाले निर्माता को इस स्कीम का फायदा मिलेगा. नया नियम इस साल 1 अप्रैल से लागू होगा.
कंपोजिशन स्कीम का दायरा बढ़ाने के अलावा एसएमई (सूक्ष्म और लघु उद्योग) को वार्षिक रिटर्न फाइल करने की छूट दे दी है. पहले हर तीसरे महीने रिटर्न भरना होता था. हालांकि इन्हें हर तिमाही टैक्स भरना होगा.
इसके अलावा लॉटरी माफिया पर राज्यों के लॉटरी के बराबर जीएसटी लगाने पर भी विचार किया गया. हालांकि इस फैसले का कुछ लोगों ने विरोध भी किया. केरल के वित्त मंत्री थॉमस इसाक ने इसका विरोध करते हुए कहा कि चुनाव के चलते सरकार अपने फैसलों को राज्यों से सलाह-मशविरे के बिना जीएसटी कॉउंसिल पर थोप रही है. उन्होंने कहा किऐसे फैसलों पर कॉउंसिल के अंदर बहस की जाएगी. हालांकि कंपोजिशन स्कीम का दायरा बढ़ाने का उन्होंने स्वागत किया. लेकिन लॉटरी पर लिए फैसले का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि लॉटरी माफिया पर राज्यों के लॉटरी के बराबर जीएसटी लगाना हमे स्वीकार नहीं है. राज्यों की लॉटरी पर जीएसटी दर बढ़ाना ठीक नहीं है. हम दूसरे राज्यों के साथ मिलकर सरकार के एजेंडे का विरोध करेंगे.
जीएसटी का दायरा बढ़ाने पर चर्चा
जानकारी के मुताबिक, जीएसटी परिषद की बैठक में जीएसटी के दायरे को बढ़ाने पर भी चर्चा हो रही है. अभी तक जीएसटी का दायरा 20 लाख का टर्नओवर वाले कारोबारी है. चर्चा है कि इस सीमा को बढ़ाकर 40 या 50 लाख रुपये किया जा सकता है. इस फैसले से बड़ी संख्या में छोटे कारोबारी जीएसटी के दायरे से बाहर हो जाएंगे.
पिछली बैठक 23 दिसंबर को संपन्न हुई थी और इसमें 26 चीजों पर टैक्स की दर को कम किया गया था.
(प्रकाश प्रियदर्शी की रिपोर्ट)