Zomato ने फिर बढ़ा दी Platform Fees, जानिए खाना ऑर्डर करना हो गया कितना महंगा, देखिए टोटल बिल का पूरा ब्रेकअप

जोमैटो (Zomato) ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी है. जोमैटो ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस को ₹12.50 से बढ़ाकर ₹14.90 कर दिया है. कंपनी के अनुसार, यह नई दरें फिलहाल एक 'पायलट' या अस्थायी बदलाव के तौर पर लागू की गई हैं, जो केवल रविवार (22 मार्च 2026) तक प्रभावी रहेंगी.
Zomato ने फिर बढ़ा दी Platform Fees, जानिए खाना ऑर्डर करना हो गया कितना महंगा, देखिए टोटल बिल का पूरा ब्रेकअप

अगर आप इस वीकेंड घर बैठे जोमैटो से अपना पसंदीदा खाना मंगवाने की सोच रहे हैं, तो आपके बिल में एक छोटा सा बदलाव देखने को मिल सकता है. जोमैटो की मूल कंपनी इटरनल (Eternal Ltd) ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस में मामूली लेकिन अहम बढ़ोतरी कर दी है. जोमैटो ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस को ₹12.50 से बढ़ाकर ₹14.90 कर दिया है.

अक्सर छुट्टियों और त्योहारों के दौरान जब ऑर्डर्स की संख्या अचानक बढ़ जाती है, तो कंपनियां अपनी सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए ऐसी फीस बढ़ाती हैं. आइए, इस ताजा अपडेट के हर पहलू को विस्तार से समझते हैं.

कितना बढ़ा बोझ?

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जोमैटो ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस को ₹12.50 से बढ़ाकर ₹14.90 कर दिया है. यानी अब आप जोमैटो से जो भी कुछ ऑर्डर करेंगे, वह आपको 2.40 रुपये ज्यादा महंगा पड़ेगा.

बढ़ोतरी: प्रति ऑर्डर लगभग ₹2.40 की वृद्धि की गई है.

जीएसटी: ध्यान रहे कि यह फीस आमतौर पर टैक्स (GST) के बिना होती है, यानी अंतिम बिल में यह राशि थोड़ी और बढ़ सकती है.

समय सीमा: कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था फिलहाल रविवार (22 मार्च 2026) तक के लिए ही है. इसके बाद फीस दोबारा पुरानी दरों पर लौट सकती है या मांग के आधार पर तय की जाएगी.

तो अब क्या हो जाएगा बिल का ब्रेकअप?

अगर आप जोमैटो के किसी बिल के देखें, तो उसमें आपको 5 चीजें प्रमुखता से दिखेंगी. पहला है आइटम, जो आपने खरीदा है. दूसरा होगा उसका पैकिंग चार्ज. तीसरा होता है प्लेटफॉर्म फीस. चौथा है डिलीवरी फीस, जो एक तय सीमा से बड़ा ऑर्डर होने पर कंपनी माफ भी कर देती है. पांचवां और आखिरी है जीएसटी, जो आपको चुकाना ही होगा. ध्यान रहे की जीएसटी ऊपर के चारों चीजों को जोड़ने के बाद लगता है, तो प्लेटफॉर्म फीस जितनी बढ़ी है, आपका टोटल बिल उससे ज्यादा बढ़ेगा, क्योंकि उस पर जीएसटी भी लगेगी.

अगर आप टोटल बिल के ब्रेक-अप को आसान तरीके से समझना चाहते हैं तो आप नीचे दिए गए बिल को देख सकते हैं. इसमें प्लेटफॉर्म फीस आप देख सकते हैं कि 14.90 रुपये है. भले ही आपका ऑर्डर कितना भी बड़ा या छोटा हो, यह फीस नहीं बदलती है.

zomato

क्या यह स्थायी है?

फिलहाल कंपनी ने इसे रविवार तक के लिए ही बताया है. इसे एक 'सीजनल एडजस्टमेंट' माना जा सकता है. अगर यह प्रयोग सफल रहता है और ऑर्डर वॉल्यूम पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता, तो भविष्य में इसे स्थायी रूप से लागू किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

₹2 से ₹14.90 तक का सफर

जोमैटो के ऑर्डर पर प्लेटफॉर्म फीस लगने के सफर की शुरुआत अगस्त 2023 से हुई थी. उसके बाद धीरे-धीरे ये फीस बढ़ती चली गई और अब 14.90 रुपये पर पहुंच गई है. देखिए अब तक का पूरा सफर इस टेबल की मदद से.

सालफीस
अगस्त 2023₹2
अक्टूबर 2023₹3
जनवरी 2024₹4
अप्रैल 2024₹5
दिसंबर 2024₹10
सितंबर 2025₹12
दिसंबर 2025₹12.50
मार्च 2026₹14.90

Conclusion

जोमैटो द्वारा प्लेटफॉर्म फीस में की गई यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि फूड डिलीवरी कंपनियां अब डिस्काउंट से हटकर मुनाफे की ओर ध्यान दे रही हैं. हालांकि ₹14.90 की यह फीस केवल रविवार तक के लिए है, लेकिन यह भविष्य की ओर इशारा करती है कि आने वाले समय में डिलीवरी सेवाएं और महंगी हो सकती हैं.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1- क्या जोमैटो गोल्ड (Gold) मेंबर्स को भी यह फीस देनी होगी?

हां, प्लेटफॉर्म फीस आमतौर पर सभी ग्राहकों के लिए अनिवार्य होती है, चाहे उनके पास गोल्ड मेंबरशिप हो या नहीं.

2- क्या यह फीस पूरे भारत में बढ़ी है?

फिलहाल यह अपडेट प्रमुख महानगरों (जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु) और हाई-डिमांड वाले क्षेत्रों के लिए लागू किया गया है.

3- क्या ब्लिंकिट (Blinkit) पर भी फीस बढ़ी है?

ब्लिंकिट (जो इटरनल का ही हिस्सा है) की अपनी अलग फीस संरचना है, लेकिन आमतौर पर ग्रुप कंपनियां एक साथ ही कीमतें बढ़ाती हैं.

4- सोमवार से फीस कितनी होगी?

यदि कंपनी इसे आगे नहीं बढ़ाती है, तो सोमवार से फीस वापस ₹12.50 हो जानी चाहिए.

5- क्या मैं प्लेटफॉर्म फीस देने से बच सकता हूं?

नहीं, ऐप के जरिए ऑर्डर करने पर यह शुल्क ऑटोमैटिक बिल में जुड़ जाता है. आप केवल सीधे रेस्टोरेंट से ऑर्डर करके या 'टेकअवे' विकल्प चुनकर इससे बच सकते हैं.

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